PM का संबोधन और राष्ट्रीय एआई रणनीति 2026
अपने संबोधन में PM मोदी ने “टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर भारत” की अवधारणा को दोहराया और राष्ट्रीय एआई रणनीति 2026 का खाका प्रस्तुत किया।
राष्ट्रीय एआई मिशन के प्रमुख स्तंभ
अनुसंधान में निवेश – अगले पाँच वर्षों में ₹50,000 करोड़ का निवेश, विभिन्न राज्यों में एआई रिसर्च हब स्थापित करने के लिए।
नैतिक और सुरक्षित एआई ढांचा – पारदर्शिता, डेटा सुरक्षा और निष्पक्ष एल्गोरिदम सुनिश्चित करने हेतु नियामक ढांचा।
शिक्षा–उद्योग साझेदारी – विश्वविद्यालयों और टेक कंपनियों के बीच सहयोग, ताकि युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके।
ग्रीन एआई पहल – डेटा सेंटर में ऊर्जा खपत कम करने और टिकाऊ तकनीकी विकास पर जोर।
PM ने कहा कि एआई स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है—जैसे रोगों की शुरुआती पहचान, फसल पूर्वानुमान, और त्वरित सरकारी सेवाएं।
“मेक इन इंडिया” का एआई संस्करण
एआई युग में “मेक इन इंडिया” को नई परिभाषा देते हुए स्वदेशी चिप निर्माण, स्थानीय भाषा आधारित एआई मॉडल और घरेलू डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर बल दिया गया।
सरकार ने AI Bharat Fund की घोषणा की, जो भारतीय स्टार्टअप्स और कंपनियों को स्वदेशी एआई प्रोसेसर और मॉडल विकसित करने के लिए वित्तीय सहायता देगा।
लक्ष्य है—भारत की भाषाओं में दक्ष, सस्ती और भरोसेमंद एआई प्रणाली तैयार करना।

आर्थिक प्रभाव और वैश्विक स्थिति
विशेषज्ञों के अनुसार:
2030 तक भारत का एआई बाजार 200 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
एआई से GDP में प्रति वर्ष लगभग 2% अतिरिक्त वृद्धि संभव।
अगले कुछ वर्षों में 50 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित हो सकते हैं।
भारत सॉफ्टवेयर प्रतिभा में पहले से मजबूत है, अब हार्डवेयर और चिप निर्माण में भी अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
एक्सपो में प्रदर्शित प्रमुख नवाचार
राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों की झलक
आईआईएससी का बाढ़ पूर्वानुमान एआई मॉडल
आईआईटी दिल्ली का बहुभाषी अनुवाद प्लेटफॉर्म (22 भाषाओं में 95% सटीकता)
आईआईटी बॉम्बे का स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन सिस्टम
ये समाधान भारतीय समस्याओं के भारतीय समाधान प्रस्तुत करते हैं।
उद्योग जगत में एआई का प्रभाव
Tata Consultancy Services ने सप्लाई चेन एआई समाधान से 25% तक लागत में कमी दिखाई।
Reliance Industries ने स्मार्ट ग्रिड तकनीक से ऊर्जा दक्षता में सुधार प्रदर्शित किया।
इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि एआई केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं, बल्कि व्यावसायिक सफलता का माध्यम बन चुका है।
स्टार्टअप्स की उभरती भूमिका
CropIn – किसानों के लिए एआई आधारित सलाह, जिससे उत्पादन में 30% तक वृद्धि।
Niramai Health – बिना रेडिएशन के थर्मल इमेजिंग द्वारा स्तन कैंसर जांच।
NASSCOM जैसे संगठन इन स्टार्टअप्स को इनक्यूबेशन और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
एआई और समावेशी शासन
सरकारी सेवाओं में एआई के उपयोग से:
लाइसेंस और प्रमाणपत्र की त्वरित प्रक्रिया
ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार
शिकायत निवारण की तेज प्रणाली
उद्देश्य है—तकनीक के माध्यम से पारदर्शी और उत्तरदायी शासन।
कौशल विकास और भविष्य की तैयारी
सरकार ने 2028 तक 1 करोड़ लोगों को एआई की बुनियादी ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा है।
ऑनलाइन कोर्स, आईआईटी में प्रशिक्षण शिविर और उद्योग-आधारित कौशल कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को तैयार किया जाएगा।
वैश्विक साझेदारी और निवेश
भारत ने यूके, फ्रांस, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ एआई सहयोग समझौते किए।
विदेशी निवेश को आकर्षित करने हेतु डेटा सेंटर और आरएंडडी हब के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
इससे भारत वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में उभर सकता है।
डिजिटल इंडिया 2.0 की ओर
इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि “डिजिटल इंडिया 2.0” की आधारशिला है।
राष्ट्रीय एआई रणनीति, कौशल विकास, स्टार्टअप समर्थन और वैश्विक सहयोग—ये सभी मिलकर भारत को तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में अग्रसर कर रहे हैं।
Bhiwadi अग्निकांड: प्रधानमंत्री मोदी ने इस दुखद घटना में हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया।
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