PM मोदी 5वें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे (26–28 दिसंबर): एजेंडा और प्रमुख फोकस क्षेत्र
कल्पना कीजिए—देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी एक ही मंच पर बैठकर भारत की विकास गति को तेज करने की रणनीति बना रहे हों। यही दृश्य होगा 5वें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन में, जो 26 से 28 दिसंबर 2025 तक नई दिल्ली में आयोजित होगा। इस अहम बैठक की अध्यक्षता PM नरेंद्र मोदी करेंगे।
यह सम्मेलन केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल मजबूत करने का सबसे बड़ा मंच है। यहां राष्ट्रीय लक्ष्यों की समीक्षा होती है और यह तय किया जाता है कि योजनाएं ज़मीन पर कैसे उतारी जाएँ। 2026 की ओर बढ़ते भारत के लिए यह बैठक रोजगार, सेवाओं और समग्र विकास की दिशा तय करने में अहम होगी।
मुख्य एजेंडा: राष्ट्रीय प्राथमिकताएँ और राज्यों के साथ तालमेल
तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक में केंद्र सरकार की योजनाओं और राज्यों के कार्यान्वयन के बीच की खामियों की पहचान की जाएगी। उद्देश्य है—तेज़ फैसले और बेहतर नतीजे।
G20 प्रतिबद्धताओं की समीक्षा और वैश्विक मानकों पर प्रगति
भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान व्यापार, हरित ऊर्जा और सतत विकास पर बड़े लक्ष्य तय हुए थे। अब राज्यों की बारी है कि वे इन्हें स्थानीय स्तर पर लागू करें।
गुजरात और तमिलनाडु सौर ऊर्जा में अग्रणी
2027 तक ग्रीन जॉब्स में 20% वृद्धि जैसे नए लक्ष्य संभव
छोटे राज्यों के लिए साझा फंडिंग मॉडल पर चर्चा
यह समीक्षा भारत की वैश्विक छवि और दीर्घकालिक विकास को मजबूत करेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस पर फोकस
सड़क, रेल और बंदरगाह परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करने पर जोर रहेगा।
नए हाईवे से यात्रा समय में 50% तक कमी
आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में सिंगल-विंडो सिस्टम से मंज़ूरी समय महीनों से घटकर दिन
उद्देश्य है—निवेशकों के लिए रास्ता आसान बनाना।

आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों की प्रगति की समीक्षा
बिहार, झारखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर खास ध्यान।
कई जिलों में जल आपूर्ति लक्ष्य 80% तक पूरा
50 नए ब्लॉकों को कार्यक्रम में जोड़ने का प्रस्ताव
राजस्थान में कृषि उत्पादकता बढ़ने जैसे सफल उदाहरण
यह कार्यक्रम समावेशी विकास की रीढ़ है।
आर्थिक रफ्तार: विकास, निवेश और वित्तीय अनुशासन
भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए राज्यों और केंद्र का समन्वय जरूरी है।
विनिर्माण और निर्यात बढ़ाने की रणनीति
PLI योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा को बढ़ावा
महाराष्ट्र जैसे राज्य विदेशी निवेश आकर्षित करने पर फोकस
निर्यात में 15% वृद्धि का लक्ष्य
केंद्रीय फंड का सही और समय पर उपयोग
पिछले वर्ष 10% फंड अप्रयुक्त रहा
रियल-टाइम डैशबोर्ड और कड़े ऑडिट पर जोर
केरल जैसे राज्यों के वित्तीय अनुशासन से सीख
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) से समावेशन
UPI, आधार और ONDC से सीधा लाभ हस्तांतरण
उत्तर प्रदेश में UPI लेनदेन 40% बढ़ा
2026 तक पूर्ण डिजिटल कवरेज का लक्ष्य
डिजिटल प्लेटफॉर्म गांव-गरीब को अर्थव्यवस्था से जोड़ रहे हैं।

शासन सुधार और बेहतर सेवा वितरण
अफसरशाही के लिए प्रदर्शन और जवाबदेही
विभागीय स्कोरकार्ड
पंजाब में धीमी परियोजनाओं की पहले पहचान
90% समय पर फाइल निपटान का लक्ष्य संभव
भूमि रिकॉर्ड और शहरी नियोजन में तकनीक
SVAMITVA योजना से ड्रोन मैपिंग
1 करोड़ से अधिक भूमि रिकॉर्ड डिजिटाइज़
बेंगलुरु जैसे शहरों में ऑनलाइन परमिट सिस्टम
विभागों के बीच बेहतर समन्वय के उपाय
साप्ताहिक समीक्षा बैठकें
साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म
टीमवर्क को प्रोत्साहन
मध्य प्रदेश में इससे परियोजना समय 30% घटा।
मानव पूंजी विकास: शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल
नई शिक्षा नीति (NEP 2020)
मातृभाषा में शिक्षा
ओडिशा में 50,000 शिक्षक प्रशिक्षित
साक्षरता दर में 5% वृद्धि
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प्राथमिक स्वास्थ्य और आयुष्मान भारत
50 करोड़ लोग कवर
10,000 नए डॉक्टरों की भर्ती योजना
मोबाइल हेल्थ वैन पर जोर
स्किल इंडिया मिशन
स्थानीय उद्योगों से जुड़ा प्रशिक्षण
तमिलनाडु में 80% प्लेसमेंट
ITI पाठ्यक्रमों का वार्षिक अपडेट
आगे की राह: सहकारी संघवाद की मजबूती
PM मोदी के नेतृत्व में यह सम्मेलन केंद्र-राज्य सहयोग को नई दिशा देगा। यहां लिए गए फैसले 2026 में भारत के रोजगार, विकास और सेवाओं की दिशा तय करेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं की तुरंत समीक्षा
डिजिटल टूल्स का तेज़ी से विस्तार
जवाबदेही ढांचे में सुधार
यह सम्मेलन वास्तविक बदलाव की नींव रख सकता है।
UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की।
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