रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष शोध अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘यह कम कारोबारी सत्रों वाला सप्ताह रहेगा। सोमवार को
बाजार भागीदार औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) के आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देंगे।
इसी तरह उपभोक्ता मूल्य
सूचकांक और थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े भी आने हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक के
नतीजे 16 मार्च को आएंगे। इनपर सभी की निगाह रहेगी।’’
बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,216.49 अंक या 2.23 प्रतिशत चढ़ा। वहीं नेशनल स्टॉक
एक्सचेंज का निफ्टी 385.10 अंक या 2.37 प्रतिशत के लाभ में रहा।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘विधानसभा चुनाव के
नतीजे आ चुके हैं
और अब निकट भविष्य में बाजार अन्य महत्वपूर्ण कारकों पर प्रतिक्रिया देगा। रूस-यूक्रेन भू-
राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अर्थव्यवस्था पर मुद्रास्फीति दबाव को लेकर रिजर्व बैंक की
प्रतिक्रिया आदि पर अब बाजार की निगाह रहेगी। इनके अनुकूल होने तक बाजार में उतार-चढ़ाव कायम रहेगा।’’
रुपये का उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल के दाम और विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख भी बाजार की दिशा को प्रभावित
करेगा।
सैमको सिक्योरिटीज में इक्विटी शोध प्रमुख येशा शाह ने कहा, ‘‘रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की
बैठक इस सप्ताह बाजार के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम हैं।
घरेलू मोर्चे पर मुद्रास्फीति के आंकड़े भी बाजार की दिशा
के लिए महत्वपूर्ण होंगे।’

