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इंडिया सावधान न्यूज़ मजहर अंसारी

लखनऊ, बदायूं जिला चिकित्सालय की मोर्चरी से शव की हुई दोनो आंखें चोरी, पुलिस ने शव को रखवाया था मोर्चरी में ,चिकित्सालय प्रशासन ने जताई अनिभिग्यता आखिर मृतक की आंखें ले गया कोन,

सूत्रों सैली जानकारी के अनुसार जिला जेल बदायूं में कैदी ने की थी आत्महत्या जिला चिकित्सालय मोर्चरीसे से अजीबो गरीब मामला सामने आया है

जेल में बंद कैदी गैंगस्टार में निरुद्ध अतरौली जनपद अलीगढ़ निवासी भोलू शर्मा पुत्र राम गोपाल जिसकी आयु लगभग सत्ताईस वर्ष जो कि जिला कारागार विगत 20 सितबर 2020 से बदायूं जेल में कैदी था वहीं रविवार को उसने खुद फांसी

लगाकर अपनी जान दे दी बताया जाता है कि मृतक अपने परिजनों से नाराज़ चल रहा था परिजनों ने उससे मुलाकात को लेकर कभी ध्यान नहीं दिया

और उस से मिलने की न कभी गंभीरता दिखाई जिससे वह बहुत ही परेशान रहता था। बताया जाता है कि उसके साथ कुछ जेल में बंद बंदियों ने किसी माध्यम से मृतक की जमानत अर्जी कोर्ट में पेश कराने का काम किया था व

हीं उसकी जमानत भी मंजूर हो गयी थी इसके बावजूद उसका कोई परिजन उससे मिलने तक नहीं पहुंचा इन सब बातों से छुब्ध था जिसके चलते उसने रविवार दोपहर लगभग एक बजे उसने फांसी पर झूलकर मौत को गले लगा लिया,

जानकारी के अनुसार जेल प्रशासन ने मृतक बंदी का शव मोर्चरी में रखवा दिया था

और उसके परिजनों को उसकी फांसी लगाकर मृत्यु हो जाने की सूचना दे दी थी ।

वहीं जब पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा तो पाया कि उसकी दोनो आंखें गायब थीं जबकि मोर्चरी में अंदर जाने का एक ही रास्ता है

और उसमें ताला लगा हुआ था यह सब देख मृतक के परिजनों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए उप जिलाधिकारी को जांच जिम्मा सौंपा गया है,

वहीं मृतका कैदी की दोनो आंखें चोरी होने में जिला चिकित्सा अधीक्षक बदायूं की भूमिका संदिग्ध नजर आती है और मोर्चरी की ,

बदायूं जिला प्रदेश का ऐसा पहला जिला बन गया है जिसमें शव की दोनों आंखें मोर्चरी से चोरी हो जाती हैं जिसकी किसी को खबर तक नहीं सब अपना अपना पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं,

अब सवाल उठता है कि जिंदा तो जिंदा मुर्दा इंसान का शव भी सुरक्षित नहीं है ।

वाले कैदी की लाश की आंखें गायब मिली हैं जिला जेल में गैंगस्टर मामले में चार साल के लिये निरुद्ध कैदी ने रविवार दोपहर बाथरूम में थैले की प्लास्टिक और गमछे से फांसी का फंदे पर झूल कर जान दे दी। जानकारी होने पर जेल सुरक्षा कर्मी कैदी को जिला अस्पताल लेकर आये।

जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल प्रशासन ने मृतक कैदी के परिजनों को सूचना देकर बुलाया गया है।

अलीगढ़ के अतरौली थाना क्षेत्र के गांव नहल गांव निवासी भोलू शर्मा (27) पुत्र राम गोपाल जिला जेल में कैदी था। जेल प्रशासन के मुताबिक,

संभल के धनारी थाने की पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। इस दौरान उसे चार साल की सजा हो गयी। इसी के तहत गिरफ्तारी के बाद उसे 20 सितंबर 2020 को यहां की जेल में लाया गया था।

उसने बथरूम में थैले के हैंडल की प्लास्टिक और गमछे के सहारे फांसी का फंदा तैयार किया और उसके सहारे खिड़की से फंदा बांधकर लटक गया। जिसके शव को जिला अस्पताल के मोर्चरी में रखवा दिया था।

पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा तो मृतक के शव से दोनों आंखे गायब मिली। इस बात को लेकर परिजन भड़क उठे उन्होंने कहा कि जब मोर्चरी के कमरे में ताला बंद था तो दोनो आंखे कैसे गायब हो गई।

इस बात को लेकर परिजनों जिलाधिकारी से शिकायत की हैं जिसमें एसडीएम के द्वारा जांच कर रहे हैं। जांच के बाद सीएमएस की व्यवस्था पर उठ रहा है

बड़ा सवाल, बंद कमरे से कैसे हो गई कैदी की दोनों आंखे गायब जबकि कमरे में ऐसा कोई रास्ता नहीं हैं कि कोई जीव जंतु भी घुस सके। सवाल यह है कि शव से आखिर आंखे ही क्यों गायब हुई।

सीएमएस ने जिम्मेदारी से झाड़ा पल्ला –

उसकी लाश को जिला अस्‍पताल की मोर्चरी में रखा गया था।

जिला जेल में खुदकुशी के बाद जिला अस्‍पताल लाए गए शव की आंखें सही सलामत थीं। ऐसे में उसकी आंखें गायब हो जाने को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

मोर्चरी से उसकी लाश को पोस्‍टमार्टम के लिए ले जाते वक्‍त दोनों आंखें गायब मिलीं।

इस बारे में जिला अस्पताल के सीएमएस ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया तो भोलू शर्मा के परिवारीजनों ने जिलाधिकारी से सीएमएस की शिकायत की है।

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