PM मोदी ने 1500 करोड़ रुपये के कोटा–बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की रखी आधारशिला
राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र के विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत के PM Narendra Modi ने लगभग 1500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कोटा–बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की आधारशिला रखी। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी बल्कि शिक्षा, पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक विकास को भी नया आयाम देगी।
यह एयरपोर्ट राजस्थान के प्रमुख शहरों में से एक Kota और ऐतिहासिक शहर Bundi के बीच विकसित किया जाएगा। इस परियोजना से हाड़ौती क्षेत्र के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
हाड़ौती क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक परियोजना
कोटा–बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट लंबे समय से क्षेत्र की मांग रहा है। हाड़ौती क्षेत्र में कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जैसे जिले आते हैं, जिनकी आबादी और आर्थिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।
कोटा विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में प्रसिद्ध है। यहां हर साल लाखों छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए आते हैं। इसके बावजूद अब तक यहां हवाई सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एयरपोर्ट हाड़ौती क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से जोड़ेगा और क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा।

परियोजना की लागत और निर्माण
यह एयरपोर्ट लगभग 1500 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा।
इस परियोजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
आधुनिक यात्री टर्मिनल का निर्माण
लंबा रनवे, जिसमें बड़े विमान भी उतर सकेंगे
कार्गो टर्मिनल
आधुनिक सुरक्षा और नेविगेशन प्रणाली
पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाएं
इस परियोजना को विकसित करने में Airports Authority of India की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा ताकि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की भी संभावना बन सके।
शिक्षा नगरी कोटा को मिलेगा बड़ा फायदा
कोटा को देश की कोचिंग कैपिटल कहा जाता है। यहां हर साल लगभग 2 से 3 लाख छात्र देश के विभिन्न हिस्सों से पढ़ाई के लिए आते हैं।
छात्र मुख्य रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं जैसे:
Joint Entrance Examination
National Eligibility cum Entrance Test

अब तक छात्रों और उनके अभिभावकों को कोटा आने के लिए जयपुर या अन्य शहरों के एयरपोर्ट का उपयोग करना पड़ता था।
कोटा–बूंदी एयरपोर्ट बनने के बाद:
छात्रों को यात्रा में सुविधा मिलेगी
देश के बड़े शहरों से सीधी उड़ानें मिल सकेंगी
समय और खर्च दोनों की बचत होगी
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
हाड़ौती क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद समृद्ध है।
बूंदी अपनी ऐतिहासिक इमारतों, किलों और बावड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्थित प्रसिद्ध किला Taragarh Fort देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है।
इसी तरह कोटा में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल Garadia Mahadev Temple और चंबल नदी के आसपास के प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं।
एयरपोर्ट बनने के बाद:
विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी
पर्यटन उद्योग को नया प्रोत्साहन मिलेगा
स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे

व्यापार और उद्योग को मिलेगा लाभ
एयरपोर्ट बनने से हाड़ौती क्षेत्र में व्यापार और उद्योग को भी बड़ा फायदा होगा।
कोटा में कई प्रमुख उद्योग मौजूद हैं जैसे:
उर्वरक उद्योग
पत्थर और खनिज उद्योग
कृषि आधारित उद्योग
हवाई कनेक्टिविटी से इन उद्योगों को देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचने में आसानी होगी।
साथ ही एयरपोर्ट के पास नए औद्योगिक क्षेत्र और लॉजिस्टिक्स हब विकसित होने की संभावना भी है।
रोजगार के नए अवसर
एयरपोर्ट परियोजना से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
निर्माण के दौरान:
इंजीनियर
तकनीशियन
निर्माण श्रमिक
को काम मिलेगा।
एयरपोर्ट चालू होने के बाद:
एयरलाइन स्टाफ
सुरक्षा कर्मचारी
ग्राउंड स्टाफ
होटल और पर्यटन क्षेत्र
में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना से जुड़ाव
भारत सरकार ने देश के छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए UDAN Scheme शुरू की है।
इस योजना के तहत छोटे शहरों में हवाई अड्डों का विकास किया जा रहा है ताकि आम लोगों के लिए हवाई यात्रा सुलभ बन सके।
कोटा–बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट भी इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर
PM मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत तेजी से इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में देश में:
नए एक्सप्रेसवे
हाईवे
रेलवे कॉरिडोर
एयरपोर्ट
का तेजी से निर्माण हुआ है।
सरकार का उद्देश्य है कि देश के हर क्षेत्र को आधुनिक परिवहन सुविधाओं से जोड़ा जाए।
स्थानीय लोगों की लंबे समय से मांग
कोटा और आसपास के जिलों के लोग लंबे समय से एयरपोर्ट की मांग कर रहे थे।
स्थानीय व्यापारिक संगठनों, उद्योगपतियों और कोचिंग संस्थानों ने कई बार सरकार से इस परियोजना को मंजूरी देने की अपील की थी।
अब जब परियोजना को मंजूरी मिल गई है और आधारशिला रख दी गई है, तो लोगों में उत्साह का माहौल है।

भविष्य की संभावनाएं
कोटा–बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण से हाड़ौती क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में:
कोटा शिक्षा और पर्यटन का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बन सकता है
क्षेत्र में निवेश बढ़ सकता है
नए शहर और औद्योगिक क्लस्टर विकसित हो सकते हैं
कोटा–बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की आधारशिला रखना हाड़ौती क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
PM Narendra Modi द्वारा शुरू की गई यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी बल्कि शिक्षा, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं पैदा करेगी।
करीब 1500 करोड़ रुपये की इस परियोजना से राजस्थान के Kota और Bundi सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
जब यह एयरपोर्ट पूरी तरह से तैयार हो जाएगा, तब यह क्षेत्र के लोगों के लिए तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हवाई यात्रा का नया द्वार खोलेगा और क्षेत्र को राष्ट्रीय तथा वैश्विक विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

