मैसुरू (कर्नाटक), 03 अक्टूबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कर्नाटक में पार्टी की ‘‘भारत
जोड़ो यात्रा’’ के तीसरे दिन सोमवार को यहां चामुंडी पहाड़ियों के ऊपर स्थित चामुंडेश्वरी मंदिर जा
कर पूजा अर्चना की।
राहुल जब मंदिर गए तब उनके साथ उनके समर्थक और पार्टी के नेता भी थे।
देवी चामुंडेश्वरी मैसूर राजघराने की कुल देवी और कई शताब्दियों से मैसुरू की अधिष्ठात्री देवी हैं।
मंदिर जाने के बाद राहुल गांधी ने हिंदी में ट्वीट किया ‘‘धार्मिक सद्भाव भारत के शांतिपूर्ण और
प्रगतिशील भविष्य की नींव है।’’
राहुल गांधी ने अपनी यात्रा के 26 वें दिन की शुरुआत भोर में की, और पुराने शहर की सड़क पर
गए, जहां 10 दिवसीय दशहरा समारोह के लिए तैयारियां चरम पर हैं।
लोग राहुल गांधी का स्वागत करने के लिए सड़क के दोनों ओर खड़े थे और नारे लगा रहे थे। पूर्व
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल अब तक कर्नाटक में 62 किमी और तमिलनाडु और केरल में 532 किमी यात्रा
कर चुके हैं।
मैसुरू में, शहर की उत्सव की भावना के बीच, पारंपरिक पोशाक में सजे कलाकारों द्वारा ढोल की
थाप और प्रदर्शन के बीच जुलूस के रूप में ‘‘भारत जोड़ो यात्रा’’ आगे बढ़ी।
राहुल गांधी ने रविवार रात यहां मूसलाधार बारिश के बीच एक जनसभा को संबोधित किया था और
भीगने के बाद भी अपना भाषण जारी रखा था।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी यात्रा के माध्यम से भारत को एकजुट करने के अपने संकल्प की
घोषणा की। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को मैसूर में वयनाड के सांसद राहुल गांधी
के बारिश में भीगने की घटना को ‘‘यात्रा का निर्णायक क्षण’’ बताया।
मैसूर होते हुए 22 किमी चलने के बाद, राहुल गांधी ने मांड्या जिले में प्रवेश किया जहां ऐतिहासिक
श्रीरंगपट्टन शहर स्थित है।
कभी श्रीरंगपट्टन में टीपू सुल्तान का शासन था। उनका मकबरा भी यहीं है।

