PM Narendra Modi
नई दिल्ली में आयोजित अहम शिखर बैठक में Narendra Modi और कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney के बीच विस्तृत बातचीत हुई। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब भारत-कनाडा संबंध हाल के वर्षों में उतार-चढ़ाव से गुज़रे हैं। इस बैठक का उद्देश्य आपसी भरोसे को मज़बूत करना और व्यापार, जलवायु तथा वैश्विक रणनीति के क्षेत्रों में नए रास्ते खोलना था।
आर्थिक सहयोग: व्यापार और निवेश पर फोकस
भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 8–8.5 अरब डॉलर के आसपास है। दोनों देशों ने 2030 तक इसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
प्रमुख क्षेत्र जिन पर चर्चा हुई:
इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी आपूर्ति श्रृंखला
स्वच्छ ऊर्जा और ग्रीन टेक्नोलॉजी
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)
कृषि उत्पाद (दालें, पोटाश)
महत्वपूर्ण खनिज (लिथियम, कोबाल्ट)
बैठक के दौरान तीन समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें ईवी पार्ट्स निर्माण और स्टार्टअप सहयोग प्रमुख रहे।
कनाडा के बड़े पेंशन फंड, जैसे CPP Investments, पहले से ही भारत के बुनियादी ढांचा और ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं। भविष्य में सौर और हरित परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

CEPA वार्ता में नई गति
Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) पर बातचीत 2010 से चल रही थी, लेकिन कई मुद्दों पर मतभेद बने रहे। अब दोनों देशों ने वार्ता को दोबारा तेज करने का निर्णय लिया है।
यदि समझौता होता है तो:
कई वस्तुओं पर टैरिफ में कमी
सेवा क्षेत्र (आईटी, बैंकिंग) को बढ़ावा
निवेश प्रक्रियाओं में सरलता
विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।
जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा साझेदारी
भारत ने 2070 तक नेट-जीरो का लक्ष्य रखा है, जबकि कनाडा 2050 तक यह हासिल करना चाहता है। दोनों नेताओं ने स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को प्राथमिकता दी।
संभावित सहयोग क्षेत्र:
सौर ऊर्जा परियोजनाएँ
पवन ऊर्जा तकनीक
बैटरी स्टोरेज अनुसंधान
स्वच्छ हाइड्रोजन
कनाडा भारत को परमाणु ऊर्जा के लिए यूरेनियम की आपूर्ति भी करता है, जो ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दोनों देशों ने पेरिस समझौते के लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।

सुरक्षा और प्रवासी भारतीय मुद्दे
बैठक में आतंकवाद और उग्रवाद पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने खुफिया जानकारी साझा करने की प्रणाली को मजबूत करने पर सहमति जताई।
कनाडा में लगभग 18 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं। यह समुदाय दोनों देशों के बीच मजबूत सेतु का काम करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा उठाया, जबकि प्रधानमंत्री कार्नी ने कानून व्यवस्था मजबूत करने का भरोसा दिया।
शिक्षा और कुशल आप्रवासन
हर वर्ष लगभग 3 लाख भारतीय छात्र कनाडा में अध्ययन करते हैं। यह कनाडा की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
नई पहलों में शामिल हैं:
शोध और नवाचार में सहयोग
कुशल वीज़ा प्रक्रियाओं को आसान बनाना
डिजिटल और संयुक्त शिक्षा कार्यक्रम
यह सहयोग मानव संसाधन विकास और ज्ञान साझेदारी को नई ऊंचाई दे सकता है।
इंडो-पैसिफिक और वैश्विक मंचों पर तालमेल
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, मुक्त समुद्री मार्ग और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा दोनों देशों की साझा प्राथमिकताएँ हैं।
G20 और राष्ट्रमंडल जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भी समन्वय बढ़ाने पर सहमति बनी। महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक ऋण राहत जैसे विषयों पर भी साझा दृष्टिकोण सामने आया।

संबंधों में नई शुरुआत
नई दिल्ली में हुई यह बैठक भारत-कनाडा संबंधों के लिए एक नई दिशा का संकेत देती है।
मुख्य बिंदु:
व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
CEPA वार्ता पुनः प्रारंभ
स्वच्छ ऊर्जा और तकनीकी सहयोग
सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना
शिक्षा और आप्रवासन में सुधार
Narendra Modi और Mark Carney की यह मुलाकात दर्शाती है कि दोनों देश वैश्विक चुनौतियों के बीच सहयोग बढ़ाने के इच्छुक हैं।
आने वाले समय में इन समझौतों की प्रगति तय करेगी कि यह शिखर बैठक कितनी प्रभावशाली साबित होती है।

