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नोएडा, 30 अक्टूबर। नोएडा से ग्रेनो वेस्ट के बीच चलने वाली मेट्रो को लेकर नौ नवंबर
को दिल्ली में अहम बैठक होगी।

इस दिन नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) की ओर से
इस लाइन को लेकर वित्त मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा।

बैठक में मंजूरी होते ही इस
कैबिनेट के पास भेज दिया जाएगा।

ऐसे में उम्मीद है कि नवंबर महीने में कैबिनेट से इस लाइन को
मंजूरी मिल सकती है।

केबिनेट से मंजूरी होने के बाद लाइन के निर्माण को लेकर टेंडर जारी किया जाएगा। इसमें तीन से
चार महीने का समय लग जाता है।

अगर पहली बार ही में टेंडर प्रक्रिया में कंपनी का चयन हो जाता
है तो मार्च 2023 के आसपास मेट्रो का काम शुरू हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि

प्रस्तुतीकरण में वित्त मंत्रालय के अधिकारी देखेंगे कि मेट्रो की यह परियोजना किस तरह से आर्थिक

रूप से उपयोगी साबित होगी। प्रस्तुतीकरण को लेकर एनएमआरसी अधिकारियों ने पूरी तैयारी कर ली
है।

प्रस्तुतीकरण 14.95 किलोमीटर के रूट का होगा इसमें एक्वा लाइन के सेक्टर-51 स्टेशन से नॉलेज
पार्क तक के 9 स्टेशन शामिल हैं। काम दो चरणों में करवाया जाना है। पहले चरण में 9.1555

किलोमीटर के कॉरिडोर का काम होगा। यह सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-2 तक होगा। इस
कॉरिडोर पर पांच स्टेशन होंगे। इसमें नोएडा सेक्टर-122, नोएडा सेक्टर-123, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4,

ईकोटेक और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2 होगा। दूसरे चरण में दूसरे चरण में 5.8025 किलोमीटर का काम

होगा। इस कॉरिडोर पर चार स्टेशन होंगे। इसमें ग्रेटर नोएडा सेक्टर-3, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-10, ग्रेटर
नोएडा सेक्टर-12 और ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क-5 स्टेशन शामिल होंगे।