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नई दिल्ली, 02 मई । विमानन नियामक डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) ने सोमवार को कहा
कि उसने मुंबई-दुर्गापुर उड़ान मामले की जांच के लिए एक बहुआयामी टीम गठित की है।

दरअसल, स्पाइसजेट की मुंबई-दुर्गापुर उड़ान को हवाईअड्डे पर उतरते समय रविवार को गंभीर वायुमंडलीय विक्षोभ
का सामना करना पड़ा, जिस दौरान उसमें सवार 15 लोग घायल हो गए।

स्पाइसजेट ने सोमवार को कहा कि एक मई को मुंबई-दुर्गापुर उड़ान में सीट बेल्ट का संकेत चालू अवस्था में था
और चालक दल के सदस्यों द्वारा कई बार घोषणा कर यात्रियों से सीट बेल्ट बांधे रखने को कहा गया था।

विमानन कंपनी ने यह भी सूचित किया कि उक्त उड़ान के चालक दल का ‘‘इस्तेमाल’’जांच लंबित होने तक नहीं
किया जा रहा है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर कहा, ‘‘दुर्गापुर में उतरते समय एक उड़ान में हुई
गड़बड़ी और यात्रियों को हुई क्षति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। डीजीसीए ने घटना की जांच के लिए एक टीम गठित की
है।’’

उन्होंने कहा कि इस मामले को पूरी गंभीरता और कुशलता के साथ निपटाया जा रहा है।
सिंधिया ने कहा,

‘‘जांच पूरी होने के बाद घटना के कारणों के बारे में अधिक जानकारी साझा की जाएगी।’’
डीजीसीए के अधिकारियों ने कहा कि इस उड़ान में 12 यात्री और चालक दल के तीन सदस्यों समेत कुल 15 लोग
घायल हो गए थे।

डीजीसीए प्रमुख अरुण कुमार ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”हमने इस घटना की नियामकीय जांच करने के लिए एक
बहुआयामी टीम गठित की है।”

स्पाइसजेट ने सोमवार को कहा कि मुंबई-दुर्गापुर उड़ान (एसजी-945)में रविवार को हादसे के समय सीट बेल्ट साइन
ऑन था और चालक दल के सदस्यों की ओर से यात्रियों को बैठे रहने के लिए कई बार घोषणाएं की गईं थीं।

स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘एक मई को मुंबई से दुर्गापुर जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ान एसजी-945 पर यात्रा
करने वाले 11 यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था,

जिन्हें उतरने के दौरान गंभीर वायुमंडलीय विक्षोभ का
सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप कुछ यात्रियों को चोटें आईं।’’

प्रवक्ता के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती आठ लोगों को छुट्टी दे दी गयी है। उन्होंने कहा कि कंपनी घायल लोगों
की हर संभव मदद कर रही है।

प्रवक्ता ने बताया कि विमान के दुर्गापुर में उतरने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध करायी गयी।