President द्रौपदी मुर्मू ने VB-G RAM G विधेयक को मंज़ूरी दी
कल्पना कीजिए एक ऐसा नया क़ानून, जो गाँवों में रोज़गार का वादा करता है, लेकिन कौशल और महिलाओं की भूमिका को एक नए नज़रिए से देखता है। दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने VB-G RAM G विधेयक को क़ानून की मंज़ूरी दी। यह कदम भारत के ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
यह क़ानून पुराने प्रयासों पर आधारित है, लेकिन उनकी कमियों को दूर करने की कोशिश करता है। अब सवाल उठता है—यह प्रसिद्ध MGNREGA से कितना अलग है? यह लेख आसान भाषा में दोनों की तुलना करता है और बताता है कि ज़मीनी स्तर पर इसका क्या असर पड़ेगा।

VB-G RAM G विधेयक क्या है और इसके उद्देश्य क्या हैं?
VB-G RAM G का पूरा नाम है
विकसित भारत ग्रामीण रोज़गार और महिला गारंटी अधिनियम।
President संसद के दोनों सदनों में चर्चा के बाद इसे पिछले महीने पारित किया गया था और अब राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ यह आधिकारिक क़ानून बन गया है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण रोज़गार बढ़ाना है, लेकिन खास ज़ोर कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण पर है।
इस क़ानून के प्रमुख लक्ष्य हैं:
गाँवों की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना
गरीबी को कम करना
अल्पकालिक काम के बजाय स्थायी रोज़गार पैदा करना
ग्रामीण लोगों को भविष्य के लिए उपयोगी कौशल देना
संक्षेप में, VB-G RAM G ग्रामीण जीवन को अधिक सशक्त और समान बनाने का प्रयास है।
VB-G RAM G की मुख्य विशेषताएँ
President यह विधेयक कई नए नियमों के कारण अलग दिखाई देता है:
गरीब गाँवों में महिला मुखिया वाले परिवारों को साल में 150 दिन का रोज़गार
मज़दूरी के साथ-साथ खेती तकनीक, हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण
केंद्र और राज्य सरकार की साझा फंडिंग, तकनीक के लिए अतिरिक्त सहायता
डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम:
मोबाइल ऐप से काम के घंटे दर्ज
सीधे बैंक खाते में तेज़ भुगतान
President इसके अलावा, यह योजना पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं (जैसे आधुनिक जल संरक्षण) को प्राथमिकता देती है। इन कारणों से VB-G RAM G आज की ज़रूरतों के अनुरूप एक आधुनिक योजना लगती है।
MGNREGA से बुनियादी अंतर
MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम) 100 दिन का अकुशल काम किसी भी ग्रामीण वयस्क को देता है।
VB-G RAM G इसमें बदलाव करता है।
मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:
रोज़गार गारंटी
MGNREGA: सभी ग्रामीण वयस्क
VB-G RAM G: महिलाओं और प्रशिक्षित समूहों पर ज़ोर
काम का प्रकार
MGNREGA: ज़्यादातर अकुशल श्रम (जैसे खुदाई)
VB-G RAM G: कौशल-आधारित काम (जैसे मशीन मरम्मत)
मज़दूरी
MGNREGA: राज्य न्यूनतम मज़दूरी
VB-G RAM G: कौशल स्तर के अनुसार अतिरिक्त बोनस
VB-G RAM G का उद्देश्य अस्थायी रोज़गार को स्थायी लाभ में बदलना है।

President – MGNREGA और VB-G RAM G: तुलनात्मक विश्लेषण
दोनों योजनाएँ ग्रामीण बेरोज़गारी से लड़ती हैं, लेकिन तरीका अलग है।
MGNREGA 2005 से चल रही है और करोड़ों परिवारों को मदद मिली है
VB-G RAM G उसी आधार पर आगे बढ़ती है, लेकिन नई परतें जोड़ती है
यह योजना MGNREGA की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उसे बेहतर बनाने के लिए लाई गई है।
रोज़गार सृजन और कवरेज -President
MGNREGA:
हर साल 5 करोड़ से अधिक परिवार
2024 में 250 करोड़ मानव-दिवस
VB-G RAM G:
अधिक गरीबी वाले गाँवों पर ध्यान
पहले चरण में 3 करोड़ महिलाओं को लक्ष्य
यह योजना आदिवासी और अकेली महिलाओं वाले परिवारों को विशेष प्राथमिकता देती है, जिन्हें MGNREGA में कभी-कभी पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता।
फंडिंग और क्रियान्वयन व्यवस्था
MGNREGA:
केंद्र से ज़्यादा पैसा
राज्यों की देरी से भुगतान की समस्या
VB-G RAM G:
60:40 केंद्र-राज्य फंडिंग
राज्य की देरी पर जुर्माना
पारदर्शिता के लिए:
MGNREGA: सामाजिक ऑडिट
VB-G RAM G: AI आधारित निगरानी, SMS शिकायत प्रणाली
इससे भ्रष्टाचार कम होने और भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर संभावित असर
VB-G RAM G केवल मज़दूरी नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित है।
पायलट प्रोजेक्ट्स के अनुसार:
लक्षित क्षेत्रों में ग्रामीण आय में 20% तक बढ़ोतरी संभव
गरीबी कम करने में मदद
यह योजना वास्तविक ज़रूरतों से जुड़े कामों को बढ़ावा देती है।
कौशल विकास और संपत्ति निर्माण – President
इस क़ानून के तहत:
सोलर तकनीक, जैविक खेती जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण
साल में 30 दिन का मुफ़्त प्रशिक्षण
राजस्थान के एक पायलट प्रोजेक्ट में:
महिलाओं ने ड्रिप सिंचाई सीखी
फसल उत्पादन 15% बढ़ा
तालाब, सड़कें और ढांचे गाँव की स्थायी संपत्ति बनते हैं—जो MGNREGA में अक्सर नहीं हो पाता।
विशेषज्ञों की राय और शुरुआती प्रतिक्रियाएँ
अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज़ इसे MGNREGA का “स्मार्ट अपग्रेड” बताते हैं।
विश्व बैंक के विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं पर फोकस समानता के लिए अहम है।
हालाँकि कुछ राज्य प्रशिक्षण लागत को लेकर चिंतित हैं, लेकिन पुराने अनुभव बताते हैं कि छोटे और स्थानीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ज़्यादा सफल होते हैं।
लाभार्थियों के लिए बदलाव और ज़रूरी कदम
ग्रामीण लोगों के लिए यह योजना कई बदलाव लाती है:
काम के लिए लंबा इंतज़ार नहीं
कौशल के अनुसार रोज़गार
तेज़ भुगतान
सफलता के लिए जागरूकता ज़रूरी है।
पंजीकरण और लाभ कैसे पाएँ?
अपने पंचायत कार्यालय जाएँ
पहचान पत्र और बैंक विवरण के साथ फ़ॉर्म भरें
एक हफ्ते में आधार से सत्यापन
मोबाइल ऐप या हेल्पलाइन से काम के लिए आवेदन
7 दिनों में DBT के ज़रिए भुगतान
संभावित चुनौतियाँ और समाधान
प्रशिक्षण में देरी
जागरूकता की कमी
समाधान:
प्रशासनिक देरी पर जुर्माना
गाँव-गाँव जागरूकता शिविर
भ्रष्टाचार के लिए हेल्पलाइन
राज्यों को पहले कर्मचारियों का प्रशिक्षण देना अनिवार्य है।
ग्रामीण भारत के भविष्य की ओर एक कदम
VB-G RAM G, MGNREGA से अलग है क्योंकि इसमें:
कौशल पर ज़ोर
महिलाओं की भागीदारी
तकनीक का उपयोग
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