Untitled design 2022 06 09T144123.593

प्रयागराज, 09 जून ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। उन्होंने राजा
भगीरथ के पूर्वजों का उद्धार किया,

जिससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। इसलिए आज के दिन गंगा में स्नान और
दान का बहुत अधिक पुण्य माना जाता है।

गुरुवार को गंगा दशहरा पर संगमनगरी में पुण्य प्राप्ति के लिए
श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

इसके साथ ही स्वयंसेवी लोग शर्बत बांट रहे थे तो कुछ लोग गंगा की सफाई
अभियान में जुटे रहे।

ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक गंगा दशहरा पर दशमी तिथि 9 जून को सुबह 8 बजकर 23 मिनट से 10 जून
को सुबह 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इस दौरान गंगा स्नान करना पुण्यदायी माना जाता है। कहा जाता है कि

अगर गंगा स्नान करना संभव ना हो तो नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। इस बार का
गंगा दशहरा कई मायनों में खास है, यानी गंगा दशहरा के दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति बेहद शुभ रहने वाली है। इस

दिन सूर्य देव और बुध ग्रह वृषभ राशि में मौजूद रहेंगे, जिस कारण बुधादित्य योग बनेगा। इसके साथ ही इस दिन
रवि योग का शुभ संयोग, हस्त नक्षत्र का शुभ संयोग इसके अलावा व्यतिपात योग का भी निर्माण हो रहा है। हस्त

नक्षत्र में मां गंगा का अवतरण हुआ था। ऐसे में गंगा दशहरा के दिन यह योग बनना अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
मां गंगा को स्वच्छ रखने के लिए चलाया सफाई अभियान

गंगा दशहरा के पावन पर्व पर जहां श्रद्धालु स्नान कर लाभान्वित हो रहे हैं, वहीं जिला होमगार्ड्स कमाण्डेंट अमित
कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में सुबह 7ः30 बजे से 9 बजे तक जीवनदायिनी मां गंगा, यमुना व सरस्वती के सम्मिलन

स्थल संगम घाट पर सफाई किया गया। नदी एवं किनारे कूड़े को एकत्रित कर डस्टबिन में डाला गया। इस अवसर
पर कमाण्डेंट ने लोगों से नदियों को साफ रखने का आवाह्न भी किया। कहा कि सभी नदियों को स्वच्छ रखना

बहुत जरूरी है। जैसे आप अपना घर साफ-सुथरा रखते हैं उसी प्रकार नदियों को भी स्वच्छ रखना हम सभी का
दायित्व है। उन्होंने बताया कि मंत्री धर्मवीर प्रजापति, अपर मुख्य सचिव अनिल कुमार, डीजी विजय कुमार द्वारा

निर्देश के क्रम में यह स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इस अवसर पर इन्द्र नारायण पाण्डेय, संजय सिंह,
शिवशंकर यादव, महेन्द्र सिंह, अरूण सिंह, रमा शंकर कम्पनी कमांडर

, अजय सिंह, कैलाश दुबे, नमन, शिवकेश एवं
जल पुलिस के जवान तथा आम जनमानस ने सहभागिता की।

शहर में बांट रहे शर्बत
कहा जाता है कि इस दिन गर्मी में प्यासे को पानी या शर्बत मिलाकर पिलाने से बहुत अधिक पुण्य मिलता है।

इसीलिए शहर के कई स्थानों पर स्वयंसेवियों द्वारा श्रद्धालुओं को शर्बत आदि भी बांटा जा रहा है। जहां भीषण
गर्मी को देखते हुए लोगों की भीड़ लगी हुई है।