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कोलंबो, 16 अप्रैल । श्रीलंका की सेना ने शनिवार को कहा कि वह संविधान की रक्षा करेगी और देश में
आर्थिक संकट के बीच जारी सरकार-विरोधी शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में हस्तक्षेप नहीं करेगी।

सोशल मीडिया पर अटकलें जतायी गईं हैं कि राष्ट्रपति सचिवालय के पास सप्ताह भर से जारी विरोध-प्रदर्शन को
दबाने के लिए सरकार सेना का उपयोग कर सकती है। इस बीच,

श्रीलंका की सेना ने एक बयान में कहा कि वह
सरकार-विरोधी प्रदर्शनों को दबाने के लिए हिंसा का सहारा नहीं लेगी।

बयान में कहा गया, ;पिछले कुछ दिन इस बात के गवाह रहे हैं कि सैनिकों ने किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन में
हस्तक्षेप नहीं किया है।;

सेना ने उन अटकलों को भी खारिज किया कि उसे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई करने और उनसे
निपटने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

श्रीलंका 1948 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से अब तक के सबसे बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रहा है,
जिसके विरोध में लोग सरकार के विरोध में सड़कों पर उतरे हैं।