Kurnool बस हादसा: बाइक सवारों को रौंदती बस, 20 की मौत – CCTV में साफ दिखी ड्राइवर की लापरवाही
आंध्र प्रदेश के Kurnool ज़िले में हुआ एक भीषण सड़क हादसा पूरे देश को झकझोर गया। तेज़ रफ़्तार से दौड़ती एक निजी बस ने कई बाइक सवारों को रौंद दिया, जिसमें 20 लोगों की मौके पर मौत हो गई।
CCTV फुटेज में ड्राइवर की स्पष्ट लापरवाही साफ़ दिखाई दे रही है — यह हादसा सिर्फ़ एक गलती नहीं, बल्कि एक सबक है कि सड़क पर एक लापरवाह पल कितनी ज़िंदगियाँ छीन सकता है।
भयावह शुरुआत और स्थानीय लोगों का गुस्सा
यह दर्दनाक हादसा पिछले हफ्ते कर्नूल के पास नेशनल हाईवे पर हुआ। यात्रियों से भरी एक प्राइवेट बस अचानक नियंत्रण खो बैठी और सामने से आ रही बाइकों में जा घुसी।
देखते ही देखते सड़क पर अफरातफरी मच गई — 20 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े, लेकिन नज़ारा बेहद भयानक था — सड़क पर खून के निशान, टूटी बाइकें और पलटी बस।
लोगों ने गुस्से में सड़क जाम कर दी और ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सोशल मीडिया पर भी इस हादसे के वीडियो वायरल हुए, जिससे सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई।
कैसे हुआ हादसा: CCTV फुटेज से पूरी कहानी
पास के टोल प्लाज़ा पर लगे CCTV कैमरे ने हादसे के हर सेकंड को रिकॉर्ड किया।
वीडियो में देखा गया कि बस ड्राइवर तेज़ रफ़्तार में ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश करता है — उसके हाथ में मोबाइल फोन था और नज़र सड़क पर नहीं।
बस जैसे ही मुड़ी, उसने दो बाइकें सामने से कुचल दीं, और फिर कई और बाइकों को घसीटते हुए आगे बढ़ी।
सिर्फ़ कुछ सेकंड में सब खत्म हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्राइवर पूरे समय फोन में व्यस्त था और ब्रेक मारने की कोशिश भी नहीं की।
पुलिस ने फुटेज को मुख्य सबूत मानकर ड्राइवर पर लापरवाही से हत्या का केस दर्ज किया है।
टक्कर का पल और पीड़ितों की पहचान
वीडियो में दिखता है कि पहली बाइक से टकराते ही सवार हवा में उछल गए।
बस ने अगले ही पल दो और बाइकों को रौंद दिया — आसपास मौजूद लोगों की चीखें सुनाई देती हैं।
20 लोग मौके पर ही मारे गए, जिनमें 5 बच्चे भी शामिल थे।
ज्यादातर पीड़ित आसपास के गांवों के मजदूर और किसान थे।
कई परिवारों ने एक ही झटके में अपने घर के कमाने वाले को खो दिया।
पुलिस जांच और ड्राइवर का बयान
पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज कर बस जब्त कर ली।
ड्राइवर की ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में शराब की मात्रा सामान्य से ज़्यादा पाई गई।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि बस के ब्रेक कई महीनों से ठीक से चेक नहीं किए गए थे।
ड्राइवर ने दावा किया कि “एक बाइक अचानक सामने आई,” लेकिन CCTV वीडियो ने उसकी बात झूठी साबित कर दी।
अधिकारियों ने कहा कि उसने कम से कम तीन ट्रैफिक नियम तोड़े, जिनमें ओवरस्पीडिंग, मोबाइल इस्तेमाल और शराब पीकर गाड़ी चलाना शामिल है।
पीड़ितों की कहानियाँ – टूटी ज़िंदगियाँ, अधूरे सपने
मृतकों की पहचान के बाद जो कहानियाँ सामने आईं, वे रुला देने वाली हैं।
एक 25 वर्षीय महिला अपने पति और बच्चों के साथ बाइक पर थी — पूरा परिवार खत्म हो गया।
दो सगे भाई, जो मजदूरी से घर चला रहे थे, भी इस हादसे में मारे गए।
एक और पीड़ित, 22 साल का युवक, शादी की तैयारी कर रहा था। अब परिवार बेसहारा है।
सरकार ने मुआवज़े की घोषणा की, लेकिन गांवों में लोगों का कहना है — “ज़िंदगियाँ पैसे से नहीं लौटतीं।”

सड़क सुरक्षा की सच्चाई: आंकड़े चौंकाने वाले
आंध्र प्रदेश में हर साल 500 से ज़्यादा लोग बस दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं।
देशभर में सड़क हादसों में हर साल 1.5 लाख मौतें होती हैं — इनमें से 40% ट्रक और बसों से जुड़ी होती हैं।
ड्राइवरों पर डेडलाइन का दबाव, थकान, और मोबाइल का उपयोग इन हादसों के बड़े कारण हैं।
कर्नूल जैसी घटनाएँ हमें याद दिलाती हैं कि सड़क पर एक सेकंड की लापरवाही पूरी ज़िंदगी बदल सकती है।
व्यावसायिक ड्राइवरों के लिए बेहतर प्रशिक्षण ज़रूरी
बस या ट्रक चलाने वालों को हर साल री-ट्रेनिंग कोर्स करना चाहिए।
उन्हें ब्लाइंड स्पॉट्स, ओवरटेकिंग रूल्स और थकान प्रबंधन पर प्रशिक्षण देना जरूरी है।
नियम कहते हैं कि ड्राइवर को 8 घंटे से ज़्यादा लगातार नहीं चलाना चाहिए, लेकिन कई इसे अनदेखा करते हैं।
अगर Kurnool बस ड्राइवर को सही ट्रेनिंग मिली होती और वह आराम करता, शायद 20 ज़िंदगियाँ बच जातीं।
बस मालिकों की जिम्मेदारी
बस पुरानी थी, टायर घिसे हुए, और ब्रेक खराब पाए गए।
जांच में सामने आया कि मालिक ने कई बार मेंटेनेंस रिपोर्ट झूठी दिखाई।
लाइसेंस रिन्यू कराने में भी रिश्वत का सहारा लिया गया था।
अब ज़रूरत है कि ऐसे मालिकों पर कड़ी सज़ा और भारी जुर्माना लगे।
अगर वे वाहन की सुरक्षा पर ध्यान नहीं देंगे, तो हादसे थम नहीं सकते।
तकनीक से सुरक्षा: हादसे रोकने के उपाय
आज कई तकनीकें हैं जो ऐसे हादसे रोक सकती हैं —
GPS ट्रैकर से रियल टाइम स्पीड मॉनिटरिंग
स्पीड गवर्नर जो बस की अधिकतम रफ्तार सीमित करे
ABS ब्रेक सिस्टम जो अचानक ब्रेक पर नियंत्रण रखे
इन-कैब कैमरे, जो ड्राइवर की लापरवाही पकड़ें
अगर यह सिस्टम उस बस में होता, तो कर्नूल हादसा टल सकता था।

कड़े कानून और त्वरित सज़ा की ज़रूरत
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत, लापरवाही से हुई मौत पर 10 साल की जेल और भारी जुर्माना हो सकता है।
लेकिन अक्सर केस सालों खिंचते हैं और दोषी छूट जाते हैं।
जरूरत है फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स की, जहां सड़क हादसों के केस तुरंत निपटें।
हर शहर में ब्रेथ एनालाइज़र टेस्ट को अनिवार्य किया जाए।
Kurnool से सीखें, अब बदलें
Kurnool का यह बस हादसा सिर्फ़ एक समाचार नहीं — यह चेतावनी है।
तेज़ रफ़्तार, मोबाइल पर ध्यान, और वाहन की खराब हालत — ये तीन कारण 20 जिंदगियाँ ले गए।
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