बिहार में विधानसभा चुनाव 2025
बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल गरम है। विपक्षी महागठबंधन, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर “INDIA ब्लॉक” कहा जाता है, की रणनीति, सीट‑बाँट और नेतृत्व की घोषणा अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। महागठबंधन में मुख्य भूमिका निभा रही है राजद (RJD) और कांग्रेस। राजद ने लंबे समय से यह दावा किया है कि उनका नेता तेजस्वी यादव सीएम चेहरा होना चाहिए। लेकिन कांग्रेस इस पर अब तक औपचारिक रूप से सहमत नहीं हुई है — इस मोहरे पर “तेजस्वी को समर्थन नहीं” जैसी खबरें आ रही हैं।
उदित राज नाम के कांग्रेस नेता ने हाल ही में इस संबंध में सार्वजनिक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि तेजस्वी यादव राजद के मुख्यमंत्री चेहरे हो सकते हैं, लेकिन INDIA ब्लॉक के मुख्यमंत्री चेहरे का निर्णय अभी “सामूहिक निर्णय” के अंतर्गत होगा। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
निम्न में, मैं इस खबर का गहराई से विश्लेषण करूँगा:
महागठबंधन‑INDIA ब्लॉक का राजनीतिक और चुनावी परिप्रेक्ष्य
तेजस्वी यादव को सीएम चेहरा बनाने की मांग और राजद‑कांग्रेस बीच स्थिति
उदित राज ने क्या कहा — उनके बयान की व्याख्या
कांग्रेस की झिझक के कारण
इस स्थिति के राजनीतिक प्रभाव
भविष्य के परिदृश्य
निष्कर्ष
महागठबंधन / INDIA ब्लॉक का राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
“INDIA ब्लॉक” एक ऐसा गठबंधन है जिसमें विपक्ष की कई प्रमुख партии शामिल हैं — राजद, कांग्रेस, अन्य क्षेत्रीय दल आदि — जिसका लक्ष्य है भाजपा‑निदेशित NDA को राज्यों और राष्ट्रीय स्तर पर टक्कर देना।
बिहार में, राजद और कांग्रेस गठबंधन का गठन वर्षों से चल रहा है। 2020 के विधानसभा चुनावों में भी राजद, कांग्रेस और अन्य दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। राजद को राजशाही वर्गीकरण में बड़ा दल माना जाता है, और तेजस्वी यादव उसके युवा नेता हैं, जिनका राजनीतिक रूझान है कि वे सीएम चेहरा बनें। राजद ने इसे कई बार सार्वजनिक रूप से माना है।
लेकिन कांग्रेस की स्थिति इस मामले में विविध और कुछ हद तक विवेकाधीन बनी हुई है। कांग्रेस के अंदर ये मत हैं कि साथी दलों के साथ संतुलन रखना चाहिए, अपने हिस्से की सीट‑बाँट, अपने राजनीतिक हितों, व अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए।

Tejashwi यादव को सीएम चेहरा बनाने की मांग
राजद की पूर्व तैयारियों और सार्वजनिक कोशिशों के अनुसार:
Tejashwi यादव ने कई बार यह दावा किया है कि वे महागठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरों में से एक होंगे। इन दावों का राजनीतिक आधार है कि राजद पिछले चुनाव में गठबंधन में सबसे बड़ा दल है।
राजद और Tejashwi यादव ने “वोटर अधिकार यात्रा” जैसे कार्यक्रमों के दौरान अपनी छवि खुद को बदलाव‑नेता की रूप में प्रस्तुत की है।
स्थानीय कांग्रेस नेताओं के कुछ हिस्सों ने भी माना है कि Tejashwi यादव इस भूमिका के लिए उपयुक्त हैं। उदाहरण के लिए, कांग्रेस के राज्य नेतृत्व के कुछ नेता और कांग्रेस कार्यकर्ता यह विचार रखते हैं कि गठबंधन को ताकत दिखाने के लिए सीएम चेहरा साफ होना चाहिए।
समर्थन या घोषणा नहीं हुई है कि Tejashwi यादव को INDIA ब्लॉक का सीएम चेहरा माना जाए। इसको लेकर अंदर‑ही‑अंदर असमण्वय और अटकलें बनी हुई हैं।
उदित राज का बयान: उन्होंने क्या कहा?
उदित राज, कांग्रेस के एक नेता, ने साफ कहा है:
उन्होंने स्वीकार किया कि Tejashwi यादव राजद का मुख्यमंत्री चेहरा हो सकते हैं।
लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि INDIA ब्लॉक/महागठबंधन के लिए मुख्यमंत्री का चेहरा सामूहिक निर्णय होगा, न कि अकेले किसी पार्टी की पसंद।
उदित राज ने कहा:
“He may be the chief ministerial face for the RJD … but the INDIA bloc’s chief ministerial face will be decided collectively.”
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस मुख्यालय (Congress HQ) को इस फैसले का अधिकार है, अर्थात् यह निर्णय स्थानीय नेताओं या राजद‑के अतिरिक्त शक्ति केंद्रों द्वारा नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह इशारा किया है कि अभी सीट‑बाँट, गठबंधन की रणनीति और अन्य राजनैतिक गणनाएँ पूरी तरह तय नहीं हुई हैं, इसलिए सीएम चेहरे पर जल्दबाजी में फैसला नहीं लिया गया है।
इस तरह उदित राज का बयान कांग्रेस की उस स्थिति को स्पष्ट करता है जहाँ वह Tejashwi के समर्थन पर तुरंत हाँ नहीं कह रही है, बल्कि स्थिति की समीक्षा और गठबंधन की रणनीति को देख रही है।
कांग्रेस की झिझक: संभावित कारण
Tejashwi यादव को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने में कांग्रेस की सावधानी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ये कारण रणनीतिक, राजनीतिक, सामाजिक सहायक और गठबंधन संबंधी हैं:
सीट‑बाँट की अनिश्चितताएँ
बिहार महागठबंधन में सीट बाँट अभी फाइनल नहीं हुई है। कांग्रेस चाहती है कि उसे अपने हिस्से की सीटें पर्याप्त और उसकी मांगों के अनुसार मिलें। यदि तेजस्वी यादव को जल्दी घोषित किया जाए, तो यह कांग्रेस की सीट‑मांग पर प्रभाव डाल सकता है।
यह संभव है कि कांग्रेस यह सुनिश्चित करना चाहे कि गठबंधन में उसके उम्मीदवारों को मजबूत स्थिति मिलें, खासकर उन इलाकों में जहाँ कांग्रेस की स्थिति कमजोर रही है।
राजनीतिक पहचान और लोक समर्थन
कांग्रेस बिहार में लंबे समय से घटती स्थिति का सामना कर रही है। 2020 में उसने 70 सीटों पर लड़ाई की थी लेकिन केवल 19 पर जीत मिली। यह कमजोरी कांग्रेस के लिए एक बड़ी चिंता है।
कांग्रेस चाहती है कि शक्ति साझा हो, और उसकी अपनी प्रासंगिकता बनी रहे। सीएम चेहरा तेजस्वी हो जाए और कांग्रेस को उसमें पर्याप्त हिस्सेदारी न मिले, तो यह आम जनता के मन में कांग्रेस की “दूसरी पार्टी” की भूमिका को और पुष्ट करेगा।
नेतृत्व स्वीकार्यता और अंदरुनी संतुलन
कांग्रेस के अंदर भी कई नेता हैं जो अपनी महत्वाकांक्षाएँ रखते हैं। किसी अन्य नाम की मौजूदगी की चर्चा होती रही है।
यह भी संभव है कि कुछ कांग्रेस नेताओं को लगे कि Tejashwi यादव पर निर्भरता गठबंधन को कमजोर कर सकती है अगर उन्होंने सीएम चेहरा घोषित होने के बाद विरोध किया या प्रदर्शन अपेक्षानुसार न हो।
राजद‑कांग्रेस रणनीतिक संतुलन
गठबंधन का आधार सिर्फ नाम तय करना नहीं है, बल्कि संगठनात्मक काम, प्रचार, प्रत्याशी चुनना, सामाजिक आधार, जातीय समीकरण, मुस्लिम‑यादव वोट बैंक आदि को संतुलित करना है। Tejashwi यादव यादव‑जाति से हैं, लेकिन कांग्रेस भी अपनी जातीय और समीकरणों की स्थिति को देखती है।
जनतागणना एवं विपक्षी रणनीति
विपक्षी दलों (विशेषकर BJP और JD(U)) इस स्थिति का राजनीतिक लाभ उठा सकते हैं, “असंयम” या “गठबंधन के भीतर मतभेद” को उजागर कर। कांग्रेस को यह चिंता हो सकती है कि यदि Tejashwi का सीएम चेहरा घोषित हो जाए और किसी कारणवश वह विवादों में पड़ जाए, तो विपक्षी प्रचार उससे फायदा उठा सकते हैं।
राष्ट्रीय स्तर की रणनीति
कांग्रेस शायद यह सोच रही हो कि राष्ट्रीय स्तर पर INDIA ब्लॉक की स्थिति को देख कर निर्णय लिया जाए — जैसे कि गुजरात, उत्तर प्रदेश, या अन्य राज्यों में गठबंधन की स्थिति कैसी है, सामाजिक एवं आर्थिक मोर्चे पर विपक्ष की ताकत कितनी है।
राजनीतिक प्रभाव और भयावहता
जिस तरह से कांग्रेस ने Tejashwi के सीएम चेहरे की घोषणा में देरी की है, उसके ये प्रमुख प्रभाव और खतरे हो सकते हैं:
गठबंधन की छवि पर असर
जनता में यह छवि बन सकती है कि महागठबंधन एकजुट नहीं है, निर्णय लेने में सक्षम नहीं है। यह प्रचारबाज़ी का मुद्दा बन सकता है कि गठबंधन में “अस्पष्टता” है।
तेजस्वी यादव की स्थिति कमजोर होना
राजद के लिए ज़रूरी है कि Tejashwi की छवि सीएम‑योग्य नेता की बनी रहे। लेकिन अगर कांग्रेस लगातार झिझके, हवा निकालती रहे, विरोधियों को बड़ी खुली जगह मिलेगी Tejashwi की ताकत और जन समर्थन को चुनौती देने की।
विपक्षी प्रचार को अवसर
NDA / BJP इस स्थिति का उपयोग कर सकते हैं कि “गठबंधन के अंदर दरारें हैं”, “Tejashwi को समर्थन नहीं मिल पा रहा है” आदि भावनाओं को हवा दे सकते हैं।
कांग्रेस के वोटर्स में भ्रम
कांग्रेस समर्थकों को यह लग सकता है कि उनकी पार्टी महागठबंधन की निर्णय प्रक्रिया में पीछे है, उनकी भूमिका सीमित है। यह मतों के आंकड़ों पर प्रभाव डाल सकता है, खासकर जहाँ कांग्रेस की स्थिति संदिग्ध है।
मतदाता ध्यान केंद्रित होने की समस्या
चुनाव के समय, यदि सीएम चेहरा स्पष्ट न हो, तो मतदाता यह सोच सकते हैं कि किसे वोट देना है — पार्टी या व्यक्ति? यह भ्रम वोटों के विभाजन या मतदाता उदासीनता का कारण बन सकता है।
भविष्य‑के परिदृश्य: क्या हो सकता है?
इस स्थिति से आगे क्या संभावनाएँ हैं, इसके कुछ संभावित परिदृश्य नीचे दिए जा रहे हैं:
परिदृश्य A: Tejashwi यादव को अंततः INDIA ब्लॉक का सीएम चेहरा घोषित कर दिया जाए
यदि:
सीट‑बाँट पर सहमति बनी,
कांग्रेस को यह भरोसा हो गया कि उनका हित सुरक्षित है,
राजद‑कांग्रेस के बीच अन्य दलों की भूमिका संतुलित हो गई हो,
तो Tejashwi यादव को चेहरा घोषित किया जा सकता है। इससे गठबंधन में एक स्पष्ट नेतृत्व मिलेगा, चुनाव प्रचार में एक रूपरेखा तैयार होगी, सत्ता‑परिवर्तन की संभावना बढ़ेगी।
परिदृश्य B: कांग्रेस किसी अन्य नाम या साझा मॉडल पर विचार करे
वैकल्पिक रूप से, कांग्रेस चाह सकती है कि सीएम चेहरा साझा घोषणात्मक हो — जैसे rota‑basis, या एक ऐसा नाम हो जो दोनों दलों के लिए स्वीकार्य हो। यह एक मध्य‑मार्ग हो सकता है ताकि कांग्रेस अपनी स्थिति को मजबूत रखे और राजद की अपेक्षाएँ भी पूरी हों।
परिदृश्य C: गठबंधन में दरारें बढ़ें, सार्वजनिक असमंजस बढ़े
अगर कांग्रेस लगातार हाथ पीछे करे या सार्वजनिक बयानबाज़ी से स्थिति अनिश्चित बनी रहे, तो गठबंधन की छवि कमजोर होगी। विरोधी दल संभवतः इसे प्रचार विषय बनाएँगे। वोटर्स में असमंजस और निराशा उत्पन्न हो सकती है।
परिदृश्य D: चुनाव के बाद शक्ति‑वितरण की बू बातचीत
अगर गठबंधन चुनाव जीतता है लेकिन सीएम चेहरे की घोषणा नहीं हुई हो, तो सत्ता विभाजन, मंत्री‑पद, अन्य हिस्सेदारी आदि पर विवाद हो सकता है। यह बाद की सरकार के समन्वय और सुचारू कामकाज को प्रभावित कर सकता है।
Tejashwi यादव को मुख्यमंत्री चेहरा बनाने की मांग राजद की रणनीति का एक महत्वपूर्ण अंग है, और राजनीतिक रूप से तेजस्वी इस भूमिका के लिए सबसे मजबूत विकल्प लगते हैं। लेकिन कांग्रेस अभी तक इस प्रस्ताव को औपचारिक समर्थन देने से हिचक रही है, और उदित राज का बयान इसके संकेत है कि कांग्रेस चाहते हैं कि सीएम चेहरा घोषित करने से पहले गठबंधन की रणनीति, सीट‑बाँट और अपने हितों की सुनिश्चितता हो।
इस पूरे मामले में एक संतुलन की स्थिति है — गठबंधन की एकता बनाए रखना, राजद और कांग्रेस दोनों की स्थिति सुरक्षित करना, और चुनावी माहौल में स्पष्टता एवं नेतृत्व की छवि सुनिश्चित करना।
अगले कुछ हफ्तों में सीट‑बाँट की घोषणाएँ, गठबंधन की बैठकों के परिणाम, कांग्रेस कार्य समिति की निर्णयें यह तय करेंगी कि तेजस्वी यादव को वास्तव में INDIA ब्लॉक का सीएम चेहरा घोषित किया जाएगा या कोई अन्य विकल्प अपनाया जाएगा।
Arvind केजरीवाल को दिल्ली में मिला बंगला, इस कांग्रेस नेता के पड़ोसी होंगे
Follow us on Facebook
India Savdhan News | Noida | Facebook

