इन्डिया सावधान
लखनऊ लूलू मॉल बना साम्प्रदायिकता की नफरत का कोप भाजन अभी लूलू मॉल का उद्घाटन हुए एक सप्ताह भी नहीं बीतने पाया कि उसको नफरत की आंधी के बीच जूझना पड़ रहा है,लूलू मॉल के मालिक यूसुफ अली ने कभी सपनों में
भी नहीं सोच होगा कि उनको उन्हीं के देश में इस तरह के हालातों का सामना भी करना पड़ेगा लगभग 22 देशों में अपने कारोबार का साम्राज्य खड़े करने वाले भारतीय मूल के नागरिक यूसुफ अली ने जिस तरह से विश्व में भारत का नाम रोशन
करने का काम किया है वोह आज किसी से छुपा हुआ नहीं है मगर भारत में फैले साम्प्रदायिकता के जहर के चलते और मुस्लिम नाम यूसुफ अली होने के चलते लूलू मॉल को बदनाम किया जा रहा है?
लूलू मॉल में कुछ लोगों ने ना समझी में एक टाइम की नमाज़ क्या अदा करी कि समझो
बहुत ही बड़ा अपराध हो गया हो,नफरत फैलाने के काम में भारतीय मीडिया भी पीछे नहीं रही उसने भी नमाज़ के पढ़े
जाने की खबर को अपने अपने चैनलों के माध्यम से प्रमुखता से लीड बनाकर चलाने का काम किया और मसाला लगाने का काम भी किया जा रहा है, जबकि लोक तंत्र के इस चौथे स्तंभ जिसे पत्रकारिता कहा जाता है इसका काम आग लगाना
नहीं बल्कि समाज में फैली कुरुतियों को दूर भागने का काम होता है,महंगाई रोजगार के मुद्दों पर सरकारों से सवाल जवाब किए जाते हैं मगर ऐसा नहीं आज की पत्रकारिता पीत पत्रकारिता बनकर रह गई है।
आपको बताते चलें कि लखनऊ में लूलू मॉल का उद्घाटन प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने किया था,जिसे देश का सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल बताया जाता है यह लखनऊ का सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल है, युसुफ अली भारतीय मूल के नागरिक
हैं यूसुफ अली ने अबू धाबी जाकर अपने व्यापार को आसमान की ऊंचाइयों तक ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और आज के समय में वह दुनिया के सफल और टॉप अरबपतियों में शामिल हैं।वहीं
लूलू मॉल 1,85,800 स्क्वायर मीटर रकबे में बना है यह लखनऊ का सबसे बड़ा मॉल है, जो सुशांत गोल्फ सिटी में 11 एकड़ जमीन पर करीब 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना है यह मॉल देश के सबसे बड़े शॉपिंग मॉल्स में से एक है।
इसकी नेटवर्थ कुल 4.7 बिलियन डॉलर है यूसुफ़ अली एक NRI हैं जो कि लूलू इंटरनेशनल ग्रुप के चेयरमैन हैं उनका जन्म 15 नवंबर 1955 को भारत में केरल के एक गांव में हुआ था,उन्होंने व्यापार जब से शुरू किया तब से लेकर आज
तक पीछे मुड़कर नहीं देखा यूसुफ़ अली महंगी गाड़ियों के भी शौकीन हैं और वोह गाड़ियों कलेक्शन के लिए भी मशहूर हैं
जानकारी के अनुसार उनका लूलू ग्रुप ग्लोबल फ़ोर्ब्स लिस्ट में 589वीं स्थान पर है उनकी नेटवर्थ लगभग 4.7 बिलियन
डॉलर है वहीं अब भारत के सबसे बड़े शॉपिंग मॉल के मालिक भी बन गए हैं उधर मिडिल ईस्ट के सबसे सफल और अमीर बिज़नेसमैन में से एक हैं, जबकि लूलू ग्रुप इंटरनेशनल के गल्फ़ में अब तक 193 स्टोर हैं और आज इतना ही नहीं
यूसुफ़ अली भारत के सबसे बड़े शॉपिंग मॉल के भी मालिक बन गए हैं यूसुफ़ अली काफ़ी संपत्ति के मालिक हैं। लूलू ग्रुप का सालाना टर्नओवर 8 अरब डॉलर का होना बताया है। इस ग्रुप का व्यापार सबसे ज्यादा अरब देशों में फैला हुआ है
खासतौर पर संयुक्त अरब अमीरात में यू ए ई की राजधानी अबू धाबी में इसका मुख्यालय है लूलू ग्रुप इंटरनेशनल ग्रुप का मध्य पूर्व, एशिया, अमेरिका यूरोप समेत 22 देशों में फैला हुआ है वहीं अब भारत में भी अपने व्यापार को लेकर लखनऊ
से प्रारंभ किया मगर यह सपनों में भी नहीं सोचा होगा कि अपने 22 देशों में तो कोई ऐसी समस्या नहीं पैदा हुई जेसे कि आज अपने ही घर अपने की देश में सामने खड़ी हो गई। देश में एक व्यापार की अच्छी शुरुआत हुई है जिसको देखकर
हो सकता है कि और भी कंपनियां भारत में निवेश करने के लिए तैयार बैठी हों, मॉल में नमाज़ पढ़े जाने का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है जो कि ठीक नहीं है इसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री गृह मंत्री को आगे आकर रोकने का काम करना होगा
और मॉल को भी हिदायत देने का काम किया जाए इस तरह सार्वजनिक नमाज़ न पढ़ी जाए यह मॉल कोई धार्मिक स्थल
नहीं है यहां शॉपिंग करने के लिए हर मज़हब हर संप्रदाय का वयक्ति आयेगा ।इस लिया आगे से कोई भी इस तरह की कोई भी ऐसा कृत न हो जिस से किसी की आस्था पर सवाल उठने लगे ,

