नई दिल्ली, 27 मई । भाजपा के सिखनेता सरदार मनजिन्दर सिंह सिरसा ने 1991 में पीलीभीत में 11
बेगुनाह सिखों का कत्ल करने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस के 34 कर्मचारियों की अलाहाबाद हाई कोर्ट की तरफ से
ज़मानतें रद्द करने के फ़ैसले का स्वागत किया है और उन्होंने अदालत का धन्यवाद भी किया है। आज यहां जारी
किए एक बयान में सरदार मनजिन्दर सिंह सिरसा ने कहा कि इन उत्तर प्रदेश के 34 पुलिस कर्मचारियों ने
पीलीभीत में माथा टेक कर वापिस लौट रहे 11 श्रद्धालुओं जिन में एक बच्चा भी शामिल था, को बस में से उतार
कर इनका हत्याकांड किया था।
उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ा गुनाह था। उन्होंने कहा कि माननीय अलाहाबाद हाई
कोर्ट के डबल बैंच ने यह कह कर ज़मानतें रद्द की हैं
कि इतने निर्दयी तरीके से किए कत्ल के मामले में ज़मानत
लेना इन दोषियों का हक नहीं बनता।
उन्होंने कहा कि अदालत के इस फ़ैसले के साथ पीडि़तों के परिवारों के मन
को शांति पहुंचेगी जो इतने समय से लम्बी लड़ाई लड़ रहे थे।
उन्होंने कहा कि अब यह कातिल सारी उम्र जेलों में
सड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि अदालत का ज़मानतें रद्द करने का फैसला सारे देश में एक संदेश है कि बेरहमी के साथ
किए गुनाहों के मामले में कोई ढील नहीं दी
जाएगी और सख्त से सख्त कार्यवाही होगी।
उन्होंने एक बार फिर से
माननीय अदालत का धन्यवाद किया।

