Rajasthan में पत्नी और प्रेमी ने रची फर्जी हिट-एंड-रन की साजिश: पूर्वनियोजित हत्या की पूरी कहानी
कल्पना कीजिए—दिन भर की मेहनत के बाद आप घर लौट रहे हों और रास्ते में एक “सड़क हादसे” का शिकार बन जाएँ, जो असल में आपके अपने ही लोगों द्वारा रची गई साजिश हो। राजस्थान में ठीक ऐसा ही हुआ। पुलिस ने एक दिल दहला देने वाले मामले का पर्दाफाश किया, जिसमें एक व्यक्ति की हत्या उसकी पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर की और उसे हिट-एंड-रन का रूप देने की कोशिश की। लेकिन सच्चाई ज़्यादा देर छिपी नहीं रह सकी और चार लोगों की गिरफ्तारी हुई।
Rajasthan से सामने आया यह मामला रिश्तों में विश्वास की नींव को हिला देता है। यह दिखाता है कि कैसे धोखा जानलेवा बन सकता है। आइए समझते हैं कि यह सुनियोजित हत्या कैसे अंजाम दी गई और इससे हमें क्या सीख मिलती है।
शुरुआती घटना: सड़क पर एक त्रासदी
हिट-एंड-रन जैसा दिखने वाला हादसा
Rajasthan की राजधानी जयपुर में एक रात पुलिस को सूचना मिली। हाईवे के एक सुनसान हिस्से पर राजेश शर्मा का शव पड़ा था। उनकी बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी और सड़क पर खून फैला हुआ था। पहली नज़र में यह एक साधारण हिट-एंड-रन लग रहा था—किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी और फरार हो गया।
राजेश के शरीर पर गंभीर चोटें थीं, जो वाहन से टकराने जैसी लग रही थीं। परिवार सदमे में था। उन्होंने तुरंत अंतिम संस्कार कर दिया, यह मानते हुए कि यह सड़क पर हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी।
लेकिन पुलिस को कुछ बातें खटकने लगीं। घटनास्थल के पास किसी वाहन के टूटे हिस्से नहीं मिले। स्किड मार्क्स भी तेज़ रफ्तार वाहन की कहानी से मेल नहीं खा रहे थे। यहीं से शक की शुरुआत हुई।
शक की शुरुआत: केस दोबारा क्यों खुला
कुछ दिनों बाद एक पड़ोसी की सूचना ने पूरी जांच की दिशा बदल दी। राजेश की पत्नी प्रिया शर्मा का व्यवहार असामान्य रूप से शांत था। शोक के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखे। पुलिस ने जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को दोबारा देखा, तो चोटों का पैटर्न सड़क हादसे से मेल नहीं खाता पाया गया।
फॉरेंसिक टीम ने बाइक की जांच की। उस पर ऐसे डेंट मिले जो असली टक्कर के नहीं लगते थे, बल्कि जानबूझकर किए गए नुकसान जैसे थे। स्थानीय लोगों से पूछताछ में प्रिया और एक व्यक्ति अमित के बीच गुप्त संबंधों की जानकारी सामने आई।
एक चश्मदीद ने यह भी बताया कि घटना से कुछ घंटे पहले वहां कुछ लोग मंडरा रहे थे। इन सब सुरागों ने पुलिस को केस फिर से खोलने पर मजबूर कर दिया।

साजिश का खुलासा: मकसद और योजना
अवैध संबंध बना हत्या की जड़
प्रिया शर्मा और अमित पिछले एक साल से रिश्ते में थे। अमित एक स्थानीय दुकान में काम करता था, वहीं से दोनों की पहचान हुई। राजेश के काम के सिलसिले में बाहर रहने का फायदा उठाकर यह रिश्ता गहराता गया।
पैसे का लालच भी एक बड़ा कारण था। राजेश का छोटा सा व्यवसाय था और प्रिया उसकी संपत्ति चाहती थी—तलाक की कानूनी झंझट के बिना। घर में झगड़े बढ़ते गए। पड़ोसियों ने देर रात होने वाली बहसें सुनी थीं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों में भावनात्मक असंतोष और लालच मिलकर अपराध को जन्म देते हैं। इस मामले में भी प्यार और स्वार्थ ने मिलकर हत्या का रास्ता बनाया।
हत्या की पूरी योजना: सोच से अमल तक
यह योजना महीनों पहले बनाई गई थी। आधी रात का समय और सुनसान सड़क चुनी गई ताकि कोई देख न सके। अमित ने उधार लिया हुआ एक ट्रक इस्तेमाल किया। प्रिया पास ही मौजूद रही और दो अन्य लोग मदद के लिए शामिल थे।
राजेश को एक फर्जी आपात कॉल करके बाहर बुलाया गया। ट्रक से टक्कर मारने के बजाय अमित ने एक भारी औज़ार से हमला किया ताकि चोटें सड़क हादसे जैसी लगें। इसके बाद बाइक को जानबूझकर खाई में गिराया गया और नकली टायर निशान बनाए गए।
पूरी घटना की टाइमिंग राजेश की रोज़ की दिनचर्या के अनुसार तय की गई थी। शुरुआत में यह हिट-एंड-रन जैसा लगा, लेकिन जांच में परतें खुलती चली गईं।

गिरफ्तारी और कबूलनामे: चार लोग गिरफ्तार
मुख्य आरोपियों की पहचान
शक पुख्ता होते ही राजस्थान पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई की। प्रिया शर्मा को घर से गिरफ्तार किया गया। अमित को पास के गांव से पकड़ा गया, जहां वह राजेश के खाते से निकाले गए पैसों के साथ छिपा हुआ था।
दो अन्य आरोपी भी पकड़े गए—प्रिया का भाई, जिसने ट्रक उपलब्ध कराया, और एक दोस्त, जो निगरानी कर रहा था। जनवरी 2026 के अंत तक चारों गिरफ्तार हो चुके थे। उन पर हत्या, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने के आरोप लगे।
पुख्ता सबूत जिन्होंने केस मजबूत किया
मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और मैसेज ने पूरी साजिश उजागर कर दी। सीसीटीवी फुटेज में अमित को हत्या से कुछ दिन पहले औज़ार खरीदते हुए देखा गया।
पूछताछ में प्रिया सबसे पहले टूट गई। उसने संबंध और मकसद कबूल किया। गवाहों ने घटनास्थल पर आरोपियों की मौजूदगी की पुष्टि की।
सोशल मीडिया पर लोगों में गुस्सा फैल गया। राजस्थान में पति की हत्या का यह मामला रिश्तों पर सवाल खड़े करने लगा।
मुख्य सबूत:
हत्या की योजना वाले मैसेज
चोटों और हादसे के बीच फॉरेंसिक असंगति
आरोपियों के झूठे अलिबी
कानूनी जानकारों के अनुसार, दोष सिद्ध होने पर लंबी सज़ा तय है।

बड़ा संदर्भ: घरेलू हिंसा और रिश्तों से जुड़े अपराध
Rajasthan में ऐसे अपराधों का पैटर्न
2025 के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में 200 से अधिक हत्याएँ वैवाहिक विवादों से जुड़ी थीं। कई मामलों में अवैध संबंध और संपत्ति विवाद कारण बने।
शहरी इलाकों में अब “स्टेज्ड एक्सीडेंट” जैसे मामलों में 15% की बढ़ोतरी देखी गई है। मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि पारिवारिक दबाव और संवाद की कमी ऐसे अपराधों को जन्म देती है।
रिश्तों में खतरे के संकेत कैसे पहचानें
समय रहते चेतावनी संकेतों को पहचानना ज़रूरी है।
आम संकेत:
अचानक बढ़ी गोपनीयता
पैसों का रहस्यमय लेन-देन
दिनचर्या को लेकर झूठ
खुलकर बातचीत करें। ज़रूरत हो तो काउंसलिंग लें। राजस्थान में घरेलू विवादों के लिए हेल्पलाइन कई ज़िंदगियाँ बचा रही हैं।
याद रखें—विश्वास बनता धीरे है, टूटता पल में।
न्याय और सीख
फरवरी 2026 की शुरुआत में पुलिस ने मजबूत सबूतों के साथ चार्जशीट दाखिल की। चारों आरोपी अब अदालत का सामना करेंगे और उन्हें उम्रकैद तक की सज़ा हो सकती है।
यह मामला दिखाता है कि झूठ कितना भी चालाक क्यों न हो, सच सामने आ ही जाता है। यह रिश्तों, लालच और अपराध की खतरनाक परिणति की चेतावनी है।
अपने रिश्तों को संभालिए, संवाद बनाए रखिए। अगर यह कहानी आपको सोचने पर मजबूर करती है, तो इसे साझा करें—जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
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