आर. रेस्मी का भाजपा में शामिल होना: Kerala कांग्रेस की राजनीति में बड़ा झटका
Kerala की सक्रिय और प्रतिस्पर्धी राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Kerala महिला कांग्रेस की प्रमुख नेता R Resmi ने कांग्रेस छोड़कर Bharatiya Janata Party (भाजपा) का दामन थाम लिया है। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि रेस्मी ने कांग्रेस-नीत United Democratic Front (यूडीएफ) के भीतर महिला राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी।
Kerala में मुख्य मुकाबला परंपरागत रूप से यूडीएफ और Left Democratic Front (एलडीएफ) के बीच रहा है। ऐसे में भाजपा में उनका जाना राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे सकता है।
आर. रेस्मी की राजनीतिक यात्रा
प्रारंभिक दौर और महिला कांग्रेस में उभार
रेस्मी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत स्थानीय स्तर से की। वह महिला कांग्रेस से जुड़ीं और संगठन में तेज़ी से आगे बढ़ीं। ब्लॉक कमेटी सदस्य से लेकर राज्य समिति में महत्वपूर्ण पद तक, उनका सफर लगातार सक्रियता और जमीनी काम पर आधारित रहा।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए कई अभियान चलाए। इससे महिला मतदाताओं के बीच उनका मजबूत आधार बना।
हालिया गतिविधियाँ और असंतोष के संकेत
पिछले कुछ समय से रेस्मी स्थानीय मुद्दों—जैसे सड़क, पानी और रोजगार—को लेकर सक्रिय थीं। उन्होंने एलडीएफ सरकार की नीतियों की आलोचना भी की।
हालांकि, अंदरखाने खबरें थीं कि टिकट वितरण और संगठनात्मक फैसलों को लेकर वह असंतुष्ट थीं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें पार्टी में अपेक्षित भूमिका और सम्मान नहीं मिल रहा था। यही असंतोष अंततः उनके दल-बदल का कारण बना।

भाजपा में शामिल होने के कारण
सार्वजनिक रूप से बताए गए कारण
भाजपा में शामिल होते समय रेस्मी ने कहा कि पार्टी महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास मॉडल की सराहना की।
भाजपा नेतृत्व ने भी उनके स्वागत में इसे “केरल में संगठन के विस्तार का संकेत” बताया।
संभावित राजनीतिक गणित
विश्लेषकों का मानना है कि:
कांग्रेस में पदोन्नति की सीमित संभावनाएँ
स्थानीय गुटबाजी
भाजपा की केरल में विस्तार की रणनीति
इन सभी ने मिलकर इस निर्णय को प्रभावित किया हो सकता है।
भाजपा लंबे समय से केरल में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाली नेताओं को शामिल करना उसकी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
Kerala कांग्रेस (यूडीएफ) पर तात्कालिक असर
महिला कांग्रेस पर प्रभाव
रेस्मी के जाने से महिला कांग्रेस इकाई में एक खालीपन महसूस किया जा रहा है। खासकर उनके प्रभाव वाले क्षेत्रों में संगठन को नए नेतृत्व की तलाश करनी पड़ सकती है।
हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने इसे “व्यक्तिगत निर्णय” बताया है, लेकिन इससे संगठनात्मक असंतोष के संकेत भी सामने आते हैं।

स्थानीय सत्ता समीकरण में बदलाव
उनके साथ कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं के भाजपा में जाने की भी खबरें हैं। इससे जमीनी स्तर पर यूडीएफ की पकड़ कमजोर हो सकती है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ रेस्मी का मजबूत नेटवर्क था।
भाजपा इसे अपने विस्तार के अवसर के रूप में देख रही है।
भाजपा की रणनीति और रेस्मी की भूमिका
भाजपा केरल में खुद को तीसरे विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। रेस्मी जैसी नेताओं को शामिल करना इस रणनीति का हिस्सा है।
संभावित भूमिकाएँ:
महिला मतदाताओं के बीच संपर्क अभियान
जिला स्तर की संगठनात्मक जिम्मेदारी
भविष्य के चुनावों में उम्मीदवार के रूप में उतारने की संभावना
उनका सामाजिक और महिला समूहों से जुड़ा नेटवर्क भाजपा के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
आगे की राह
आर. रेस्मी का भाजपा में शामिल होना Kerala की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह यूडीएफ के भीतर संगठनात्मक चुनौतियों को उजागर करता है और भाजपा के विस्तार अभियान को गति देता है।
आने वाले स्थानीय और विधानसभा चुनावों में इसका वास्तविक असर देखने को मिलेगा। क्या यह केवल एक व्यक्तिगत राजनीतिक निर्णय है या व्यापक बदलाव की शुरुआत? यह समय बताएगा।
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