नई दिल्ली, 02 अप्रैल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल को भारत के सुख-दुख का साथी बताते हुये
शनिवार को कहा कि हमारी दोस्ती की मिसाल दुनिया में अन्य कहीं देखने को नहीं मिलती।
प्रधानमंत्री मोदी ने
दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मेहमान नेता नेपाली प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के साथ द्विपक्षीय प्रतिनिधिमंडल
स्तर की वार्ता की।
वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत और नेपाल सभ्यता, संस्कृति
और आपसी आदान-प्रदान के माध्यम से प्राचीन काल से जुड़े हुए हैं। दोनों देश अनादि काल से एक दूसरे के सुख-
दुख के साथी हैं।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि नेपाल अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का हिस्सा बना है। उन्होंने कहा
कि इससे हमारे देशों में सतत,
सुलभ और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री देउबा
के साथ उन्होंने व्यापार और सभी प्रकार के अंतर सीमा संपर्क पहल को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई है। इसी
क्रम में दोनों प्रधानमंत्रियों ने जयनगर-कुर्था रेल लाइन का शुभारंभ किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नेपाल में
रुपये कार्ड की शुरुआत वित्तीय संपर्क में एक नए अध्याय जोड़ेगी।
इसके अलावा नेपाल पुलिस अकादमी, नेपालगंज
में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट और रामायण सर्किट जैसे पहल दोनों देशों को करीब लाएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा
सहयोग में हमारा संयुक्त विजन भविष्य के सहयोग का ब्लूप्रिंट साबित होगा।
हम पंचेश्वर परियोजना को तेज गति
देने पर सहमत हैं। परियोजना इस क्षेत्र के विकास में बड़ा बदलाव लाएगी।
आगे उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां
नेपाल के हाइड्रो पावर विकास परियोजनाओं में अधिक भागीदारी पर सहमत हैं।
नेपाल अपनी अधिक उर्जा भारत
को निर्यात कर रहा है। इसका नेपाल की आर्थिक प्रगति में अच्छा योगदान रहेगा।

