इन्डिया सावधान न्यूज़
लखनऊ बदायूं जनपद की तहसील सहसवान में चली आ रही अधिवक्ताओं की अपनी मांगों को लेकर दो हफ्ते से ज्यादा का समय बीत चुका है ।
जानकारी के अनुसार एसडीएम महिपाल सिंह ने 7 जुलाई को सब रजिस्टार को एक अपने मौखिक आदेश में कहा था कि बैनामा रजिस्ट्री के समय तहसीलदार से प्रमाणित खसरे के प्रति दाखिल करनी अनिवार्य होगी,जिसकी वजह से दिनाँक 8
जुलाई को कोई भी बैनामा रजिस्ट्री दफ्तर नहीं पहुंचा और कोई बैनामा नहीं हो सका वहीं 8 जुलाई की शाम को उपनिबंधक वेद प्रकाश कटारिया ने अपने कार्यालय के बाहर एक नोटिस भी चस्पा करा दिया जिसमें अधिवक्ताओं और
दस्तावेज लेखक संघ को अवगत कराते हुए बताया गया कि उपजिलाधिकारी सहसवान के सात जुलाई को दिए मौखिक आदेशानुसार बैनामे के समय तहसीलदार द्वारा प्रमाणित खसरे की कॉपी लगाना अनिवार्य होगी।
जिसके विरोध के चलते दस्तावेज लेखक संघ और अधिवक्ताओं ने बेनमों को लिखे जाने का पूर्ण रूप से बहिष्कार कर दिया जिसका नतीजा यह हुआ कि उपनिबन्धन कार्यालय पर अगले दिन से कोई भी बैनामा रजिस्ट्री के लिए नहीं पहुंचा
वहीं आज उपजिलाधिकारी महीपाल सिंह ने पूर्व में दिए उपनिबंधन कार्यालय को अपने मौखिक आदेश को वापस ले लिया है उन्होंने अपने आदेश में पूर्व की तरह ही बैनामा रजिस्ट्री कार्यालय में होंगे ,
वहीं सेंट्रल बार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सैय्यद जावेद इकबाल नकवी एडवोकेट और वार एसोसिएशन के महासचिव क़ाज़ी सरफराज अली
उर्फ नवेद अली एडवोकेट तथा दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष महेंद्र सिंह शाक्य ने संयुक्त रूप से अपने बयान में कहा कि 11 जुलाई को सब रजिस्ट्रार कार्यालय की पूर्ण रूप से हड़ताल जारी रहेगी और उपजिलाधिकारी द्वारा अपना आदेश
वापस लेने के संबंध में दिनांक 12 जुलाई को अपराह्न 12 बजे के बाद होने वाली बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा जो कि आगे की रणनीति तय करेगा।

