चेन्नई, 28 जुलाई । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मे द गेम्स बिगिन’ (खेल को शुरू होने दें) की उद्घोषणा
के साथ गुरुवार को 44वें शतरंज ओलंपियाड के शुरू होने की घोषणा की। श्री मोदी ने कहा, “शतरंज का सबसे
प्रतिष्ठित आयोजन, शतरंज के घर भारत आया है। यह टूर्नामेंट एक विशेष समय पर यहां आया है। हम इस साल
औपनिवेशिक शासन से भारत की आज़ादी की 75वीं सालगिरह का जश्न मना रहे हैं। यह हमारा आज़ादी का अमृत
महोत्सव है। यह हमारा सौभाग्य है कि हम अपने देश के इतने महत्वपूर्ण समय में आपकी मेज़बानी कर रहे हैं।”
शतरंज का शीर्ष आयोजन 44वां शतरंज ओलंपियाड 28 जुलाई से नौ अगस्त 2022 तक चेन्नई में आयोजित किया
जा रहा है। 1927 से आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी पहली बार भारत में और 30 साल बाद
एशिया में की जा रही है। इस आयोजन में 187 देश भाग ले रहे हैं जो शतरंज ओलंपियाड में सबसे बड़ी भागीदारी
होगी। भारत इस प्रतियोगिता में अपनी अब तक की सबसे बड़ी टुकड़ी को भी मैदान में उतार रहा है जिसमें छह
टीमों के 30 खिलाड़ी शामिल हैं।
श्री मोदी ने तमिलनाडु और शतरंज के संबंध के बारे में कहा, “तमिलनाडु में सुंदर प्रतिमाओं के साथ कई मंदिर हैं
जो विभिन्न खेलों को दर्शाते हैं। तमिलनाडु का शतरंज के साथ ऐतिहासिक संबंध है। इस राज्य ने दुनिया को कई
शतरंज मास्टर्स दिये हैं। यह एक जीवंत संस्कृति और सबसे पुरानी भाषा 'तमिल' का घर है।” उन्होंने कहा, “44वां
शतरंज ओलंपियाड कई रिकॉर्डों का टूर्नामेंट रहा है। शतरंज ओलंपियाड पहली बार अपनी जन्मस्थल भारत में
आयोजित हो रहा है। यह तीन दशकों में पहली बार भारत आया है। इस आयोजन में ओलंपियाड के इतिहास में
सर्वाधिक टीमें हिस्सा ले रही हैं। इस बार महिला वर्ग में भी ओलंपियाड इतिहास की सर्वाधिक खिलाड़ी हिस्सा ले
रही हैं। ओलंपियाड की सबसे पहली टॉर्च रिले भी इसी बार शुरू हुई है।”
श्री मोदी ने कहा कि खेलों में कोई हारता
नहीं, बल्कि खेलों में सिर्फ विजेता और भविष्य के विजेता होते हैं।
उन्होंने सभी खिलाड़ियों और टीमों को 44वें
ओलंपियाड के लिये शुभकामनाएं देते हुए कहा, “मे द गेम बिगिन।”

