इंडिया सावधान न्यूज़
नई दिल्ली देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान कि इतना बदल गया इंसान वाली कहावत यहीं चरितार्थ होती नज़र आती है,
आपको बताते चलें कि कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में एक प्रभावशाली मठ के महंत शरणारू ने बच्चों का यौन शौषण ही
कर डाला और जब इनके खिलाफ बच्चों के यौ’न अप’राधों से संरक्षण कानून (पोक्सो) के तहत मामला भी दर्ज कर लिया गया है,
यह सब हो क्या रहा है यह कोन से धर्म गुरु हैं या धर्म गुरु के भेष में सामाजिक भेड़िए बैठे हुए हैं जो कि धर्म की आड़ में यौन शौषण जैसी घिनौनी हरकतें करते नजर आ रहे हैं
एक तरफ इसी कर्नाटक में हिजाब को लेकर मुस्लिम लड़कियों को निशाना बनाने का काम किया गया था , आपको बताते चलें की जेसे ही मुकद्दमा लिखा गया वैसे ही उक्त धर्म गुरु को गिरफ्तार कर लिया गया है
वहीं मामला दर्ज होने के बाद मुरुघा मठ के छात्रों को सरकारी छात्रावास में स्थानांतरित कर दिया गया है।और
इस मामले के सामने आने के बाद से बच्चों के माता-पिता अपने बच्चों को अपने घर ले गए. और वही पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महंत के खिलाफ मंगलवार को ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण)
कानून के तहत भी आरो’प लगाए गए थे क्योंकि पीड़ितों में एक दलित समाज की भी लड़की है प्राप्त जानकारी के अनुसार महंत की तत्काल गिरफ्तारी को लेकर मांग मंगलवार को ही उठने लगी और
स्थानीय दलित संगठनों ने इसका विरोध प्रदर्शन किया था,
जिसके बाद महंत शरणारू पर एससी/एसटी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया और गिरफ्तार किया गया ,
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त प्रकरण सामने आने बाद से ही स्थानीय पुलिस को भनक लग गई थी जिसके
चलते पुलिस टीम लगातार मठ और छात्रावास का दौरा करने में लगी रही मगर उक्त बलात्कारी शरणारू ने अपने उपर लगे आरोपों को गलत बताया है,
वहीं उक्त बलात्कारी ने यह भी भरोसा जताया कि वह मामले में पाक-साफ होकर सबके सामने आएगा, और उसको भरोसा हो भी क्यों न भाई क्यूं कि
अब तक जितने भी पाखंडियों ने दुष्कर्म किए हैं उनका कहीं न कहीं स्वागत आदि हुए हैं और यह तो भाई महंत हैं ,
इधर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने महंत के खिलाफ जो यौ’न उत्पी’ड़न के आरोप हैं उनका ब्यौरा कर्नाटक पुलिस से जांच रिपोर्ट सहित मांगी है. वहीं स्थानीय मीडिया के अनुसार
, महंत शरणारू पर यौ’न उत्पी’ड़न का आरो’प लगाने वाली दोनों नाबालिग लड़कियों ने मंगलवार को मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान भी दर्ज करा दिए हैं
अब देखना होगा कि दलित उत्पीड़ित बालिकाओं को कर्नाटक सरकार किस तरह इंसाफ दिलाने का काम करती है और महंत को सलाखों के पीछे भेजकर कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाए जाने का काम करती है।

