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Trump के ‘5 घंटे’ दावे पर राहुल गांधी का तीखा पलटवार: मोदी सरकार की पाकिस्तान नीति घेरे में

हाल ही में, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड Trump ने एक बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत को पाकिस्तान स्थित आतंकी शिविरों पर कार्रवाई करने के लिए केवल 5 घंटे दिए थे. इस दावे ने भारत की राजनीति में हलचल मचा दी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पर तुरंत प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया. राहुल गांधी ने कहा कि “पीएम मोदी ने पाकिस्तान स्थित आतंकी शिविरों पर कार्रवाई रोक दी.” यह आरोप मोदी सरकार की पाकिस्तान नीति पर सवाल खड़े करता है. यह लेख Trump के दावे, राहुल गांधी की प्रतिक्रिया और मोदी सरकार की पाकिस्तान नीति के अलग-अलग पहलुओं को गहराई से देखेगा.

Trump का ‘5 घंटे’ वाला दावा: एक गहरा विश्लेषण

Trump का बयान और उसकी पृष्ठभूमि

डोनाल्ड Trump ने यह दावा एक हालिया साक्षात्कार में किया. उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम किया. Trump के अनुसार, भारत पाकिस्तान के खिलाफ कुछ बड़ा करने की सोच रहा था. तभी उन्होंने बीच-बचाव किया. उनका कहना था कि उन्होंने भारत को ‘5 घंटे’ का समय दिया ताकि वे पाकिस्तान पर हमला न करें. Trump के इस दावे के पीछे कई राजनीतिक वजहें हो सकती हैं. हो सकता है, वह अपनी पूर्व विदेश नीति को मजबूत दिखाना चाहते हों. या फिर, यह बयान आने वाले चुनावों से भी जुड़ा हो सकता है.

अमेरिकी मीडिया और जानकारों की राय

Trump के इस दावे पर अमेरिकी मीडिया में खूब चर्चा हुई. न्यूयॉर्क टाइम्स और वाशिंगटन पोस्ट जैसे बड़े अखबारों ने इसकी रिपोर्ट छापी. कई विश्लेषकों ने इस दावे पर अपनी राय दी. कुछ पूर्व अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि Trump के बयान अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर होते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी बातचीत आमतौर पर कूटनीतिक रास्तों से होती है, न कि ऐसे सीधे आदेशों से. सुरक्षा जानकारों ने भी इस पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि ऐसा दावा भारत जैसे संप्रभु देश की नीतियों को कम आंकता है.

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राहुल गांधी का जोरदार पलटवार: मोदी सरकार पर सीधा आरोप

राहुल गांधी के आरोपों की पूरी बात

Trump के दावे पर राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “Trump कह रहे हैं कि उन्होंने भारत को पाकिस्तान पर हमला करने से रोका. इसका मतलब है कि मोदी सरकार ने पाकिस्तान स्थित आतंकी शिविरों पर कार्रवाई रोक दी.” राहुल गांधी का यह आरोप सीधा प्रधानमंत्री मोदी पर था. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भारत में आतंकी हमले होते हैं, तो मोदी सरकार कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? उन्होंने मोदी सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया. उनके अनुसार, यह भारत की सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है.

कांग्रेस और विपक्ष का स्टैंड

राहुल गांधी के इन आरोपों को अन्य कांग्रेसी नेताओं का भी समर्थन मिला. उन्होंने भी मोदी सरकार की पाकिस्तान नीति पर सवाल उठाए. कई विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस का साथ दिया. उन्होंने सरकार से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा. विपक्ष ने कहा कि अगर Trump का दावा सही है, तो यह भारत की संप्रभुता पर हमला है. उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि क्या अमेरिका भारत की सुरक्षा नीति में दखल दे रहा है? यह मुद्दा अब राजनीतिक गलियारों में गरमा गया है.

मोदी सरकार की पाकिस्तान नीति: एक नज़दीकी समीक्षा

पुलवामा और बालाकोट के बाद क्या हुआ

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने कड़ा जवाब दिया था. भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी शिविरों पर एयर स्ट्राइक की. यह एक बड़ा सैन्य कदम था. भारत ने पूरी दुनिया को दिखाया कि वह आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा. बालाकोट एयर स्ट्राइक पर वैश्विक प्रतिक्रिया मिली-जुली थी. कई देशों ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया. पाकिस्तान ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई. हालांकि, भारत ने अपनी कार्रवाई को उचित ठहराया.

मौजूदा राजनयिक रिश्ते

हाल के वर्षों में भारत-पाकिस्तान संबंधों में काफी तनाव रहा है. दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत लगभग रुकी हुई है. सीमा पर लगातार तनाव बना रहता है. भारत हमेशा से कहता रहा है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते. भारत ने वैश्विक मंचों पर भी आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखी है. वह सभी देशों से आतंकवाद को खत्म करने की अपील करता है. भारत की नीति साफ है कि वह सीमा पार आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा.

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दावों की सच्चाई: क्या Trump का दावा सही है?

सरकारी पक्ष का स्पष्टीकरण

Trump के दावे और राहुल गांधी के आरोपों पर भारतीय सरकार ने कोई सीधा या विस्तृत बयान नहीं दिया है. हालांकि, रक्षा मंत्रालय या विदेश मंत्रालय ने किसी बाहरी देश के भारत की सुरक्षा नीति में दखल देने की बात से इनकार किया है. भारत का रुख हमेशा से साफ रहा है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसले खुद लेता है. सरकार ने पहले भी स्पष्ट किया है कि भारत किसी भी बाहरी दबाव में काम नहीं करता.

विश्लेषकों की नज़र में

मौजूदा भू-राजनीतिक हालात में ऐसे दावों की प्रासंगिकता बहुत अहम है. कई विश्लेषकों का मानना है कि Trump का दावा उनकी राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हो सकता है. वे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके संभावित प्रभावों को भी देखते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे बयान भारत की संप्रभुता पर सवाल उठा सकते हैं. भारत को इन दावों को गंभीरता से लेना चाहिए, पर बिना किसी दबाव के अपनी विदेश नीति पर अडिग रहना चाहिए. यह हमारी सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है.

आगे की राह: भारत की कूटनीति और सुरक्षा

आतंकवाद से लगातार संघर्ष

भारत को आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखनी होगी. इसके लिए हमें नई रणनीतियाँ बनानी होंगी. सीमा सुरक्षा को और मजबूत करना पड़ेगा. खुफिया जानकारी जुटाने के तरीकों को भी सुधारना होगा. अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी बहुत जरूरी है. भारत को वैश्विक मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहना चाहिए. दूसरे देशों के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ मुहिम चलाने से हमें ताकत मिलेगी.

घरेलू सुरक्षा को मजबूत करना

आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए. हमें अपनी सुरक्षा एजेंसियों को आधुनिक बनाना होगा. तकनीक का इस्तेमाल करके खतरों को पहचानना और रोकना होगा. रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखना भी बहुत जरूरी है. इसका मतलब है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अपने फैसले खुद लेगा. किसी बाहरी देश का कोई दबाव हम पर काम नहीं करेगा. यह भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाता है.

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डोनाल्ड ट्रंप के ‘5 घंटे’ वाले दावे ने भारत में एक नई बहस छेड़ दी है. राहुल गांधी ने इस पर पलटवार करते हुए मोदी सरकार की पाकिस्तान नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं. बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ता दिखाई थी. हालांकि, वर्तमान में भारत-पाकिस्तान संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं. इन आरोपों और दावों के बीच, भारत को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रभावी कूटनीति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. पाठकों को यह समझना चाहिए कि भारत की सुरक्षा और विदेश नीति किसी बाहरी देश के दबाव में नहीं आनी चाहिए. देशहित में मजबूत फैसले लेना हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.

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