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नई दिल्ली, 28 मार्च। दिल्ली की जिला अदालतों में बिजली की बचत के लिए दिशा-निर्देश जारी किए
गए हैं।

अदालत में बिजली के उपकरण चलाने और बंद करने की जिम्मेदारी संभालने वाले व्यक्ति के साथ ही
अन्य कर्मियों को भी इसे लेकर हिदायत दी गई है।

आदेश में कहा गया है कि न्यायिक अधिकारी और अन्य
कर्मचारियों को ध्यान देना होगा

कि एक ट्यूब लाइट से लेकर कंप्यूटर तक को तभी चालू किया जाए जब इसकी
जरूरत हो।

साथ ही अदालत में व्यवस्था संभालने वाले प्रशासनिक अधिकारियों को भी कहा गया कि वह समय-
समय पर अदालत कक्षों और परिसरों का निरीक्षण कर देखें कि कहीं

बिजली के उपकरण बिना कार्य के तो नहीं
चलाए जा रहे। इस आदेश में खासतौर पर यह कहा गया है

कि पंखों और एसी को भी आवश्यक समझे जाने पर
ही चलाया जाए।

अदालत का कार्य जैसे ही समाप्त हो, बिजली के उन उपकरणों को बंद कर दिया जाए, जो
कार्यवाही चालू रखने के लिए जरूरी न हो।