मुंबई, 09 जुलाई आयकर विभाग ने 29 जून को दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में फार्मास्युटिकल्स
विनिर्माताओं और वितरकों के साथ-साथ इस इलाके में रियल एस्टेट क्षेत्र के कुछ भागीदारों के यहां तलाशी और
जब्ती अभियान चलाया। वित्त मंत्रालय की एक विज्ञप्ति से यह जानकारी मिली है।
मंत्रालय के बयान में दावा किया
गया है कि ऐसे लेनदेन में शामिल रहे
एक प्रमुख व्यक्ति ने अफगानिस्तान को दवाओं की बिक्री के लिए हवाला
के जरिये नकद प्राप्ति की बात स्वीकार की है।
अब तक 4.2 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी और चार करोड़ रुपये के आभूषण या सोना-चांदी जब्त किया जा चुका
है। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में 25 परिसरों में यह छापेमारी की गई। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कागजों
और डिजिटल डेटा के रूप में बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज पाए गए और जब्त किए गए हैं। इन दस्तावेजों
से पता चलता है
कि यह समूह नकद रूप में दवाइयों की भारी मात्रा में बेहिसाबी बिक्री में शामिल था। पाया गया
है कि बड़ी मात्रा में खरीद, वेतन भुगतान और अन्य व्यय भी नकद किए गए हैं।
जब्त किए गए आंकड़ों के प्रारंभिक विश्लेषण से संकेत मिलता है कि हवाला की ऐसी इस तरह की नकद प्राप्तियों
की राशि लगभग 25 करोड़ रुपये है।
सक्रिय फार्मास्युटिकल सामग्री (एपीआई) में काम करने वाली एक दवा कंपनी
के मामले में 94 करोड़ रुपये मूल्य का अतिरिक्त स्टॉक पाया गया है।
बयान में कहा गया है कि समूह की रियल
एस्टेट कंपनियां वित्तीय रिकॉर्ड से अलग नकदी में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में लिप्त पाई गई हैं।

