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कल से श्रद्धालु करेंगे लेटे हनुमान जी का दर्शन:हनुमानजी को नहलाने और विश्राम कराने के बाद वापस लौटीं मां गंगा, मंदिर परिसर की साफ-सफाई शुरू

प्रयागराज संगम किनारे स्थित लेटे हनुमानजी काे महा स्नान और विश्राम कराने के बाद मां गंगा वापस लौट गई हैं। मंदिर के गर्भ गृह में भरे पानी को निकाल दिया गया है।

पूरे मंदिर परिसर की साफ-सफाई और धुलाई कर दी गई है।

शनिवार को पंच स्नान कराने और श्रृंगार के बाद हनुमान मंदिर के कपाट शाम 4 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

जन्माष्टमी के दिन मां गंगा ने हनुमान जी के पखारे थे पांव

इस बार मां गंगा ने हनुमानजी महाराज को नहलाने के लिए विशेष दिन चुना था। जन्माष्टमी के दिन 18 अगस्त की रात

11:45 बजे मां गंगा मंदिर के गर्भ गृह तक पहुंचीं और वैदक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा ने अपने पुत्र हनुमानजी को नहलाया था।

श्री मठ बाघंबरी गद्दी के पीठाधीश्वर महंत बलवीर गिरि ने बताया कि मंदिर परिसर से गंगा अब दूर जा चुकी हैं। मंदिर परिसर में शुक्रवार को पूरे दिन साफ-सफाई कराई गई है।

पूरे मंदिर परिसर की धुलाई हुई है। गर्भ गृह में जमा पानी निकाला जा चुका है।

अब शनिवार की शाम 4 बजे से मंदिर के कपाट आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए जाएंगे। शनिवार की सुबह हनुमान जी महाराज का विशेष स्नान होगा।

इसके बाद उनका श्रृंगार किया जाएगा।

विश्व में लेटी हुए हनुमान जी का प्रयाग में है इकलौता मंदिर

संगम से 800 मीटर दूर बंधवा स्थित हनुमान जी का मंदिर विश्व में एकमात्र ऐसा मंदिर है

जहां हनुमान जी लेटे हैं।

ऐसी मान्यता है कि जब हनुमानजी लंका विजय के बाद अयोध्या लौटे तो बहुत थके थे।

मां सीता ने उन्हें इस निरंजन और पावन स्थान पर विश्राम के लिए भेजा था।

यह मंदिर एक बांध पर स्थित है।

इसीलिए इसे बंधवा हनुमान जी का मंदिर भी कहा जाता है।

कुछ लोग इस मंदिर को बड़े हनुमान जी के नाम से जानते हैं।

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