गाजियाबाद, 02 अक्टूबर । लम्पी वायरस की रोकथाम के लिए ब्लॉक स्तर आइसोलेशन
वार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए पशुपालन विभाग ने तैयारी कर ली है। अब तक जनपद में 71 गोवंशों
में लम्पी वायरस के लक्षण मिले हैं। हलांकि, अब तक किसी भी गोवंश में वायरस की पुष्टि नहीं हुई
है।
जनपद में पशु विभाग के आकड़ों के अनुसार कुल 1.02 लाख पालतू गोवंश हैं। वहीं लावारिस गोवंश
की संख्या 4,259 है, जिनमें से करीब चार हजार गोवंशों को 22 आश्रय स्थलों में संरक्षित किया गया
है। गोवंशों में लम्पी वायरस फैलने से रोकने के लिए शासन के सख्त आदेश हैं। ब्लॉक स्तर पर
आइसोलेशन वार्ड बनाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। अब तक जनपद स्तर पर ही वार्ड बनाया गया
था। जिस ब्लॉक में पशु लम्पी वायरस से संक्रमित मिलेगा तो उसे ठीक होने तक वहीं संरक्षित किया
जाएगा। यानी इलाज की पूरी प्रक्रिया आइसोलेशन वार्ड में ही चलेगी। इसके अलावा अभी कोई भी
निराश्रित व छुट्टा गोवंश संचालित गौशालाओं में संरक्षित नहीं किया जाएगा। अगर कोई छुट्टा पशु
जो लक्षण युक्त है उसे जनपद में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर में ही संरक्षित किया जाएगा। इसके
अलावा लक्षण युक्त पशुओं के गोबर, मूत्र एवं लार का डिस्पोजल करना होगा। ग्राम प्रधान अपने-
अपने गांव में इस रोग के विषय में लोगों को जागरूक करेंगे।
10 टीम की गई हैं गठित : लम्पी वायरस को फैलने से रोकने के लिए जनपद में 10 टीम गठित
की गई हैं। ये टीम क्षेत्रवार निगरानी कर रही है। गोवंश में लक्षण पाए जाने पर इसकी सूचना विभाग
देंगे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी का कहना है कि यह बीमारी एक संक्रामक बीमारी है। इसमें मृत्यु
दर एक से दो पर्सेंट है और जनपद में अभी केसों की संख्या कम है। इसकी रोकथाम के लिए अभी
से युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है ताकि इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकें।
दो दिन में बचे हुए गोवंशों का होगा वैक्सीनेशन : जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को
बचे हुए गोवंशों का दो दिन के अंडर वैक्सीनेशन कराने के कड़े निर्देश दिए हैं, जिससे पशुओं को
समय रहते बीमारी से बचाया जा सके। वहीं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी का कहना है अब तक 75
फीसदी गोवंशों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। बाकी बचे हुए गोवंशों को टीका लगाने का कार्य
जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

