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नई दिल्ली, 29 अप्रैल । मुंबई में 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की महंगी आवासीय इकाइयों की
बिक्री वर्ष 2021 में दोगुना बढ़कर 20,255 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।

आवासीय ऋण पर ब्याज दरों के कम होने
और बड़े फ्लैटों की मांग बढ़ने से बिक्री में यह तेजी आई है।

इंडिया सोथबीज इंटरनेशलन रियल्टी और सीआरई मैट्रिक्स की एक साझा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। इसके
मुताबिक, मुंबई में एक साल पहले 2020 में नए घरों और पुराने घरों समेत कुल 9,492 करोड़ रुपये की महंगी
आवासीय संपत्तियों की बिक्री हुई थी।

कैलेंडर वर्ष 2021 में मुंबई में कुल 1,214 महंगी आवासीय इकाइयां बिकी थीं जबकि 2020 में यह संख्या महज
548 थी। मुंबई के वर्ली, लोअर परेल, बांद्रा, ताड़देव, प्रभादेवी और अंधेरी जैसे इलाकों में महंगी आवासीय संपत्तियों

की बिक्री अधिक हुई। मुंबई के कुल लग्जरी आवास खंड में अकेले वर्ली की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी है।
आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 में मुंबई के प्राथमिक बाजार (नए घरों की बिक्री) में 13,549 करोड़ रुपये में 848

इकाइयां बिकीं। इसके एक साल पहले 349 इकाइयां 6,275 करोड़ रुपये में बिकी थीं। शहर के द्वितीयक बाजार
(पुरानी इकाइयों की पुनर्बिक्री) में 366 इकाइयां 6,706 करोड़ रुपये में बिकीं जबकि 2020 में 199 इकाइयां 3,217
करोड़ रुपये में बिकी थीं।

इंडिया सोथबीज इंटरनेशल रियल्टी के अध्यक्ष अश्विन चड्ढा ने कहा, ‘‘पिछले वर्ष मुंबई के लग्जरी आवासीय बाजार
का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। यह लंदन, न्यूयॉर्क और दुबई समेत दुनियाभर में लग्जरी घरों की बिक्री की तरह

रहा। हमारा मानना है कि यह आवासीय रियल एस्टेट के लिए बहुत ही सकारात्मक शुरुआत है।’’
उन्होंने कहा कि मुंबई में मजबूत बिक्री के कारणों में बिल्डरों द्वारा छूट, महाराष्ट्र सरकार का स्टांप ड्यूटी में
रियायत देना आदि शामिल हैं।

सीआरई मैट्रिक्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और संस्थापक अभिषेक किरण गुप्ता ने कहा, ‘‘आवासीय कीमतें
पिछले पांच-छह वर्षों से लगभग एक-जैसी बनी हुई हैं और अमीर खरीदारों ने सही कीमत में अपनी संपत्ति बढ़ाने के

लिए इस अवसर का लाभ उठाया। ’’ इस साल जनवरी से मार्च के बीच मुंबई में 4,877 करोड़ रुपये में 306
लग्जरी इकाइयां बिक चुकी हैं।