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ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों में डिजाइन संबंधित सहायता के लिए निफ्ट के साथ समझौता ज्ञापन का विस्तार किया

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आज दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों में डिजाइन संबंधित सहायता के लिए “निफ्ट” – राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान के साथ अपने समझौता ज्ञापन (एमओयू) को आगे बढ़ाया है।

श्री चरनजीत सिंह, अतिरिक्त सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय और श्री रोहित कंसल, महानिदेशक, निफ्ट ने नई दिल्ली में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और आपस में इसकी प्रतियों का आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर निदेशक, आरएल श्री राघवेंद्र प्रताप सिंह और निफ्ट और ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद थे।

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23 अक्टूबर, 2019 को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन -ग्रामीण विकास मंत्रालय और एनआईएफटी के बीच एक गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे, जो शुरू में तीन साल के लिए था। एमओयू पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद शुरू कोविड-19 महामारी शुरू हो गई थी जिसके चलते राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन -ग्रामीण विकास मंत्रालय और एनआईएफटी  के बीच एमओयू के दायरे में ज्यादा कुछ नहीं किया जा सका था। हालांकि, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने एनआईएफटी की सेवाओं को डिजाइन और नवीनीकरण के लिए बाबा खड़क सिंह मार्ग, नई दिल्ली में “सरस गैलरी” के लिए उस दौरान भी जारी रखा था। इसके तहत यह सेवाएं 17 दिसंबर, 2021 से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग के लिए जारी हैं। अपने जीर्णोद्धार के बाद से 01-03-2023 तक सरस गैलरी ने 1,17,05,240 रुपये की बिक्री की है। इसके अलावा, एनआईएफटी की टीम विभिन्न अवसरों पर एसएचजी सदस्यों को उनके उत्पाद डिजाइनिंग और पैकेजिंग के बारे में मार्गदर्शन करने के लिए एनआरएलएम के साथ जुड़ी हुई है।

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पिछले दो वर्षों के दौरान, एनआरएलएम ने कई माध्यमों से एसएचजी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं जिनमें सरस गैलरी के रूप में राष्ट्रीय स्तर के रिटेल आउटलेट, अमेज़ॅन, फ्लिपकार्ट, मीशो पर एसएचजी उत्पादों की उपस्थिति, मंत्रालय का अपना समर्पित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म www. esaras.in और राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर नियमित सरस आजीविका मेले शामिल हैं। इस तरह की प्रदर्शनियों ने कई खरीदारों को आकर्षित किया है। प्रचलित और आधुनिक डिजाइन के अनुसार और सुधारों से ग्रामीण एसएचजी व्यवसायों को बढ़ाने की उम्मीद है।

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