नई दिल्ली, 07 मार्च (वेब वार्ता) केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को प्रधानमंत्री श्रम योगी
मान-धन (पीएम-एसवाईएम) पेंशन योजना के तहत ‘दान-ए-पेंशन’ की घोषणा की जिसमें घरों और प्रतिष्ठानों में
काम करने वाले कामगारों, ड्राइवरों, सहायकों हेल्पर, देखभाल करने वालों, नर्सों जैसे अपने तत्काल सहायक
कर्मचारियों के प्रीमियम योगदान किया जा सकता है।
श्री यादव ने ई-श्रम पोर्टल पर 25 करोड़ से ज्यादा पंजीकरण होने के उपलक्ष में आयोजित एक कार्यक्रम को
संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना के तहत दाता किसी भी समय के लिए सहायक की ओर से योगदान का
भुगतान कर सकता है।
इसलिए यह पहल से लोगों के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी किसी के दैनिक
कामकाज करते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने स्वयं अपने घरेलू कामगारों और सहायकों को पेंशन दान करके इस योजना की शुरुआत की और
कामना की कि उनका बुढ़ापा बेहतर होगा। पीएम-एसवाईएम के माध्यम से 3000 रुपये की मासिक सुनिश्चित
पेंशन के रूप में घरेलू कामगारों को वृद्धावस्था में मिलेगी। इस अवसर पर राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने भी
उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि ई श्रम पोर्टल ने “सबका साथ-सबका विकास-सबका प्रयास-सबका प्रयास” के आदर्श वाक्य को पूरा
किया है।
छह महीने से भी कम समय में 25 करोड़ पंजीकरण सामूहिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है। ई. श्रम पोर्टल
पर उत्तरप्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड अग्रणी राज्य हैं। जम्मू कश्मीर, दिल्ली और चंडीगढ़ अग्रणी केंद्र शासित प्रदेश
थे।
उन्होंने बताया कि उमंग मोबाइल एप्लिकेशन पर अब ईएसएचआरएम पोर्टल भी उपलब्ध कराया गया है, जिसके
माध्यम से असंगठित श्रमिक आसानी से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
उन्हें अपने घर की सुविधा से ई. श्रम पर
खुद को पंजीकृत करने का अधिकार है।

