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गाजियाबाद, 29 सितंबर टीएचए में बने पंडाल में मां दुर्गा की मूर्तियां आनी शुरू हो गई
हैं। कल (षष्ठी) से दुर्गा पूजा का आयोजन शुरू हो जाएगा। ऐसे में सभी पंडाल के पूजा समितियों ने

तैयारियां पूरी कर ली है। नवमीं तक पूजा दुर्गा का आयोजन किया जाएगा। दशमी को पूजा करने के
बाद मां का विसर्जन किया जाएगा।

कोरोना काल के दो साल बाद टीएचए में सोसाइटी, पार्क और कॉलोनी में दुर्गा पूजा का आयोजन
किया जा रहा है। इस बार टीएचए में 30 से अधिक पंडालों में दुर्गा पूजा का अयोजन किया जा रहा

है। अधिकांश पंडालों में दुर्गा मां की मूर्तियां आनी शुरू हो गई। वहीं, कई पंडालों में मंगलवार को मां
की मूर्ति आएगी। इसके लिए पूजा समितियों ने तैयारियां पूरी कर ली है। पष्ठी के दिन मां की पूजा

करने के बाद मां के दर्शन के लिए मुख खोल दिया जाएगा। वैशाली सेक्टर-तीन स्थित सरबोजनीन
श्री श्री काली पूजा समिति के सह सचिव बसंतो दास और मीनाल बक्शी ने बताया कि पंडाल में मां

की मूर्तियां आ गई है। षष्ठी के दिन पूजा-अर्चना करने के बाद दुर्गा पूजा शुरू हो जाएगा। बंगाली
कल्चर के साथ दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है।

इस बार मुंबई का गेटवे ऑफ इंडिया पंडाल
के रूप में बनाया गया है।

बंगाली सभ्यता की दिखेगी झलक
टीएचए के शिप्रा रिवेरा सोसाइटी, शालीमार गार्डन के एक्सटेंशन-दो स्थित दुर्गा शक्ति पार्क में

शालीमार गार्डन पूजा समिति, इंदिरापुरम के पुस्ता रोड पर क्लॉउड-9 सोसाइटी के पीछे प्रांतिक
कल्चरल सोसाइटी द्वारा दुर्गा पूजा पंडाल में अल्पोना कलाकृति की झलक दिखाई जाएगी। शालीमार

गार्डन पूजा समिति की पदाधिकारी मंजूरी मजमूदार ने बताया कि पंडाल में अल्पोना कलाकृति के
साथ ग्रामीण बंगाल की झलक दिखाई देगी।

वहीं, इसमें बांस से बनी कुलो आकर्षण का केंद्र रहेगा।
शिप्रा सनसिटी में बना है भव्य पंडाल

इंदिरापुरम के शिप्रा सनसिटी सोसाइटी के सेंट्रल पार्क में बोंगोटोरू पूजा समिति द्वारा भव्य पंडाल
बनाया गया है। 500 साल पुराने पारंपरिक नृत्य रूप और सांस्कृतिक विरासत (द मिस्टिकल मास्क)

पर आधारित पूजा पंडाल सजाया जा रहा है। पंडाल में तरह-तरह के मुखौटा के माध्यम से दिखाने का
प्रयास किया गया है। वहीं, इन्हीं मुखौटे की तरह मां दुर्गा की मूर्ति भी लगाई गई है। पंडाल में मां

दुर्गा सहित अन्य मूर्तियों को बनाने के लिए घटक मिट्टी का प्रयोग किया गया है, जो पश्चिम बंगाल
से लाई गई है और पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल है। वहीं, इंदिरापुरम के ज्ञानखंड-तीन स्थित

शिप्रा रिवेरा सोसाइटी में सरबोजोनिन दुर्गा पूजा एंड सांस्कृतिक समिति द्वारा आजादी के 75 वर्ष
होने पर अमृत महोत्सव के तर्ज पर दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा हैं।