लाहौर, 15 अप्रैल लाहौर उच्च न्यायालय ने पंजाब विधानसभा को निर्देश दिया है कि राज्य के दूसरे
सबसे बड़े प्रांत के नये मुख्यमंत्री के चुनाव के लिए 16 अप्रैल से पहले मतदान कराया जाए।
यह पद उस्मान
बजदार के इस्तीफे के बाद से खाली पड़ा है।
पंजाब के मुख्यमंत्री के लिए दो उम्मीदवारों के नाम चल रहे हैं। ये दोनों पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष और
पीएमएल-क्यू के नेता परवेज इलाही तथा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बेटे पीएमएल-एन नेता हमजा शहबाज हैं।
पहले नये मुख्यमंत्री के लिए मतदान तीन अप्रैल को होना था लेकिन प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सदस्यों द्वारा कथित
तौर पर विधानसभा हॉल में तोड़फोड़ किये जाने के चलते इसे छह अप्रैल तक स्थगित कर दिया गया। जियो न्यूज
की खबर के अनुसार बाद में इसे 16 अप्रैल तक टाल दिया गया।
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी उस्मान बजदार ने एक अप्रैल को पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे
दिया था जिसके बाद पंजाब विधानसभा ने सदन के नये नेता के चुनाव के लिए सत्र बुलाया था।
बहरहाल, नेशनल असेंबली में उपाध्यक्ष द्वारा खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को निर्वाचित सरकार के खिलाफ
‘अंतरराष्ट्रीय साजिश’ करार देकर खारिज किये जाने के बाद पंजाब विधानसभा के उपाध्यक्ष ने भी सत्र को टाल
दिया।
जब पंजाब विधानसभा के उपाध्यक्ष दोस्त मजारी ने सत्र बुलाया तो सत्तारूढ़ पीटीआई के विधायकों ने उनके खिलाफ
अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव पेश किये जाने के बाद पंजाब विधानसभा को सरकार ने सील कर दिया और
वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रांतीय विधानसभा को सील किये जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने कहा कि
उपाध्यक्ष को मुख्यमंत्री के निर्वाचन के लिए मतदान के दिन विधानसभा में नहीं घुसने दिया गया।

