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वाराणसी, 13 मई  प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दक्षिण भारत के संतों की जमकर सराहना
की। उन्होंने कहा कि भारत में अलग-अलग पंथ और समुदाय हैं

, परन्तु ये विभाजन के लिए नहीं हैं। ये मंजिल
तक पहुंचने के लिए अलग-अलग मार्ग हैं। लक्ष्य सबका एक ही है

वसुधैव कुटुंबकम का। मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां
जंगमबाड़ी मठ में जगतगुरु विशेश्वर शिवाचार्य महास्वामी का पंचाधिक शताब्दी जन्मोत्सव कार्यक्रम में आयोजित
वीर शैव सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यंमत्री मठ में भगवान विश्वराध्य का विधि विधान से पूजन अर्चन के बाद पीठ के 87वें जगद्गुरु के रूप में डॉ
मल्लिकार्जुन शिवाचार्य स्वामी के पट्टाभिषेक में भी शामिल हुए।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 100 साल की
एक लंबी यात्रा यहां के गुरुकुल परंपरा ने पूरी कर ली है

और अपना शताब्दी समारोह आयोजित कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मठ में पूर्व में आगमन का उल्लेख कर मुख्यमंत्री ने कहा कि दो साल पूर्व प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी यहां आए थे।

हम प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र में उनका प्रतिनिधि बनकर आए हैं। पूरे भारत को
प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व मिल रहा है।

आज नई ऊर्जा के साथ भारत आगे बढ़ रहा है। विकास की नई योजनाओं
के साथ आगे बढ़ रहा है। वैश्विक मंच पर भारत मजबूत हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र सशक्त होता है तो धर्म भी मजबूत होता है। हम धर्म से बढ़कर भारत के अनुयायी है।
हम सबका एक ही संकल्प है तेरा वैभव अमर रहे, हम दिन चार रहे ना।

इस संकल्प को पूरा करना है। मुख्यमंत्री
ने जोर देकर कहा कि एक भारत-सशक्त भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए एक भारत श्रेष्ठ भारत से
जोड़ना होगा।

उन्होंने कहा कि पूरे देश में हर संप्रदाय के लोगों को सुरक्षा और सम्मान मिल रहा है। 21 जून को
पूरी दुनिया विश्व योग दिवस मनाएगी।

वैश्विक मंच पर योग को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चलते मान्यता मिली।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में श्री काशी विश्वनाथ धाम अच्छे रूप में संवर चुका है।

यहीं कार्य अयोध्या में भी हो रहा है। भगवान राम का भव्य मंदिर बन रहा है। उन्होंने बताया कि अयोध्या में देश
के हर पंथ और संप्रदाय के अनुयायियों के लिए अपनी धर्मशाला और मठ स्थापित करने के लिए अलग से भूमि
आवंटन का काम शुरू होगा।

बहुत जल्द इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे।
मुख्यमंत्री ने जंगमबाड़ी मठ में कनार्टक, तेलंगाना,

आंध्र प्रदेश और महराष्ट्र से आये श्रद्धालुओं का पूरे गर्मजोशी से
अभिवादन किया।

इसके पहले मठ में पीठाधीश्वर जगद्गुरु डॉ. चंद्रशेखर शिवाचार्य महास्वामी,उत्तराधिकारी डॉ
मल्लिकार्जुन शिवाचार्य स्वामी और अन्य संतों ने मुख्यमंत्री की अगवानी की।

सम्मलेन में वीर शैव संप्रदाय के
अन्य चार पीठों के प्रतिनिधि में उज्जैन पीठ के जगदगुरु सिद्धलिंग राजदेशी केंद्र महास्वामी,श्रीशैल पीठ
(आंध्रप्रदेश) के चल्ल सिद्धराम पंडिताराध्य महास्वामी भी मौजूद रहे।