Delhi में जीजा की हत्या कर नाले में फेंका शव: 35 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
कल्पना कीजिए—सुबह की सैर पर निकले और एक बदबूदार नाले में फंसी हुई सूजी–फूली लाश दिख जाए। पश्चिमी Delhi में पिछले हफ्ते बिल्कुल ऐसा ही हुआ। एक 35 वर्षीय व्यक्ति पर अपने जीजा की हत्या कर शव को नाले में ठूंसने का आरोप है। यह घटना परिवारिक विश्वासघात की एक ऐसी दहला देने वाली कहानी है जिसने पूरे इलाके को हिला दिया।
घटना: शव की बरामदगी और शुरुआती पुलिस कार्रवाई-Delhi
शुरुआती रिपोर्ट और क्राइम सीन की जांच
मंगलवार सुबह करीब 7 बजे एक मॉर्निंग वॉकर ने नजफगढ़ रोड के पास नाले में तैरते हुए शरीर के हिस्से देखे। डर से कांपते हुए उसने तुरंत पुलिस को फोन किया। स्थानीय थाने की टीम मौके पर दौड़ी और क्षेत्र को घेराबंदी कर लिया, जिससे ट्रैफिक धीमा हो गया।
नाले का गंदला पानी जांच में बड़ी बाधा बना। Delhi पुलिस के जवान दस्ताने पहनकर पानी में उतरे और हुक की मदद से कटे-फटे अवशेषों को बाहर निकाला। उन्हें कपड़ों के टुकड़े, बाल और यहां तक कि एक फोन भी मिला, जो किसी तरह चालू हालत में था। फोरेंसिक टीम ने तेजी से काम किया और गर्मी के कारण शव में आए सड़ांध को भी नोट किया।
नाला संकरा था और नीचे मुड़ता जा रहा था, जिससे सबूत खोजना मुश्किल रहा। फिर भी पुलिस ने हर इंच की फोटोग्राफी, वीडियो और स्केच तैयार किए। इसी शुरुआती कार्रवाई ने आगे की पूरी जांच की नींव रखी।

पीड़ित और आरोपी की पहचान
फिंगरप्रिंट और डेंटल रिकॉर्ड की मदद से कुछ ही घंटों में शव की पहचान हो गई। मृतक का नाम रवि शर्मा (32) था, जो एक किराना दुकान चलाता था। कुछ दिन पहले उसकी पत्नी ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
आरोपी? रवि का साला—अमित कुमार (35), जो पेशे से मैकेनिक है। वह पास में ही रहता था और रवि की बहन का पति है। पुलिस ने पारिवारिक संबंधों की जांच शुरू की, और जल्दी ही संदेह अमित पर जाकर टिक गया।
फोरेंसिक ने भी कड़ी जोड़ दी—नाले से मिले सबूतों का डीएनए अमित के घर से लिए गए नमूनों से मैच हुआ। इस जीजा-साला विवाद ने पूरी दिल्ली का ध्यान खींच लिया।
जांच टाइमलाइन: सुराग से लेकर गिरफ्तारी तक-Delhi
आख़िरी गतिविधियों का पता लगाना
पुलिस ने रवि के अंतिम घंटों की तहकीकात शुरू की। कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि रवि और अमित के बीच रविवार रात गर्मागर्म मैसेज हुए थे। सीसीटीवी फुटेज में रात 10 बजे दोनों को रवि की दुकान के बाहर बहस करते देखा गया।
सोशल मीडिया भी सुराग बना। रवि ने उसी दिन परिवारिक तनाव की बातें लिखी थीं। पड़ोसियों ने बताया कि अमित के घर से उस रात तेज आवाजें आई थीं। दोस्तों ने भी दोनों के बीच पैसों को लेकर तनाव की पुष्टि की।
परिवारिक चैट्स और रिश्तेदारों के बयानों से पुरानी खटास साफ दिखने लगी। पुलिस की पूछताछ में अमित की पत्नी भी टूटती हुई दिखी।
कबूलनामा और बरामदगी अभियान-Delhi
बुधवार सुबह अमित के एक सहकर्मी ने बताया कि वह अजीब व्यवहार कर रहा है—काम पर नहीं आया और घर पर कपड़े जलाते देखा गया। पुलिस ने उसी दोपहर उसे पकड़ा।
सख्त पूछताछ के दो घंटे बाद अमित टूट गया। उसने गुस्से में रवि का गला घोंटने की बात कबूल की। फिर शव को दो ब्लॉक दूर ले जाकर नाले में फेंक दिया। पुलिस ने सब कुछ रिकॉर्ड किया।
नाला खाली कराने में भारी मेहनत लगी। म्युनिसिपल टीम ने पंप लगाकर पानी निकाला, डाइवरों ने कीचड़ में उतरकर शव को निकाला। वह उसी तिरपाल में लिपटा मिला, जिसका जिक्र अमित ने किया था।

मकसद क्या था? पारिवारिक झगड़ा या पैसों का विवाद?-Delhi
रिश्तों में पड़ी दरारें
रवि और अमित का रिश्ता शादी के माध्यम से जुड़ा था, लेकिन पुलिस के अनुसार उनके बीच पुरानी खटास थी। छोटे-छोटे झगड़े बढ़कर बड़े विवाद बन जाते थे। रवि अक्सर अमित की नौकरी पर तंज कसता था, जिससे वह अपमानित महसूस करता था।
परिवार में तनाव बढ़ चुका था, और कोई बीचबचाव करने वाला नहीं था। रिश्तों की यह दरार धीरे-धीरे खतरनाक मोड़ ले गई।
पैसों और प्रॉपर्टी के झगड़े की वजह-Delhi
मुख्य वजह पैसों का झगड़ा निकला। रवि कर्ज में डूबा था और अमित ने उसके लिए एक लोन पर को-साइन किया था। जब रवि पैसे नहीं लौटा पाया, तो तनातनी बढ़ गई। पुलिस को कुछ दस्तावेज भी मिले जो प्रॉपर्टी विवाद की ओर इशारा करते थे।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार परिवारिक पैसों के झगड़े देश में 15% हत्याओं की वजह बनते हैं।
कानूनी कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया-Delhi
अमित पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाना), और 203 (झूठी जानकारी देना) के तहत मामला दर्ज हुआ। गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। जमानत की संभावना कम है।
पुलिस के पास मजबूत सबूत हैं—सीसीटीवी, फोरेंसिक, गवाही और खुद अमित का बयान।
विशेषज्ञों की राय
सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी राज सिंह कहते हैं, “शहर के नाले अपराध छिपाने की जगह नहीं हैं—ये बहुत सार्वजनिक होते हैं।”
क्राइम विश्लेषक प्रिया मेहता का मानना है, “नाले में शव फेंकना दर्शाता है कि अपराधी घबराहट में था, सोची-समझी प्लानिंग नहीं थी।”

समाज पर असर और मुख्य सीख-Delhi
इस हत्या ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। पैसों के विवाद ने रिश्तों को इतना जहरीला बना दिया कि बात हत्या तक पहुंच गई। पुलिस की तेज कार्रवाई ने दिखा दिया कि अपराध ज़्यादा समय तक छिप नहीं सकता।
लोग अब परिवारिक झगड़ों को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं। पुलिस पेट्रोलिंग भी बढ़ गई है।
मुख्य बातें:
परिवार में पैसों के तनाव को हल्के में न लें
सीसीटीवी और डिजिटल सबूत जांच में बेहद अहम साबित होते हैं
समय रहते बातचीत और काउंसलिंग से बड़े हादसे टल सकते हैं
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