Maharashtra

Maharashtra: नांदेड़ में ट्रेन में लगी आग, कारण अब तक साफ नहीं – घटना का पूरा विवरण

कल्पना कीजिए कि आप रोज़ की तरह एक भीड़भाड़ वाली ट्रेन में सवार हैं, तभी अचानक एक कोच से धुआं उठने लगता है। कुछ ऐसा ही नांदेड़ रेलवे स्टेशन पर हुआ। इस चौंकाने वाली घटना ने यात्रियों में दहशत फैला दी और महाराष्ट्र में रेल सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

 नांदेड़ रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन के कोच में आग लग गई। धुआं तेजी से हवा में फैल गया। रेल कर्मचारियों ने तेजी से यात्रियों को बाहर निकाला। फिलहाल किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की संभावना जताई जा रही है, लेकिन सटीक कारण अब तक स्पष्ट नहीं है।

Maharashtra जैसे व्यस्त राज्य में इस तरह की घटनाएं बड़ा असर डालती हैं। लाखों लोग रोज़ ट्रेन से सफर करते हैं। जब कारण अनजान हों, तो चिंता और भी बढ़ जाती है। आइए जानते हैं – क्या हुआ, क्यों हुआ और आगे ऐसा न हो, इसके लिए क्या किया जाना चाहिए।

घटना का विवरण

इस आग की घटना ने नांदेड़ स्टेशन को एक व्यस्त शाम में हिला कर रख दिया। यहां हम इसे क्रमबद्ध तरीके से समझते हैं, प्रत्यक्षदर्शियों और रिपोर्ट्स के अनुसार।

घटना का समय और स्थान

शाम करीब 7 बजे, नांदेड़ स्टेशन के प्लेटफॉर्म 1 पर यह घटना घटी। यह ट्रेन मुंबई-नांदेड़ रूट पर चल रही थी, जो कामकाजी लोगों और परिवारों के लिए अहम है। ट्रेन संख्या 11402, मुंबई से चलकर लगभग 500 यात्रियों को लेकर आ रही थी। स्टेशन पर शाम की भीड़ अपने चरम पर थी।

धुआं सबसे पहले ट्रेन के मध्य हिस्से में स्थित एसी कोच से उठता दिखाई दिया। नांदेड़, Maharashtra के पूर्वी भाग में स्थित है और सिख तीर्थयात्रियों का एक प्रमुख केंद्र भी है, जहां सालभर यात्रियों की भीड़ लगी रहती है। आग ने उस भीड़भाड़ को अराजकता में बदल दिया।

आग लगने की शुरुआती जानकारी

सबसे पहले यात्रियों ने सीटों के पास से धुआं उठता देखा। कुछ ही मिनटों में यह धुआं आग में बदल गया। कोच में धुएं से दम घुटने लगा, खांसी की आवाजें गूंजने लगीं। लोग चिल्लाते हुए बाहर की ओर भागे। एक महिला ने बाद में कहा, “पहले लगा कोहरा है, बाद में समझ आया कि आग है।” कई लोगों ने फोन से अपने घर वालों को सूचना दी।

रेलवे अधिकारियों ने शुरुआती बयान में कहा कि कोई धमाका नहीं हुआ, लेकिन धीरे-धीरे आग बढ़ी। आसपास के डिब्बों में भी धुएं का असर पड़ा। एक रिपोर्ट में बताया गया कि शिखर तक आग की लपटें पहुंच गई थीं।

तेजी से की गई राहत कार्यवाही

रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत आपातकालीन ब्रेक खींचा और दरवाज़े खोल दिए। नांदेड़ से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। 20 मिनट के अंदर आग पर काबू पा लिया गया। स्थानीय पुलिस ने भगदड़ रोकने के लिए प्लेटफॉर्म खाली कराया।

कोई मौत नहीं हुई, जो राहत की बात रही। दो लोगों को मामूली जलन और धुएं से सांस लेने में तकलीफ हुई। उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया। प्रशासन ने टीम की तत्परता की सराहना की। एक रेल अधिकारी ने कहा, “हमने ऐसी आपात स्थितियों के लिए प्रशिक्षण लिया है।

Video: पुणे स्टेशन पर धूं-धूं कर जली ट्रेन, कई डिब्बे जलकर खाक, कोई हताहत  नहीं | Patrika News | हिन्दी न्यूज

संभावित कारणों की जांच

अब तक आग लगने का सटीक कारण स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञ पुराने मामलों और अनुभव के आधार पर अटकलें लगा रहे हैं। आइए देखें संभावित कारण:

तकनीकी खराबी की संभावना

सबसे ऊपर है – शॉर्ट सर्किट। पुराने कोचों की वायरिंग में यह खतरा हमेशा बना रहता है। भारत की कई ट्रेनें 20 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं। 2022 की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि 30% कोचों को अपग्रेड करने की जरूरत है।

फैन, लाइट या हीटिंग सिस्टम से निकली गर्मी भी कारण हो सकती है। मुंबई से नांदेड़ जैसे लंबे रूट पर धूल और घिसावट उपकरणों को कमजोर कर सकती है।

एक अध्ययन के अनुसार, 40% आग शॉर्ट सर्किट या खराब प्लग पॉइंट्स से लगती है।

मानव त्रुटि या बाहरी कारण

ध्यान न देने की वजह से भी ऐसी घटनाएं होती हैं – जैसे सिगरेट का टुकड़ा गिरना या यात्रियों के बैग से निकले तारों से चिंगारी। सूखे मौसम में रेल पटरियों से निकलने वाली चिंगारियों से भी आग लग सकती है।

याद कीजिए 2017 में पालघर में लगी आग – वहां शॉर्ट सर्किट और पटरियों के पास पड़ा कचरा कारण बना था। नांदेड़ में भी हालात कुछ ऐसे ही हो सकते हैं।

साज़िश की आशंका फिलहाल नहीं दिखती, लेकिन रेलवे हमेशा जांच में इस एंगल को भी देखती है।

जांच प्रक्रिया कैसे चलती है

रेलवे द्वारा विशेष जांच समिति गठित की जाती है। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और जले हुए हिस्सों की जांच की जाती है। पूरी रिपोर्ट आने में अकसर हफ्ते लगते हैं। कई बार एक महीने तक रिपोर्ट नहीं आती, जिससे यात्रियों में असुरक्षा की भावना बनी रहती है।

लोग चाहते हैं – जवाब जल्द आएं, ताकि यात्रा में दोबारा भरोसा हो सके।

Video: पुणे स्टेशन पर धूं-धूं कर जली ट्रेन, कई डिब्बे जलकर खाक, कोई हताहत  नहीं | Patrika News | हिन्दी न्यूज

प्रभाव और नतीजे

यह आग सिर्फ एक कोच में नहीं लगी – इसका असर पूरे सिस्टम और समाज पर पड़ा। चलिए देखते हैं:

यात्रियों पर असर

उस रात यात्रियों में भय का माहौल था। कई लोग घंटों स्टेशन पर दूसरी ट्रेनों का इंतज़ार करते रहे। एक व्यक्ति ने बताया कि वह एक पारिवारिक कार्यक्रम में नहीं पहुंच सका। बच्चे धुएं से डर गए। कई यात्रियों ने कहा कि उन्हें अब ट्रेन से यात्रा करते डर लगता है

सैकड़ों लोगों की ट्रेनें विलंबित हुईं। कुछ लोगों को पैदल घर जाना पड़ा। हेल्पलाइन पर लगातार कॉल आते रहे।

रेल सिस्टम पर असर

नांदेड़ स्टेशन पर 3 घंटे तक ट्रैफिक बाधित रहा। दो ट्रेनों को रूट बदलकर चलाना पड़ा। जिस कोच में आग लगी, उसे मरम्मत के लिए हटाया गया।

Maharashtra का रेल नेटवर्क हर दिन करीब 1,000 ट्रेनें संभालता है। ऐसे हादसे पूरे सिस्टम को झटका देते हैं।

जनता और नेताओं की प्रतिक्रिया

न्यूज़ चैनलों ने दिनभर घटना को दिखाया। नांदेड़ में स्थानीय लोगों ने रेलवे सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन किया। कई नेताओं ने तुरंत जांच की मांग की। एक सांसद ने कहा, “अब समय आ गया है कि रेलवे पुराने कोच बदले।

सोशल मीडिया पर भी हैशटैग्स और सुझावों की बाढ़ आ गई। लोग अपनी सुरक्षा टिप्स साझा करने लगे।

Video: पुणे स्टेशन पर धूं-धूं कर जली ट्रेन, कई डिब्बे जलकर खाक, कोई हताहत  नहीं | Patrika News | हिन्दी न्यूज

सुरक्षा के सबक और उपाय

हर हादसा एक सबक होता है। इससे सीखा जाता है कि क्या सुधार किए जाएं।

मौजूदा रेलवे सुरक्षा नियम

  • धुआं दिखने पर अलार्म बजते हैं।

  • हर कोच में आपातकालीन दरवाजे और खिड़कियों के संकेत होते हैं।

  • स्टाफ को हर साल ट्रेनिंग दी जाती है।

  • कुछ नए कोचों में फोम स्प्रे सिस्टम भी है।

  • खुला डिस्चार्ज सिस्टम आग फैलने से रोकता है।

फिर भी पुराने कोचों में यह मानक पूरी तरह लागू नहीं हो पाए हैं।

व्यवहारिक सुझाव – यात्रियों के लिए

  • आपातकालीन नंबर (जैसे 139) याद रखें

  • सीट पर बैठने से पहले सुरक्षा संकेत पढ़ें

  • धुआं दिखे तो नाक और मुंह ढकें, और नीचे झुककर चलें

  • अपने पास पानी की बोतल रखें

  • कोच के निकास द्वार जानें

  • अजीब गंध या शॉर्ट सर्किट जैसी चीज़ों की सूचना स्टाफ को दें

Maharashtra, राजस्थान और मध्य प्रदेश में झड़पों के बीच गरबा उत्सव अराजक हो गया

Follow us on Facebook

India Savdhan News | Noida | Facebook