बडगाम, 13 मई ( बडगाम जिले के चडूरा इलाके में गुरुवार देर शाम आतंकियों ने तहसील कार्यालय में
घुसकर जिस कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट्ट की हत्या कर दी थी,
शुक्रवार सुबह बनतलाब जम्मू में उसका
अंतिम संस्कार किया गया गया। इस मौके पर जम्मू के डीपीपी मुकेश सिंह,
डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार तथा
डिप्टी कमिश्नर अवनी लवासा सहित भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना,
पूर्व मुख्यमंत्री कविंद्र गुप्ता और भारी
संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
गुरुवार देर शाम दो आतंकियों ने अचानक तहसील कार्यालय में घुसकर वहां काम कर रहे राहुल भट्ट पर अंधाधुंध
गोलियां बरसानी शुरू कर दी। वारदात के बाद मची अफरातफरी में आतंकी मौके से फरार हो गये।
गंभीर रूप से
घायल राहुल को तुरंत उनके सहयोगियों ने महाराजा हरि सिंह अस्पताल पहुंचाया
, जहां उपचार के दौरान राहुल
भट्ट ने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद सभी विस्थापित कॉलोनियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बडगाम के शेखपोरा के साथ ही अनंतनाग और
उत्तरी कश्मीर में रह रहे कर्मचारियों की कॉलोनी के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
इन इलाकों में गश्त भी बढ़ा
दी गई है।
वहीं, कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों की हो रही निर्मम हत्या को लेकर जम्मू के लोगों में काफी रोष है।
सामाजिक व राजनीतिक संगठन सहित आम जनता भी सड़कों पर निकल कर पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन कर
पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जता रहे हैं।
ज्ञात रहे कि राहुल भट्ट 09 सितंबर 2020 को तहसील कार्यालय में क्लर्क के तौर पर नियुक्त हुए थे। वे शेखपोरा
विस्थापित कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रह रहे थे।
राहुल भट्ट मूल रूप से बडगाम जिले के वीरवाह इलाके के
संग्रामपोरा के रहने वाले थे।

