गुरुग्राम,)। बजघेड़ा इलाके में रविवार देर रात कबाड़ के एक गोदाम में भीषण आग लग गई।
आग में 10 से ज्यादा झुग्गियां जलकर राख हो गईं।
आग इतनी भीषण थी कि बुझाने के लिए रेवाड़ी, फरीदाबाद,
झज्जर और बहादुरगढ़, मानेसर और गुरुग्राम सहित अलग-अलग दमकल केंद्रों से 20 से ज्यादा दमकल की गाड़ियां
बुलानी पड़ीं।
आग से आसपास के रिहायशी इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के मारे घरों से बाहर आ
गए। कई घंटे की मशक्कत के बाद सोमवार सुबह पूरी तरह आग पर काबू पाया जा सका।
आग से कबाड़ और
झुग्गियां जलने की सूचना है। गनीमत ये रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।
फायर स्टेशन आफिसर रमेश सैनी ने बताया कि दमकल केंद्र को कबाड़ के गोदाम में आग लगने की सूचना
रविवार रात 12:40 बजे मिली थी।
बजघेड़ा क्षेत्र में लगभग ढाई एकड़ में एक कबाड़ का गोदाम बना हुआ था।
गोदाम में प्लास्टिक
, खाली बोतलें सहित अन्य तरह का कबाड़ भरा हुआ था। आग लगने के कारण का पता नहीं
लग पाया है।
10 से ज्यादा झुग्गियां आई चपेट में : कबाड़ के गोदाम के के समीप ही 10 से ज्यादा झुग्गियां भी बनी हुई थी।
आग झुग्गियों तक पहुंच गई और दूर-दूर तक इसकी लपटें और धुआं दिखाई दिया। झुग्गियां में रखे छोटे गैस
सिलेंडरों में भी आग लगने के बाद धमाके हुए। स्थानीय पुलिस और दमकलकर्मियों की मदद से इस क्षेत्र को खाली
करवाया गया। मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
कबाड़ के गोदाम बने आफत : रिहायशी इलाकों के बीच में बने कबाड़ के गोदाम आफत बन गए हैं। गांवों के साथ
लगती जमीन या बीच में ही दो से तीन एकड़ जमीन पर कबाड़ के गोदाम बना लिए गए हैं।
पिछले दिनों बसई
क्षेत्र में भी एक कबाड़ का गोदाम आग की चपेट में आ गया था।
इसके अलावा मानेसर में कबाड़ और झुग्गियों में
भीषण आग लगने से एक महिला की मौत हो गई थी।
नगर निगम या प्रशासन ने ऐसे कबाड़ के गोदाम मालिकों
पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

