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डीसा (बनासकांठा), 03 सितंबर । गुजरात के बनासकांठा जिलान्तर्गत डीसा में लव जिहाद
की घटना के विरोध में विभिन्न हिंदू संगठनों ने शनिवार को सड़कों पर उतर कर आक्रोश रैली

निकाली। रैली में 15 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। इस दौरान रैली को अल्पसंख्यक समुदाय
वाले क्षेत्र में जाने से रोकने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। रैली के बाद डीसा में

सरदारबाग के सामने आयोजित जनसभा में राजनीतिक नेताओं समेत हिंदू संगठनों ने अल्पसंख्यक
समुदाय से इस तरह की गतिविधियों को रोकने का आह्वान कर आक्रोश जताया।

डीसा के मालगढ़ गांव में माली परिवार की एक लड़की को अल्पसंख्यक समुदाय के एक युवक ने
बरगलाया और लड़की की मां और भाई का धर्म परिवर्तन करवाया और 25 लाख रुपये की मांग की।

इसी को लेकर आज माली समाज और हिंदू संगठनों द्वारा बंद का ऐलान किया गया, जिसे सभी
समाजों, विभिन्न व्यापार संघों और विभिन्न सामाजिक और स्वैच्छिक संगठनों ने अपना समर्थन

दिया। लोगों के इस आक्रोश के मद्देनजर आज डीसा शहर बंद रहा। डीसा के सरदार बाग के सामने

सुबह से विशाल विरोध रैली निकाली गई। रैली सरदार बाग से एससीडब्ल्यू स्कूल होते हुए फव्वारा
सर्किल, सुभाष चौक, हीरा बाजार होते हुए सरदार बाग पहुंची।

हालांकि रास्ते में पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा, क्योंकि हीरा बा

जार के मोर्चे से रैली का
प्रवाह अल्पसंख्यक समुदाय क्षेत्र की ओर बढ़ गया था।

इस लाठीचार्ज में दो युवक घायल हो गए।
रैली के बाद सरदार बाग के सामने आयोजित एक विशाल जनसभा में डीसा विधायक, माली समाज

के नेताओं और हिंदू युवा संगठनों के नेताओं ने अपने भाषण में अल्पसंख्यक समुदाय से लव जिहाद

की गतिविधि को रोकने और हिंदू लड़कियों को अपने जाल में न फंसाने का आह्वान किया। साथ ही
इस तरह की गतिविधियों पर नाराजगी भी व्यक्त की।

बाद में डीसा के विधायक शक्तिकांत पाण्डया ने पत्रकारों से बातचीत में लव जिहाद और मतान्तरण
के बारे में अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने लव जिहाद के विरोध में आयोजित इस आक्रोश रैली

में हिंदू समुदाय के करीब 25 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया। उन्होंने यह भी कहा कि
अभी तो सिर्फ अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मुस्लिम नौजवान

हिंदू लड़कियों को बहला-फुसलाकर मतांतरण की ओर न ले जाएं, वर्ना उन्हें इसके गंभीर परिणाम
भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि मैं आज विधायक हूं, हो सकता है कल न हूं, इसके बावजूद हमेशा मैं

इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाता रहूंगा, हिंदू समुदाय को कोई धमका नहीं सकता
है। उन्होंने कहा कि जो डांस क्लासेज के नाम पर हिंदू समुदाय की लड़कियों को बरगला कर लव

जिहाद के जाल में फंसाने का काम कर रहे हैं और मतांतरण करा रहे हैं, मैं उनके बड़े बुजुर्गों को भी
चेतावनी देता हूं कि वो इस मामले में चुप्पी साधने की बजाय ऐसे तत्वों को क्यों नहीं समझाते हैं।