उत्तराखंड देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2022-23 के लिए अधिकतर सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में नो एडमिशन का बोर्ड लगाना पड़ा। बताते चलें कि कोविड काल में आयी तमाम दिक्कतों के चलते उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ी है।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय के अनुसार एक साल में रिकॉर्ड 56172 छात्र बढ़े हैं। प्रदेश के तीन हजार से अधिक स्कूल बंदी की कगार पर पहुंच चुके हैं। जिनमें दस या इससे भी कम छात्र संख्या है, लेकिन कोरोना काल में विभाग के लिए कुछ राहत की खबर है।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के मुताबिक प्रदेश के 189 स्कूलों को अटल उत्कृष्ट स्कूल बनाया गया। इन स्कूलों को सीबीएसई की मान्यता दिलाई गई। इसका परिणाम यह हुआ कि निजी स्कूलों को छोड़कर कई अभिभावकों ने सरकारी स्कूलों में बच्चों के एडमिशन करवाए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि अवसर मिला तो प्रदेश के हर विकास खंड में मानकों को पूरा करने वाले स्कूलों को सीबीएसई से मान्यता दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता में प्रदेश को देश में पहले स्थान पर लाया जा सके इसके लिए हर स्कूल में शिक्षकों की तैनाती के साथ ही छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जाएगा।

