नई दिल्ली, 08 मई । राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में लू की स्थिति को देखते हुए, स्कूल प्रशासन
ने बच्चों की सुरक्षा के लि कुछ कदम उठाये हैं जिनमें स्कूल के समय में संशोधन,
बाहरी गतिविधियों को
प्रतिबंधित करना,
ओआरएस और ग्लूकोज पाउच का स्टॉक रखना और बच्चों को लगातार पानी पीने के लिये प्रेरित
करना आदि शामिल हैं।
जबरदस्त गर्मी के बीच देश के अधिकतर इलाकों में तापमान में बढोत्तरी दर्ज की गयी है और राष्ट्रीय राजधानी
दिल्ली का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
दिल्ली में इस साल अप्रैल महीना, पिछले 72
सालों में दूसरा सबसे गर्म महीना रहा
और पूरे महीने का यहां औसत अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस
दर्ज किया गया।
भारत मौसम विभाग ने इस हफ्ते के शुरू में कहा था कि उत्तर पश्चिम भारत में सात मई से और पूरे मध्य भारत
में आठ मई से दोबारा लू की शुरूआत होने की संभावना है।
लू के कारण स्कूलों को बंद करना कोई विकल्प नहीं हो
सकता है, जैसा कि विशेषज्ञों द्वारा सुझाया गया है।
कोविड महामारी के कारण पहले ही स्कूल करीब दो साल तक
बंद रहे हैं और नये अकादमिक सत्र से ऑफलाइन कक्षायें शुरू हुयी है।
इस बीच विभिन्न स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जबरदस्त गर्मी को देखते हुये
विभिन्न स्कूल प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत कुछ कदम उठाये हैं,
जिनमें स्कूल के समय में संशोधन,
बाहरी गतिविधियों को प्रतिबंधित करना,
ओआरएस और ग्लूकोज पाउच का स्टॉक रखना और बच्चों को लगातार
पानी पीने के लिये प्रेरित करना आदि शामिल है।
देश भर में जारी भीषण गर्मी के बीच, केंद्र ने पिछले सप्ताह
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पर्याप्त पेयजल और पर्याप्त मात्रा में दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता
सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य सुविधा तैयारियों की समीक्षा करने का आग्रह किया था।

