LPG की कीमतों में बढ़ोतरी: कांग्रेस के पवन खेड़ा का मंत्री हरदीप पुरी पर तीखा हमला
मार्च 2026 में घरेलू गैस (LPG) की कीमतों में हुई नई बढ़ोतरी ने देशभर के लाखों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। इस मुद्दे पर Pawan Khera ने केंद्र सरकार और विशेष रूप से पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri पर तीखा हमला बोला।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर अपने लगभग 54 हजार फॉलोअर्स के सामने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि बढ़ती गैस कीमतें आम परिवारों के साथ अन्याय हैं।
LPG कीमतों में हालिया बढ़ोतरी
नई कीमतों का विवरण
1 मार्च 2026 को LPG सिलेंडर की कीमतों में ₹50 की बढ़ोतरी की गई।
दिल्ली में 14.2 किलोग्राम सब्सिडी वाला सिलेंडर: ₹905
मुंबई में: ₹920 (स्थानीय टैक्स और ट्रांसपोर्ट खर्च के कारण)
गैर-सब्सिडी सिलेंडर की कीमत भी बढ़कर लगभग ₹1100 तक पहुंच गई है।
इसका मतलब है कि यदि कोई परिवार हर महीने एक सिलेंडर इस्तेमाल करता है, तो उसे साल भर में लगभग ₹600 अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा।

2020 से अब तक कीमतों में भारी वृद्धि
2020 में दिल्ली में एक सब्सिडी वाला सिलेंडर लगभग ₹450 का था।
2026 में यह बढ़कर ₹905 हो गया है।
यानी लगभग 100% वृद्धि।
मुख्य चरण:
2020: ₹450 प्रति सिलेंडर
2022: ₹850 (यूक्रेन संकट के दौरान)
2026: ₹905
इस लगातार बढ़ती कीमत को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है।
पवन खेड़ा का सरकार पर हमला
कांग्रेस नेता Pawan Khera ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए मंत्री Hardeep Singh Puri पर निशाना साधा।
उन्होंने लिखा कि:
मंत्री ग्लैमरस कार्यक्रमों के बारे में ट्वीट करते हैं
लेकिन आम परिवारों के लिए दाल और गैस खरीदना मुश्किल हो गया है
खेड़ा ने इसे सरकार की नीतिगत विफलता बताया और कहा कि तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है जबकि आम जनता महंगाई झेल रही है।

कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक मांग
कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है।
मुख्य मांगें:
₹50 की बढ़ोतरी तुरंत वापस ली जाए
LPG सब्सिडी बढ़ाई जाए
ईंधन पर टैक्स कम किया जाए
गरीब परिवारों को मुफ्त रिफिल दिए जाएं
कांग्रेस का कहना है कि बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ रहा है।
सरकार का जवाब
पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने बढ़ती कीमतों के लिए वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों को जिम्मेदार बताया।
मार्च 2026 में ब्रेंट क्रूड ऑयल लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।
भारत अपनी अधिकांश गैस आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने का असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ता है।
मंत्री का कहना है कि सरकार अतिरिक्त टैक्स नहीं लगा रही, बल्कि आयात लागत के अनुसार कीमत तय की जाती है।
उज्ज्वला योजना का हवाला
सरकार अपने बचाव में Pradhan Mantri Ujjwala Yojana का भी जिक्र कर रही है।
मुख्य बातें:
2016 से अब तक 10 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को LPG कनेक्शन
गरीब परिवारों को ₹200 प्रति सिलेंडर सब्सिडी
कई राज्यों में मुफ्त रिफिल योजना
सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में साफ ईंधन का उपयोग बढ़ा है।

आम परिवारों पर असर
LPG की बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर मध्यम और निम्न आय वाले परिवारों पर पड़ रहा है।
कुछ संभावित प्रभाव:
परिवार गैस सिलेंडर का उपयोग कम करने लगे हैं
कई ग्रामीण इलाकों में लोग फिर से लकड़ी या कोयले का इस्तेमाल करने लगे हैं
घरेलू बजट पर दबाव बढ़ रहा है
रिपोर्ट्स के अनुसार 2023 के बाद से घरेलू ईंधन पर खर्च लगभग 15% तक बढ़ गया है।
नीति और ऊर्जा सुरक्षा का सवाल
यह मुद्दा केवल कीमतों का नहीं बल्कि ऊर्जा नीति से भी जुड़ा है।
भारत हर साल लगभग 150 अरब डॉलर का तेल आयात करता है।
सरकार को एक साथ कई संतुलन बनाने पड़ते हैं:
आयात लागत
सब्सिडी खर्च
राजस्व और टैक्स
ऊर्जा सुरक्षा
मार्च 2026 की LPG कीमत बढ़ोतरी ने देश में राजनीतिक बहस तेज कर दी है।
कांग्रेस नेता Pawan Khera और मंत्री Hardeep Singh Puri के बीच यह विवाद इस बात को दर्शाता है कि महंगाई और ऊर्जा नीति आज भी बड़ा राजनीतिक मुद्दा है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि:
क्या सरकार सब्सिडी बढ़ाएगी
क्या कीमतों में फिर बदलाव होगा
या विपक्ष का दबाव नीति में बदलाव लाएगा
आखिरकार LPG की कीमतों का सीधा असर करोड़ों भारतीय परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ता है।
Follow us on Facebook
India Savdhan News | Noida | Facebook

