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नई दिल्ली, 28 मई । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि पानी को लेकर
दिल्ली की स्थिति दिन प्रति दिन बद से बदतर होती जा रही है। केजरीवाल सरकार ने दिल्लीवासियों को बूंद-बूंद

पानी के लिए तरसा रखा है। राजेन्द्र नगर से लेकर दिल्ली के कई कोनों में नल से इतना गंदा, दूषित और जहरीला
पानी आ रहा है जिसको पीकर इंसान का बीमार होना तय है।

जलमंत्री सत्येन्द्र जैन चंद्रावल में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
का दौरा कर रहे हैं

ताकि दिल्लीवासियों को नल से साफ स्वच्छ जल 24 घंटे मिल सके लेकिन ऐसे दौरे पिछले
सात सालों से लगातार किए जा रहे हैं और उसका परिणाम है कि आज तक नहीं मिल पाया।

आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के लोग साफ जल पीने को तरस रहे हैं। इन दौरों का असर सिर्फ बड़े-बड़े होर्डिंग्स
और विज्ञापनों में देखने को मिलता जरुर है लेकिन दिल्लीवालों को उसका परिणाम कब मिलेगा, इसकी कोई

उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता तो केजरीवाल सरकार से गुहार लगा रही है कि उन्हें 24 घंटे
पानी नहीं चाहिए सिर्फ उन्हें पीने का साफ पानी दे दिया जाए। मुफ्त पानी की सुविधा ने इस तरह से दिल्ली

जलबोर्ड को जर्जर कर दिया है कि उसका खामियाजा दिल्ली की मासूम जनता अभी तक भुगत रही है। श्री गुप्ता ने
कहा कि दिल्ली का जल बोर्ड आज 57 हज़ार करोड़ रुपये के कर्ज़ में डूबा हुआ है।

स्थिति यह है कि चाहकर भी
सरकारी तंत्रों को ठीक नहीं किया जा सकता है क्योंकि जलबोर्ड पूरी तरह भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। दिल्ली

जल बोर्ड की बिछाई गई पाइप लाइनें इतनी पुरानी और जर्जर हो गई हैं कि 30 फीसदी से अधिक पानी लिक हो
जाता है, लेकिन पिछले सात सालों में केजरीवाल पाइप लाइनों के लिकेज तक ठीक नहीं कर पाए। इतना ही नही

उन लिकेज के जरिए सीवर का गंदा और बदबूदार पानी लोगों के घरों में सप्लाई हो रहा है और फिर वहीं पानी
लोग पीकर बीमार पड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी तभी काम करेगा जब बाकी चीजें बेहतर हो
सकेंगी। दिल्ली में पानी की यही हकीकत है

कि गर्मी के दस्तक देते ही दिल्लावालों का गला सुखने लगता है। और
केजरीवाल के वायदों के ठीक विपरीत वे 50 रुपये प्रति गैलन पानी खरीदने को मजबूर हो जाते हैं।