इंडिया सावधान न्यूज़ लखनऊ जनपद बदायूं में भू माफिया पूरे जनपद में हावी होते जा रहे हैं, ऐसा लगता है भू माफियाओं के सामने प्रशासन उनके सामने बोना साबित होता नजर आ रहा है।
जैसा कि सहसवान में लगभग करोड़ों की शत्रु संपत्ति पर अवैध कब्जे उसके बाद उनके फिर उनके अवैध बैनामे, और तो उसके एक नंबर पर तहसील के अभिलेखों में कब्रिस्तान दर्ज है और उसमें मौके पर लगभग 87 कबरें बनी हुई थी जो कि
काफी पुरानी कबरें थीं उनको भी तोड़कर और खोदकर उसमें से जो आस्तियां मिली उन सबको एकत्रित कर कुछ तो गंगा में डाल दिया और कुछ मौके पर ही गहरे गड्ढे खोदकर उसमें दबा दिया गया,बात यही खतम नहीं होती है उस भूमि
का जो स्वामी था वोह पाकिस्तान चला जाता है और वहां की नागरिकता हासिल कर लेता है और उसकी जो संपत्ति भारत में रह जाती उस पर भू माफिया काबिज हो जाते हैं और सरकार के नुमाइंदे सरकार की करोड़ों रुपए की भूमि पर खुल्लम
खुल्ला कब्जा कराकर चपत लगवा देते हैं, जबकि नियमानुसार उक्त शत्रु संपत्ति सरकार की हो जाती है और सरकार उसको अपने कब्जे में ले लेती है, मगर ऐसा न हुआ
इस कब्जे को लेकर सरकार के नुमाइंदे गंभीर नजर नहीं दिखे,
यह विवादित भूमि पिछले कुछ वर्षों से अत्यधिक चर्चा में रही है।
इसी भूमि पर सहसवान के प्रथम चेयरमैन स्व.हबीब खां की कब्र थी जिसपर आज मारुति का शोरूम खड़ा है। आरोप है कि यहां दर्जनों कब्रें मौजूद थीं।
लोगों का कहना है कि यहां कुल 87 कब्रें थीं। जिनको कुछ भूमाफियाओं और तहसील प्रशासन ने नेताओं और प्रशासन के साथ सांठ गांठ करके क़ब्रों को नष्ट करके उनकी अस्थियां रातों रात हटवा दी गईं। जब कुछ बुजुर्गों से बात की गई तो
नाम न छापने और पहचान गुप्त रखने की शर्त पर कुछ लोगों का तो यहां तक कहना है कि अब ये जगह शापित है। इन क़ब्रों को नष्ट करने वाले और इस संपत्ति को खरीदने व बेचने वाले कभी खुश नहीं रहेंगे। जिसने भी इस संपत्ति को हड़पने
में किसी भी प्रकार की भूमिका निभाई है या क्रय विक्रय किया है, उनका कुछ न कुछ बुरा हुआ है और आगे भी होता रहेगा। कुछ लोगों का कहना है कि अब जब ये मुद्दा दोबारा उठा है तो अब ये मुख्यमंत्री तक लेकर जाएंगे। हमे आशा है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बुलडोज़र यहां ज़रूर चलेगा, प्रशासन आंख कान बंद किए चैन की कुंभ करणी नींद सो रहा ,न जाने कब जागेगा और इन दुष्टों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही कर अवैध कब्जों से मुक्त होगी और अवैध बैनामे रद्द
किए जायेंगे ,वहीं भू माफिया का वजीरगंज नगर पंचायत में देखने को मिला अवैध दुकानों पर फर्जी नोटिस चिपका दिए ,जिसको प्रशासन ने फर्जी नोटिस पुतवाए और असली नोटिस चस्पा कराए अब भू माफिया को प्रशासन की इस कार्रवाई
से बहुत बड़ा झटका लगा है सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि उक्त भू माफिया पर किसी भी समय प्रशासन अपना शिकंजा कस सकता है।

