इंडिया सावधान न्यूज़
लखनऊ सपा मुखिया एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज बड़ी कारवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी प्रदेश अध्यक्ष को छोड़कर समाजवादी पार्टी की सभी इकाइयों तथा सभी युवा संगठनों, महिला सभा एवं
अन्य सभी प्रकोष्ठों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, सहित राष्ट्रीय, राज्य कार्यकारिणी को भंग किया गया है साथ ही
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2022 के रिजल्ट के बाद पहली बार बड़ा इतना ऐक्शन लिया है यूपी
चुनाव के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 111 सीटों पर पार्टी को मिली जीत को उपलब्धि के रूप में पेश किया पार्टी को मिले वोटों के आधार पर सपा मुखिया अखिलेश ने भाजपा से हार स्वीकार नहीं करने का फैसला लिया है वहीं ऐसे में
सपा के तमाम सहयोगी दलों ने हार के बाद पार्टी की प्रदेश स्तर की इकाइयों को भंग कर खुद नए सिरे से खड़ा करने की रणनीति अपनाई है,और समाजवादी पार्टी अपने स्टैंड पर कायम रही लेकिन अभी हाल ही में हुए लोक सभा उपचुनावों में
आजमगढ़ और रामपुर में पार्टी को मिली करारी हार ने अखिलेश यादव को सोचने पर मजबूर कर दिया और उधर मुस्लिम मतदाता भी खासा नाराज चलते देख प्रदेश स्तर तक की पार्टी की सभी सभी इकाइयों को भंग करने का काम किया है।
जानकारी के अनुसार सपा मुखिया अखिलेश यादव की इस रणनीति को वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है
वहीं पार्टी इकाइयों को भंग करने के बाद अब प्रदेश स्तर पर एक बार फिर मजबूती के साथ नई सपा को खड़ा करने की कोशिश की जा रही है जानकारों का मानना है कि ऐसे में संगठनात्मक चुनाव की भी तैयारी हो सकती है इससे पार्टी को
निचले स्तर पर मोबिलाइज करने में मदद मिलने की उम्मीद नजर आ रही है, सपा के इस ऐक्शन को काफी गंभीरता से देखा जा रहा है उधर यह भी माना जा रहा कि अब अखिलेश संगठन में पूरी तरह से बदलाव करने जा रहे हैं जबकि अब
तक के इस संगठन में मुलायम सिंह यादव का प्रभाव देखा जा सकता था मगर अब अखिलेश यादव इस नई सपा की नई सोच को बूथ स्तर तक तक ले जाने की कवायद करते हुए भारी फेर बदल कर सकते हैं,
यह कहना गलत नहीं होगा कि जिस तरह सपा से उसका बेस वोट यादव मतदाता धीरे धीरे भाजपा की और जाता हुआ नजर आ रहा है
उसको रोकने के लिए भी अखिलेश यादव कोई नया फार्मूला लाकर संगठन में जान फूंकने का काम काम कर सकते हैं।

