Maha शिवरात्रि और रुद्राभिषेक का आध्यात्मिक महत्व
Maha शिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। मान्यता है कि इसी रात्रि भगवान शिव ने तांडव किया और सृष्टि के संतुलन का संदेश दिया। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाते हैं और “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते हैं।
रुद्राभिषेक में शिवलिंग का अभिषेक दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से किया जाता है। ऋग्वेद के रुद्र सूक्त और शिव पुराण के मंत्रों के साथ यह अनुष्ठान किया जाता है। मान्यता है कि इससे जीवन की नकारात्मक ऊर्जा शांत होती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
गोरखनाथ मंदिर: आस्था का प्राचीन केंद्र
गोरखनाथ मठ की स्थापना 11वीं शताब्दी में गुरु गोरखनाथ द्वारा की गई मानी जाती है। नाथ संप्रदाय की यह परंपरा योग, तप और शिव भक्ति पर आधारित है। मंदिर परिसर अपनी भव्य वास्तुकला और दैनिक आरती के लिए प्रसिद्ध है।
योगी आदित्यनाथ, इस मठ के महंत होने के नाते, धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभालते हैं। Maha शिवरात्रि जैसे अवसरों पर उनकी उपस्थिति श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है।
2026 का रुद्राभिषेक: एक दिव्य क्षण
Maha शिवरात्रि की मध्यरात्रि के समय योगी आदित्यनाथ ने केसरिया वस्त्र धारण कर विधिवत रुद्राभिषेक किया। मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग पर दूध और शहद अर्पित किया गया। घंटे और शंखनाद से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।
पूजा के उपरांत उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान शिव संतुलन और संयम का संदेश देते हैं। उन्होंने समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया।


सुरक्षा और व्यवस्थाएं
Maha शिवरात्रि 2026 में भारी भीड़ को देखते हुए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए। पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे और चिकित्सा दल तैनात रहे। प्रशासन और मंदिर समिति ने मिलकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखा।
गोरखपुर शहर में अतिरिक्त बस सेवाएं, अस्थायी शिविर और जल वितरण केंद्र स्थापित किए गए। इससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
ऐतिहासिक परंपरा और प्रभाव
योगी आदित्यनाथ हर वर्ष Maha शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक करते रहे हैं। 2022 में कोविड प्रतिबंधों के कारण सीमित आयोजन हुआ था, जबकि 2024 और 2026 में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस आयोजन से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिला। स्थानीय व्यापारियों और होटल व्यवसायियों को लाभ हुआ, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।
Maha शिवरात्रि 2026 का आयोजन आस्था और नेतृत्व के अनूठे संगम का प्रतीक बना। गोरखनाथ मंदिर में हुए रुद्राभिषेक ने यह संदेश दिया कि आध्यात्मिक मूल्यों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन संभव है।
आप भी इस Maha शिवरात्रि अपने घर में सरल रुद्राभिषेक कर सकते हैं—शिवलिंग पर जल अर्पित करें, दीप जलाएं और “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें। श्रद्धा से किया गया छोटा सा प्रयास भी मन को शांति और शक्ति प्रदान करता है।
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