हल्द्वानी। आपदा के दृष्टिगत तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया।
सिंचाई विभाग को वायर क्रेट व डायवर्जन का प्राकलन तैयार करने के निर्देश दिये।
आपदा के दृष्टिगत जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने चोरगलिया क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए दुबेल बेरा भीड़ा, खोला बाजार, मछली वन, नंधौर नदी क्षेत्र में बाढ़ से बचाव हेतु सिंचाई विभाग को वायर क्रेट लगाने के निर्देश दिए। विगत वर्ष
भी सिंचाई विभाग द्वारा आपदा के दृष्टिगत इसी क्षेत्र के 36 मीटर (लंबाई) भाग में वायर क्रेट लगाया गया था जो की निरीक्षण में सुरक्षित पाए गए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नंधौर नदी का कैलाश नदी में डायवर्जन हेतु प्राकलन के निर्देश सिंचाई विभाग को दिए।
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने लालकुआं क्षेत्र में वर्षा जल के कटाव से बचाव हेतु वन व सिंचाई विभाग द्वारा देवराम पुर से इंदिरा नगर, रावत नगर से चौड़ाघाट
, चौड़ाघाट से रावत नगर द्वितीय तक आपदा के दृष्टिगत लगभग 1500 मीटर( लम्बी) में किए गए चौनलाइज़ेशन कार्य का निरीक्षण किया ।
श्रीलंका टापू के आवसीय क्षेत्र में आपदा के दृष्टिगत किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए क्षेत्र में आगामी तीन माह का ससमय राशन व दवाई की आपूर्ति की जा चुकी है।
साथ ही पशुचारा भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध करा दिया गया है। विदित है कि श्रीलंका टापू में लगभग 50 परिवार निवास करते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा की दृष्टि से यह अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है।
यहां के निवासियों को किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए उपजिलाधिकारी व तहसीलदार लालकुआं को नियमित अनुश्रवण के निर्देश दिए है।
इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी बाबू लाल, संदीप कुमार, अपरजिलाधिकारी अशोक जोशी, उपजिलाधिकारी मनीष सिंह, तहसीलदार हल्द्वानी संजय कुमार, लालकुआं
सचिन कुमार चौधरी, पान सिंह मेवाड़ी, प्रधान कमल दुर्गापाल, राजेश कुमार दानी, नन्दन सिह बोहरा, मोहन सिंह चौहान, कन्नूरवाली सहित अन्य उपस्थित थे।

