इस मौके पर पूर्व सभासद व प्रसिद्ध शायर युसूफ सहसवानी ने अपनी शायरी से श्रद्धांजलि पेश की
इंडिया सावधान न्यूज़ मजहर अंसारी
लखनऊ ,बदायूं जनपद के तहसील सहसवान में एक दिवसीय आज़ाद विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।जानकारी के अनुसार मौलाना अबुल कलाम आजाद की पुण्यतिथि पर
पूर्व जिला पंचायत सदस्य व सपा राष्ट्रीय सचिव हाफिज इरफान के आवास पर स्वतंत्रता सेनानी व भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की पुण्यतिथि के अवसर पर मौलाना को खिराजे अकीदत पेश की उसके उपरांत एक कार्यक्रम आजाद विचार गोष्ठी नामक का आयोजन किया गया, कार्यक्रम का संचालन करते हुए
हाफिज इरफान ने कहा कि आजाद विचारों के बानी की यौमे वफात पर आजाद विचार गोष्टी रखने का मकसद आजाद विचारों के स्वतंत्रता को बगैर किसी बंधन के पार्टी संगठन जाति धर्म की बाधाओं को दूर करके एक स्वतंत्रता सेनानी को सच्ची श्रद्धांजलि पेश करना है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता व समाजसेवी हाजी डाक्टर मुनीर अख्तर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए
एकता के प्रतीक,सिद्धांतों पर चलना हम सब का कर्तव्य. डाक्टर मुनीर
कहा कि हजरत अबुल कलाम आजाद के यौमे वफात के मौके पर मैं अपनी मिल्लत के लोगों से कहना चाहूंगा कि हजरत अबुल कलाम आजाद के नक्शे कदम पर चल कर हिंदुस्तान के अंदर हिंदू मुस्लिम एकता को कायम करने का काम करें और हिंदुस्तान के हर नागरिक को अपना रिश्ता शिक्षा से जोड़ने एक ऐसा हिंदुस्तान बनाना जिसका सपना अबुल कलाम आजाद ने महात्मा गांधी के साथ देखा था,
उन्होंने कहा की हमारे बुजुर्गों ने जिन्होंने हिंदुस्तान की आजादी में बहुत अहम किरदार निभाया था आज इस मौके पर उन सभी को खिराजे अकीदत पेश करता हूं।
इस मौके पर पूर्व सभासद व प्रसिद्ध शायर युसूफ सहसवानी ने अपनी शायरी से श्रद्धांजलि पेश की, वहीं
अखिल भारतीय हिंदू महा भारतीय ब्राह्मण सभा के संगठन मंत्री पंडित धर्म देव तिवारी अपने वक्तव्य में कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद जी हमारे भारत वर्ष के लिए और भारत वासियों के लिए आदर्श हैं।
उनके सिद्धांतों पर चलना हम सब का कर्तव्य है।
समाजसेवी मुनाजिर हुसैन अंसारी ने कहा कि मौलाना की शख्सियत का लोहा पूरी दुनिया ने माना है।
अपने देश की सेवा के साथ-साथ उर्दू जबान के लिए भी बहुत कोशिशें की हैं।
गोष्ठी में कांग्रेस पार्टी के जिला उपाध्यक्ष जयराम जाटव ने मौलाना को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आजाद साहब हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतीक है ।
उनकी दी हुई शिक्षा और सिद्धांत से आज भी भारतवासी एकता की डोर से बंधे हुए हैं ।
कार्यक्रम में हाफिज़ इरफान ने फातिहा पढ़कर मौलाना को ईसाले सवाव किया, प्रदेश, और देश की तरक्की उन्नति अमन शांति के लिए सामूहिक दुआ कराई।उक्त गोष्ठी की अध्यक्षता हाजी जहीर अहमद अंसारी ने की, संचालन हाफिज इरफान ने किया,इस मौके पर सभासद,जुल्फिकार हुसैन अंसारी सभासद मेजुर्रहमान, हाफिज वक़ार कादरी,हाजी सगीर ,अफजल हुसैन, शाकिर अंसारी, डॉ सिराज, एजाज, ताहिर हुसैन, अमीरुल हसन, मुकर्रम, मुशाहिद हुसैन, इबादुर्रहमान , फारूक कुरेशी, गुलजार खान, वसीम सैफी ,अरशद शाह, अजमल हुसैन आदि मौजूद रहे।

