बचपन से ही मुझे बताया गया था लडके गंदे होते हैं लड़कों से सिर्फ काम भर की बातें करनी चाहिए
ज्यादा लगाओ ठीक नहीं है और यह चीज हमेशा से मेरे दिमाग में भरी हुई थी
इसी साल मेरे कॉलेज का रिजल्ट आया था और मैंने अपना ग्रेजुएशन कंप्लीट किया था,मैं उत्तर प्रदेश के छोटे से जिले से हूं जहां पर ग्रेजुएशन कंप्लीट होते-होते लड़कियों की शादी कर दी जाती है
इसलिए मेरे पापा और मेरे भाई और मेरी मां मेरे लिए रिश्ते देख रहे थे अलग-अलग साइट पर अलग-अलग फेसबुक ग्रुप पर मेरे लिए लड़के देखे जाते थे
एक दिन मेरे भाई की नजर फेसबुक ग्रुप के एक लड़के पर पड़ी जिनका नाम प्रदीप था प्रदीप दिखने में काफी ज्यादा सुंदर थे पढ़े लिखे थे और अच्छा व्यवसाय करते थे
मेरे भाई को लड़का काफी अच्छा लगा तो उन्होंने शादी की बात चलाई प्रदीप की दीदी ने हमें बताया की शादी में हमें किसी तरीके का दहेज नहीं चाहिए हमें तो बस एक चीज चाहिए और वह है लड़की अच्छी हो
प्रदीप अपने घर में अकेले थे एक बहन थी उनके अलावा घर में सिर्फ मां और उनके पिताजी थे मेरे भाई को यह रिश्ता काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था वह अकेले थे इसलिए नहीं बल्कि इसलिए कि उन्हें दहेज नहीं चाहिए था क्योंकि हमारी स्थिति ऐसी नहीं थी कि हम दहेज देकर बड़े घर में शादी कर सके और ऐसे में किसी ऐसे घर से रिश्ता जोड़ना जो बड़ा हो और आपसे दहेज भी ना ले रहा हो सपना के सच होने जैसा है
प्रदीप ने अपनी बहन से बोला की शादी से पहले मैं लड़की से बात करना चाहता हूं प्रदीप की बहन ने यह बात मेरे भाई के सामने रखी मेरे भाई ने बोला ठीक है हमें कोई आपत्ति नहीं है मेरी बहन समझदार है वह बात कर लेगी
पर सच तो यह था कि मैं आज तक जिंदगी में कभी किसी लड़के से बात नहीं की थी किसी लड़के से बात करना मेरे लिए एक अलग अनुभव था मुझे नहीं पता था लड़कों से कैसे बात की जाती है
मेरे भाई ने प्रदीप से बात की और उन्हें बोला मेरी बहन की इंस्टाग्राम आईडी आप ले लीजिए और वहां पर उस नंबर मांग लीजिए अगर वह कंफर्टेबल होगी तो आपको नंबर दे देगी
जिसे सुनने के बाद प्रदीप थोड़ा सा गुस्सा है और नाराजगी दिखाते हुए उन्होंने बोला कि यहां पर आपकी बहन की शादी की बात हो रही है तो अगर आपको सही लगे तो ही आप बात करवाइए यह कोई तरीका नहीं होता कि मैं किसी लड़की को मैसेज करके उससे उसका नंबर मांगू
भैया ने मुझे यह सारी बात बताई और मैंने हामी भर दी की ठीक है आप मेरा नंबर दे दीजिए
भैया ने ऐसा ही किया उन्होंने प्रदीप को मेरा नंबर दे दिया
अगले दिन प्रदीप का फोन मेरे पास आता है और वह कुछ बोलते हैं लेकिन मैं किसी भी चीज का जवाब नहीं दे पाती क्योंकि यह मेरे लिए बिल्कुल नया अनुभव था कि किसी लड़के से कैसे बात करनी है वह कैसे प्रश्न पूछ रहा है उसके जवाब कैसे देना है मेरे लिए काफी कठिन कार्य था
क्योंकि बचपन से मुझे यह सिखाया गया था कि लड़के गंदे होते हैं उन्हें सिर्फ और सिर्फ जरूरत के समय पर याद करना चाहिए
खैर हमारी बात शुरू होती है प्रदीप की उम्र मुझे 7 साल बड़े थे उन्होंने मुझसे पहली बात यही चीज पूछ पढ़ाई तो पूरी हो गई है आगे क्या करना है मेरे पास कोई जवाब नहीं था मैं उनसे बात करती पहले दिन तो मुझे अच्छा नहीं लगा लेकिन धीरे-धीरे मुझे अच्छा लगने लगा
अब वह समय आता है जब मेरे घर वाले प्रदीप के घर पर उन्हें और उनके परिवार से मिलने जाने वाले थे अब प्रदीप भी मुझे बात करने के तरीके से काफी ज्यादा अच्छे लगने लगे थे
मेरा जो कहना था कि लड़के अच्छे नहीं होते वह धीरे-धीरे खत्म होने लगा था ,प्रदीप से बात करके मुझे समझ में आया कि एक ऐसे इंसान है जिन्हें खाने से लेकर के सिनेमा तक की हर नॉलेज है व्यापार करने से लेकर नौकरी करने तक की हर फील्ड की नॉलेज उनके पास भर भर के है
यही नहीं बड़ों की रिस्पेक्ट कैसे करनी है लड़की से बात कैसे करनी है यह सारी बातें जैसे मानो उन्होंने कहीं पर सीखी हो
फिर वह दिन आ जाता है जिस दिन मेरे घर वाले प्रदीप के घर जाते हैं उनको देखने के लिए
घर पर जाने के बाद मेरे भाई प्रदीप से बात करते हैं मेरे पापा प्रदीप को देखते हैं घर काफी अच्छा था घर में किसी भी चीज की कोई कमी नहीं थी और परिवार भी काफी सुलझा और सच्चा था
वहां से घर आते ही मेरे पापा मुझे मिलते हैं और काफी खुश रहते हैं और उन्होंने मुझे बस एक बात बोली फोटो तो कुछ नहीं है लड़के को सामने से देखो बड़े-बड़े हीरो फेल है उसके आगे जिसे सुनने के बाद में काफी शर्मा गई
कुछ देर बाद मेरे भैया आते हैं और वह मुझसे बोलते हैं जानती हो जानवी प्रदीप जी से मेरी क्या बात हुई मैंने बोला हां भैया बताइए क्या बात हुई वह तुरंत बोलते हैं कि वह इतने अच्छे इंसान है कि वह कहते हैं कि अभी तो तुम्हारे बहन की जस्ट पढ़ाई कंप्लीट हुई है इतनी जल्दी शादी क्यों कर रहे हो
जिसे सुनकर मुझे काफी अच्छा लगा था इसके बाद भैया ने बताया कि वो बोल रहे थे अगर तुम्हारी बहन की उम्र की मेरी बहन होती तो मेरी पहली प्रायोरिटी उसकी पढ़ाई करना होता ना कि उसकी शादी के लिए लड़का ढूंढना नही
भैया खुशी खुशी मुझे यह चीज बता रहे थे और मुझे भी अच्छा लग रहा था तभी दूसरे दिन प्रदीप के घर से फोन आता है और प्रदीप की बहन मेरे भाई से बोलते हैं हम लोगों को आपके यहां आने में थोड़ा वक्त लगेगा अगर आपको ठीक लगे तो आप और भी जगह पर लडके देख सकते हैं
मेरा भाई का मन उदास हो गया उसने यह बात मेरे पापा को बताई पापा ने भी कुछ नहीं कहा मुझे भी काफी धक्का लगा मैंने सोचा कि प्रदीप को फोन करके उनसे बात की जाए कि आखिर क्या बात है
पर मैंने अपने आप को रोक लिया लेकिन दिन-रात मेरे दिमाग में यह बात चलती रहती आखिर ऐसा क्या हो गया
फिलहाल एक हफ्ते बाद मैं प्रदीप को कॉल किया और उनसे पूछा कि आपके घर वालों ने मना क्यों कर दिया जिस पर प्रदीप ने मुझसे कहा
जानवी तुमसे 20-25 दिन बात करके मुझे ऐसा लगा जैसे तुम्हें अभी सोशल चीजों को जानने की ज्यादा जरूरत है तुम्हारे लिए शादी से ज्यादा जरूरी पढ़ाई कर रहा है और समाज को समझना है अगर तुम एक बार इन चीजों को समझ लेती हो और अपनी पढ़ाई आगे रखती हो तो तुम्हें मुझसे कहीं ज्यादा बेहतर लड़का मिलेगा
मैंने उन्हें बोला पढ़ाई तो शादी के बाद भी हो सकती है फिर यह बहाना क्यों उन्होंने तुरंत जवाब दिया
हो सकता हूं तुम मुझे गलत समझो पर मेरी भी एक बहन है वह भी आगे पढ़ाई करना चाहती थी पर उसकी शादी कर दी गई और हर बार एग्जाम में एक या दो नंबर से उसकी रैंक रुक जाती वह कितनी भी कोशिश करती ससुराल वालों के सामने उसे काम करना ही पड़ता था और एक समय ऐसा आया की पढ़ाई उसकी पहले प्रायोरिटी नहीं बल्कि सास ससुर की सेवा और पति की देखभाल करना उसकी प्रायोरिटी बन गई
मैं नहीं चाहता कि तुम्हारे जैसे टैलेंट वाली लड़की इस जाल में फंसे मेरे हिसाब से तुम्हें भी पढ़ाई करनी चाहिए और अपने करियर के बारे में सोचना चाहिए लेकिन अगर तुम्हें लगता है कि मेरी बात गलत है और तुम इन चीजों को आगे जाकर मैनेज कर सकती हो तो हम कुछ दिन बाद तुम्हारे घर तुम्हें देखने आ जाएंगे
प्रदीप की बात सुनकर के मैं सच में सोच में पड़ गई कि मुझे क्या करना चाहिए और मैं अलग-अलग जगह पर इसके बारे में ढूंढना शुरू किया अपने दोस्तों से बात करना शुरू किया जिनकी शादियां हो चुकी थी पर अब मुझे धीरे-धीरे पता चलने लगा था कि प्रदीप की एक-एक बात सही थी
कुछ समय बीतने के बाद मैं एमसीए में एडमिशन लिया और अपने आगे की पढ़ाई करने के लिए कॉलेज जाने लगी क्योंकि कॉलेज काफी बड़ा था और यहां पर अलग-अलग तरीके के लोग रहते थे जिससे मुझे सोशल चीजों के बारे में जानकारी हुई लोगों से कैसे मिलना है कैसे बात करना है कैसे किसी के बारे में जाना जा सकता है यह सारी बातें मुझे कॉलेज जाने के बाद पता चले मुझे यह पता चला कि यहां पर लोग अपने काम निकलवाने के लिए आपके सामने अच्छा बन सकते हैं
धीरे-धीरे मेरा एमसीए कंप्लीट हो गया और मेरी प्लेसमेंट एक अच्छे कंपनी में हो गई इन सभी चीजों को होने में 3 साल का समय लगा लेकिन आज मैं अपने पैर पर खड़ी हूं प्रदीप से मेरी बात हुई 4 साल से ज्यादा का समय बीत चुका है
वह कहां है क्या करते हैं मुझे इसकी कोई भी जानकारी नहीं
पर बोलते हैं ना आपकी जिंदगी में कभी ना कभी कोई ऐसा ऐसा है जो आपकी जिंदगी को बदल कर रख देता है
मेरी जिंदगी में वह इंसान प्रदीप थे जिनकी सूझबूझ और अच्छी नॉलेज की वजह से मेरे परिवार वालों ने मेरी आगे की पढ़ाई कराई और उनकी बातें मेरे दिमाग में घूमती थी जिसकी वजह से मैंने पढ़ाई में अच्छा परफॉर्मेंस दिया और मेरी नौकरी एक अच्छी संस्था में लगी
आज शादी के लिए हर दूसरे दिन नए रिश्ते आते हैं लेकिन प्रदीप से हुई वह 15 दिन की बात आज भी मेरे दिलो दिमाग में ताजा हैं
प्रदीप एक ऐसे शख्स थे जिन्होंने मेरी जिंदगी बदल कर रख दी एक लड़की जिसकी शादी हो जाती और वह घर की जिम्मेदारियां में व्यस्त रहती से उन्होंने मुझे एक इंडिपेंडेंस पैसे कमाने वाली और सोशल चीजों को समझने वाली लड़की में बदल के रख दिया
यदि आज प्रदीप मुझे मिलते हैं तो मैं उन्हें गले लगाकर शुक्रिया अदा करना चाहूंगी पर वह कहां है क्या कर रहे हैं किसके साथ है मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है
कभी-कभी मुझे लगता है कि भगवान ने प्रदीप को मेरी जिंदगी में सिर्फ इसी मकसद के लिए भेजा था वह मकसद पूरा हो गया और वह फरिश्ता भी हमसे दूर चला गया
हमारी कहानी इस पेज के माध्यम से मैंने यह स्टोरी आप लोगों तक शेयर की है आप लोगों को यह कैसी लगी मुझे जरूर बताइए

