शिमला, 07 मई । हिमाचल प्रदेश में मौसम की मार झेल रहे किसानों के प्रति आम आदमी पार्टी ने
गहरी चिंता व्यक्त की है।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता गौरव शर्मा ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई
की मांग की है।
उन्होंने कहा कि भारी ओलावृष्टि से खेतों में लगी फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है जिससे
किसानों की चिंता बढ़ गई है।
पहले एक ओर जहां करीब 2 माह तक बारिश की कमी के चलते सूखे के संकट से
उनकी फसल खराब हुईं है
तो अब दूसरी ओर अचानक हुई भारी ओलावृष्टि से किसानों और बागवानों को भारी
नुकसान झेलना पड़ा है।
ऐसे में आम आदमी पार्टी प्रदेश सरकार से मांग की,है कि भारी ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन कर
किसानों और बागवानों को दिल्ली की तर्ज पर मुआवजा दिया जाए। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि भारी
ओलावृष्टि से कोई भी जिला ऐसा नहीं छूटा है जहां ओलावृष्टि ने अपना कहर ना बरपाया हो।ओलावृष्टि ने जहां
जिला शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में सेब समेत जो गुठलीदार फल पौधे हैं जिसमें आड़ू बदाम, खुमानी, पलम, चेरी को
नुकसान पहुंचाया है तो वहीं निचले और मध्य क्षेत्र जिसमें कांगड़ा, मंडी, ऊना,हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन,कुल्लू,
सिरमौर, किन्नौर जिलों के किसानों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।
उनके खेतों में लगी गेहूं, जौ, मटर, टमाटर
और अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
गौरव शर्मा ने कहा कि किसानों और बागवानों को दूसरे राज्यों की तरह यहां की मुख्य फसल सेब और अन्य
फसलों जैसे टमाटर, अदरक, मटर जैसी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बाज़ार की कीमत के मुताबिक दिया
जाए। उन्होंने कहा कि एक ओर पहले ही सर्दियों में हुई बेमौसमी बर्फबारी के चलते लाखों का नुकसान हुआ है तो
अब एक बार फिर से बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के मुख्य आय के साधन व खेत मे लगी फसलों
को बर्बाद कर दिया है।
ऐसे में आम आदमी पार्टी प्रदेश सरकार से मांग करती है कि जल्द से जल्द प्रभावित
किसानों और बागवानों की फसलों का आकलन कर मुआवजा दिया जाए।
ताकि किसानों को आर्थिक तंगी का
सामना न करना पड़े।

