जोधपुर, 18 सितंबर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज अपने गृह जिले
जोधपुर में 512 इंदिरा रसाइयों का शुभारंभ किया। सीएम गहलोत ने नई इन्दिरा रसोइयों के
उद्घाटन के बाद वहां भोजन करने पधारे लोगों को भोजन परोसा एवं भोजन कर चुके लोगों से
बातचीत करना योजना के बारे में फीडबैक भी लिया। उद्घाटन के बाद सीएम गहलोत ने विधानसभा
अध्यक्ष सीपी जोशी, पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा, विधायक सूर्यकांता व्यास, संयम लोढ़ा,
कृष्णा पूनिया, मनीषा पंवार, मेयर कुंती देवड़ा के साथ भोजन किया। अब प्रदेश में इन्दिरा रसोइयों
की संख्या 870 हो गई है। जिनमें 8 रुपये में शुद्ध, ताजा एवं पौष्टिक भोजन मिलेगा। इन्दिरा रसोई
की प्रत्येक थाली में राज्य सरकार 17 रुपये अनुदान देती है। जिससे प्रतिदिन लाखों लोग लाभान्वित
होते हैं। सीएम गहलोत ने जोधपुर के पुराना नगर निगम कार्यालय सोजती गेट पर इन इंदिरा
रसोइयों का उद्घाटन किया। योजन के तहत सरकार 8 रुपये में एक समय का भोजन देती है।
7 करोड़ भोजन की थालियां परोसी
योजनान्तर्गत जिलास्तरीय समन्वय समिति की पूर्वानुमति से एक्सटेन्शन काउन्टर बनाकर भी भोजन
वितरण किए जाने का प्रावधान है। अब तक योजनान्तर्गत 7.01 करोड़ भोजन थाली परोसी जा चुकी
है, जो की लक्ष्य का 72.32 प्रतिशत है। 1000 रसोईयों के संचालित होने पर प्रतिवर्ष 13.81 करोड़
भोजन थाली परोसी जाकर व्यक्तियों को लाभान्वित किया जा सकेगा।इंदिरा रसोई में भोजन मैन्यू में
प्रति व्यक्ति 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी 250 ग्राम चपाती एवं अचार परोसा जाता है।
लाभार्थियों के लिए भोजन प्रायोजित परिजनों की वर्षगांठ, जन्मदिन वा अन्य किसी उपलक्ष्य में
भोजन प्रायोजित करने की व्यवस्था योजनान्तर्गत अब तक 35 हजार 325 भामाशाहों द्वारा भोजन
प्रायोजित किया जा चुका है।
250 करोड़ का बजट प्रावधान
वर्तमान में 358 रसोईयां संचालित है जिन्हें बजट घोषणा में बढ़ाकर 1000 किया गया है।
योजनान्तर्गत प्रतिवर्ष 125 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था जिसे वित्तीय वर्ष 2022- 23 की
बजट घोषणा में बढ़ाकर 250 करोड़ रूपये किया गया। योजना के तहत अनुदान हेतु 50 प्रतिशत
राशि नगर निकायों को देय राज्य वित्त आयोग अनुदान तथा शेष 50 प्रतिशत प्रथमतया मुख्यमंत्री
सहायता कोष से या आवश्यकता होने पर अन्य मदों से की जाती है।रसोईयों में आधारभूत संरचना
हेतु 5 लाख रूपये की प्रति रसोई एकमुश्त राशि तथा आवर्ती संरचना हेतु प्रति रसोई प्रतिवर्ष 3 लाख
रुपये राशि दी जाती है। इंदिरा रसोई में प्रारम्भ से अंत तक पेपर लेस कार्य एवं इस हेतु इन्दिरा
रसोई वेब पोर्टल, वेबसाईट विकसित किया गया है।आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग कर लाभार्थियों
के वास्तवित फोटो इन्दिरा रसोई पोर्टल पर अपलोड किये जाते है।

